मुख्यमंत्री मनोहर लाल का हरियाणावासियों के नाम संदेश, जरूर पढ़ें
मैं मनोहर लाल खट्टर ! जब हाई कमान ने मुझे मुख्यमंत्री पद की जिम्मेवारी सौंपी थी,तब बहुत चुनौतियां थी मेरे सामने। पार्टी के बाहर तो बड़े-बड़े धुरंधर थे और पार्टी के अंदर भी बहुत से लोग जो मेरे खिलाफ थे लेकिन मैंने साथ के लिए आप लोगों को चुना। मुझसे कुछ गलतियां भी हुई, उनके लिए क्षमाप्रार्थी।
मैंने पाया कि सारा सिस्टम भ्रष्टाचार से भरा पड़ा है और मैंने उसी पर चोट मारी और काफी हद तक सफलता भी हाथ लगी और आप लोगों ने जो साथ दिया उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। आप लोग ही मेरा परिवार हैं।
मैने पाया कि मेरे परिवार के युवा हौंसला तोड़ चुके हैं। वे किताबों को उठाने की बजाय नेता के चाय का कप उठाना चाहते हैं और गरीब व किसान के बेटे सरकारी नोकरी की उम्मीद ही छोड़ चुके हैं।मैने उस सिस्टम को बदला और आज हर युवा के हाथ में किताब देखी मैंने , दिल को खुशी मिलती है। आप लोग ही मेरे साथी हैं, आप ही मेरा परिवार हैं, साथ बनाये रखना ।
मैने देखा कि एक विधायक के आगे-पीछे युवा घूम रहे हैं, लेकिन मैंने सिस्टम को बदला और आज मुख्यमंत्री के आगे-पीछे भी भीड़ नहीं होती।
आज मैं खुश हूं औरजब तक मैं हूं आपको किसी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है और कल का पता नहीं मैं रहूं या न रहूं ।
मेरा आपसे यही निवेदन ह की अपना वोट सोच समझकर देना। आज कैसा है और कल क्या था, ये जरूर सोच लेना।
जय हिन्द। जय भारत । जय हरियाणा
मेरे प्रदेशवशियो ये संदेश जन जन तक पहुँचा देना । शेयर करें....
मैं मनोहर लाल खट्टर ! जब हाई कमान ने मुझे मुख्यमंत्री पद की जिम्मेवारी सौंपी थी,तब बहुत चुनौतियां थी मेरे सामने। पार्टी के बाहर तो बड़े-बड़े धुरंधर थे और पार्टी के अंदर भी बहुत से लोग जो मेरे खिलाफ थे लेकिन मैंने साथ के लिए आप लोगों को चुना। मुझसे कुछ गलतियां भी हुई, उनके लिए क्षमाप्रार्थी।
मैंने पाया कि सारा सिस्टम भ्रष्टाचार से भरा पड़ा है और मैंने उसी पर चोट मारी और काफी हद तक सफलता भी हाथ लगी और आप लोगों ने जो साथ दिया उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। आप लोग ही मेरा परिवार हैं।
मैने पाया कि मेरे परिवार के युवा हौंसला तोड़ चुके हैं। वे किताबों को उठाने की बजाय नेता के चाय का कप उठाना चाहते हैं और गरीब व किसान के बेटे सरकारी नोकरी की उम्मीद ही छोड़ चुके हैं।मैने उस सिस्टम को बदला और आज हर युवा के हाथ में किताब देखी मैंने , दिल को खुशी मिलती है। आप लोग ही मेरे साथी हैं, आप ही मेरा परिवार हैं, साथ बनाये रखना ।
मैने देखा कि एक विधायक के आगे-पीछे युवा घूम रहे हैं, लेकिन मैंने सिस्टम को बदला और आज मुख्यमंत्री के आगे-पीछे भी भीड़ नहीं होती।
आज मैं खुश हूं औरजब तक मैं हूं आपको किसी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है और कल का पता नहीं मैं रहूं या न रहूं ।
मेरा आपसे यही निवेदन ह की अपना वोट सोच समझकर देना। आज कैसा है और कल क्या था, ये जरूर सोच लेना।
जय हिन्द। जय भारत । जय हरियाणा
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