शाबाश हरियाणा ! बेटियां बचाने में मारी बाजी, पहली बार 918 तक पहुंचा लिंगानुपात
साल के अंत तक 920 पार करने की उम्मीद
10 अगस्त 2019, 2:27 PM
मीडिया जंक्शन। प्रवीन कम्बोज
चंडीगढ़। हरियाणा में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के सराहनीय परिणाम दिखाई देने लगे हैं। हरियाणा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब प्रदेश में लिंगानुपात 918 तक पहुंचा हो। साल के अंत तक प्रदेश का लिंगानुपात 920 से ऊपर पहुंचने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के परियोजना निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2014 में 1000 लड़कों पर लड़कियों की संख्या 871, 2015 में 876, 2016 में 900, 2017-18 में 914 थी जबकि जून, 2019 तक यह संख्या 918 है। डॉ. राकेश गुप्ता ने बेटियों को बचाने के लिए किए गए बेहतर प्रदर्शन के लिए पंचकूला, हिसार, यमुनानगर, नारनौल और अंबाला जिला प्रशासन की सराहना की। इसके अलावा उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीएनडीटी, एमटीपी व पॉक्सो एक्ट में जहां-जहां त्रुटियां हैं, उन्हें दूर किया जाए और तत्पर्ता से कार्य करें। डॉ. गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को लिंगानुपात में और अधिक सुधार लाने के निर्देश दिए। छापामारी अभियान में तेजी लाई जाए। लिंगानुपात की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को एक टीम के रूप में ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लिंग जांच व कन्या भ्रूण हत्या में शामिल लोग किसी भी सूरत में बचने न पाएं।
8 साल पहले 830 था हरियाणा का लिंगानुपात
महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 22 जनवरी 2015 को पानीपत से शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य लिंग जांच के बाद गर्भपात को रोकना, लड़कियों का जीवन सुनिश्चित करना, उनकी शिक्षा और सशक्तिकरण करना शामिल है। राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों के उत्साहजनक परिणाम आए हैं और यह दूसरे राज्यों के लिए एक आदर्श बन गया है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार हरियाणा में जन्म के समय लिंगानुपात 830 था जो दिसंबर, 2018 में बढकर 914 हो गया और जून, 2019 तक यह बढकर 918 हो गया है।
साल 2016 मेंं हरियाणा को मिल चुका नारी शक्ति पुरस्कार
जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार के लिए हरियाणा को 8 मार्च, 2016 को राष्ट्रपति भवन में नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार, 24 जनवरी, 2017 को जिला यमुनानगर को बालिका शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। जिला सोनीपत ने 08 मार्च, 2018 को पूर्व गभार्धान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसी एण्ड पीएनडीटी) अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए पुरस्कार प्राप्त किया।
बालिका दिवस पर मिले यह 4 पुरस्कार
प्रवक्ता ने बताया कि 24 जनवरी, 2019 को राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर हरियाणा ने विभिन्न श्रेणियों में चार पुरस्कार प्राप्त किए।बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के लिए सम्पूर्ण सहायता, मार्गदर्शन, निगरानी और लक्ष्य हासिल करने के लिए हरियाणा राज्य को पुरस्कृत किया गया। इसी तरह, प्रभावी सामुदायिक जुड़ाव के लिए जिला करनाल को, पूर्व गभार्धान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसी एण्ड पीएनडीटी) अधिनियम लागू करने के लिए जिला कुरुक्षेत्र को और बालिका शिक्षा को सक्षम बनाने के लिए जिला झज्जर को पुरस्कार से नवाजा गया।


0 Comments