फेस-टू-फेस : नशा रोकने में डेरा सच्चा सौदा का बड़ा योगदान, अगस्त 2017 के डेरा प्रकरण के बाद से ही फल-फूल गया नशा कारोबार : नवीन केडिया


फेस-टू-फेस : सिरसा विधानसभा सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व टिकट के दावेदार नवीन केडिया से हरियाणा मीडिया जंक्शन की खास बातचीत

सिरसा में नशा रोकने में डेरा सच्चा सौदा का बड़ा योगदान, अगस्त 2017 के डेरा प्रकरण के बाद से ही फल-फूल गया नशा कारोबार : नवीन केडिया


हरियाणा विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। सभी राजनीतिक दल योद्धाओं के नाम पर मंथन कर रहे हैं। भाजपा व जेजेपी जहां अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान आज करने जा रही है वहीं कांग्रेस भी कल तक अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर देगी। भले ही टिकटों की घोषणा अभी नहीं हुई है लेकिन सभी सीटों पर चुनावी पारा पूरी तरह से गर्म हो चुका है। सीटों पर दावेदारी जताई जा रही है। सिरसा विधानसभा सीट पर कांग्रेस में टिकट के प्रबल दावेदार नवीन केडिया से हरियाणा मीडिया जंक्शन ने चुनाव की तैयारियों से लेकर विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं व भविष्य की प्लानिंग को लेकर विशेष बातचीत की। नवीन केडिया ने भी बड़ी ही बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने सिरसा में लगातार फल-फूल रहे नशा कारोबार पर चिंता जताते हुए दो टूक कहा कि डेरा प्रकरण के बाद से ही सिरसा में नशा कारोबार में तेजी आई है। पेश हैं हरियाणा मीडिया जंक्शन के मुख्य संपादक संदीप कम्बोज व सिरसा ब्यूरो चीफ गौरव सोनी कोटली के साथ उनकी बातचीत के कुछ खास अंश:-

हरियाणा मीडिया जंक्शन। गौरव सोनी कोटली 
29 सितंबर 2019, 11:25 AM 

सवाल :  नवीन जी  आप समाजसेवक हैं, राजनीति में आने का मकसद क्या है और आप विधायक ही क्यों बनना चाहते हैं? 
जवाब : समाजसेवा मेरा कर्म और धर्म है। सालों से समाजसेवा करता आ रहा हूं। सनातन धर्म सभा का अध्यक्ष हूं। संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा हूं। संस्कृत महाविद्यालय खोला है जिसमें फ्री शिक्षा के साथ-साथ आवास, रहने- खाने व ड्रेस की सुविधाएं भी फ्री दी जा रही हैं। इसमें मेरा कोई राजनीतिक स्वार्थ नहीं है। आज सिस्टम इतना ज्यादा भ्रष्ट हो चुका है कि राजनीतिक ताकत के बिना कुछ भी संभव नहीं है।

सवाल : आप जिस पार्टी से हैं, उस पर भी तो भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े दाग हैं,क्या कहेंगे आप? 
जवाब : कांग्रेस पर जितने भी घोटालों के आरोप हैं क्या कोई एक भी सिद्ध हुआ, क्या एक भी नेता को अंदर किया। 2014 में मोदी जी कहते थे कि भाजपा सरकार आने पर 2 महीने के भीतर सभी घोटालों के आरोपियों को अंदर कर देंगे। जब कोई घोटाला हुआ ही नहीं तो अंदर किसे करेंगे। पूर्व वित्त मंत्री को भी षडयंत्र के तहत फंसाया गया है। किस तरह से उन्हें चोरों की तरह पकड़कर ले गए। क्या यह अच्छी बात है।

सवाल : मनोहर सरकार के 5 साल के कामकाज के बारे में क्या कहेंगे? 
जवाब : भाजपा सरकार केवल और केवल मुखौटा सरकार है। बात कमेरे वर्ग की करती है, किसान की करती है लेकिन किया कुछ है नहीं। नगरपालिका ने 5 साल में कोई काम नहीं किया। 70 करोड़ रूपया बकाया पड़ा था। हमने धरने दे देकर काम शुरु करवाया लेकिन अब आचार संहिता लगने के कारण फिर से रूक गया।

सवाल : भाजपा कह रही है कि हमने बिना खर्ची-पर्ची पूरी पारदर्शिता से नौकरियां दी, क्या कहेंगे आप? 
जवाब : नौकरियों में पारदर्शिता केवल ओर केवल ड्रामा है। पीएचडी को पीअन लगा रहे हो, एमएससी को पीअन लगा रहे हो, डिग्री होल्डर बेलदारी कर रहे हैं। यह नौकरी नहीं डिग्रीयों का अपमान है। यह कैसी पारदर्शिता है, पानी पीने वाला 10वीं व 10+2 पास है और पानी पिलाने वाला एमएससी/बीएड है। सिर्फ नौकरियों में पारदर्शिता का ढ़िंढ़ोरा पिटा जा रहा है।  एसडीओ तो सारे गुजरात के लगा दिए, क्या हरियाणा के युवा सिर्फ  पीअन की नौकरी ही बची है क्या। कौन सी बिना खर्ची-बिना पर्ची की बात करती है यह भाजपा। 5 साल में कितने पेपर लीक हुए हैं, तहसीलदार परीक्षा में तो सरासर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं।

सवाल : डेरा प्रकरण पर क्या कहेंगे आप, क्या इससे सिरसा को भी कुछ नुक्सान हुआ ? 
जवाब : डेरा सच्चा सौदा हमेशा से ही इलाके के लिए लाभकारी रहा है। चाहे वह सफाई अभियान की बात हो या रक्तदान की। डेरा प्रेमी इलाके के लिए फरिश्ते साबित हुए हैं। सिरसा में जब भी गंदगी फैलती, सैकड़ों टन कूड़ा एक ही दिन में उठाकर बाहर कर देते थे। सिरसा ही नहीं हिन्दुस्तान में कहीं भी आज भी अगर ब्ल्ड की जरूरत पड़ती है तो ये वहीं जाकर अपना खून देने को हर समय तैयार रहते हैं। डेरा सच्चा सौदा पर की गई कार्रवाई के बाद शहर भर का व्यापार ठप हो गया। और सबसे बड़ा जो नुक्सान सिरसा को हुआ, वह है नशे के फलते-फूलते कारोबार का। इधर से डेरा में सत्संग व अन्य गतिविधियां बंद हुई, उधर से नशे ने पैर पसारने शुर कर दिए। आज सिरसा में जिस तरह से नशे का गढ़ बन चुका है, यह सब 2017 के डेरा प्रकरण के बाद ही हुआ है। सरकार ने यह सब षडयंत्र के तहत किया है। डेरा सेवादारों को बहुत ज्यादा प्रताड़ित किया गया, पुलिस द्वारा खुली लूट मचाई गई जो आज भी जारी है। पुलिस द्वारा प्रेमियों को फर्जी मुकदमों में फंसाया गया। आज भी पुलिस द्वारा डेरा प्रेमियों पर नाजायज अत्याचार किए जा रहे हैं और लूट-खसोट का खेल जारी है जो कि भाजपा सरकार का असली चेहरा दर्शा रहा है। आज भी नशा कारोबार पूरी तरह से फल-फूल रहा है और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

सवाल : सिरसा से नशे के खात्मे के लिए क्या कोई ठोस प्लान है आपके पास ? 
जवाब : नशे को पूरी तरह से खत्म करना है तो एक बात ध्यान में लानी होगी कि यह जोर-जबरदस्ती से बिल्कुल नहीं रूकने वाला। नशे रूपी बुराई को खत्म करना है तो सामाजिक संस्थाओं व सोशल लोगों को साथ लेकर पूरा अभियान चलाना पड़ेगा। पुलिस निष्ठा से काम करे। सामाजिक कार्यकर्ता भी निष्ठा से कार्य करें, तब कहीं जाकर सिरसा का उद्धार हो सकता है वरना एक दिन नशा इस इलाके को पूरी तरह बर्बाद कर देगा।

सवाल  : वर्तमान विधायक के बारे में आपकी क्या टिप्पणी है, क्या उनके कार्य से संतुष्ट हैं?
जवाब : वर्तमान विधायक के बारे में बात न ही करें तो अच्छा है। न तो उन्हें विधायकी का अनुभव है और न ही लोगों के सुख-दुख की फिक्र। न किसी व्यापारी की चिंता न किसान की। उन्हें क्या पता एक व्यापारी का दु:ख क्या है और किसान का दु:ख क्या।  बीते 5 साल में वे कभी जनता के बीच रहे होते तो उन्हें इन सब का पता भी होता।

सवाल :  यदि टिकट मिला तो चुनाव घोषणा पत्र में किन-किन बिंदूओं को शामिल करेंगे, सिरसा के लिए कोई ड्रीम प्रोजेक्ट क्या रहेगा आपका 
जवाब : सिरसा इलाका बहुत पिछड़ा हुआ है। एग्रीकल्चर बेस्ड इलाका है। कोई बड़ी इंडस्ट्री नहीं है। पूर्व सांसद डॉ. अशोक तंवर ने गांव फूलकां में 100 एकड़ में कॉटन पार्क मंजूर करवाया था जिसे भाजपा ने आते ही खत्म कर दिया। अगर वो बनता तो आज इलाके के हजारों लोगों को रोजगार मिलता। मेरा प्रयास रहेगा कि इलाके में बड़ी इंडस्ट्री लगवाई जाएं ताकि स्थानीय युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले। इलाके में बड़ा मल्टी स्पेशलिटी अस्पाल बने ताकि लोगों को जयपुर, बीकानेर,गुरुग्राम व दिल्ली जैसे शहरों में इलाज के लिए न जाना पड़े। पेयजल और सिंचाई पानी का भी इंतजाम करवाएंगे। पानी न होने की वजह से सारा इलाका बंजर होता जा रहा है।

सवाल : और यदि आपको टिकट ना मिला तो क्या आप फिर भी चुनाव लड़ेंगे?
जवाब : नहीं, ऐसा कुछ नहीं है कि टिकट न मिलने पर मैं चुनाव लड़ूंगा। जैसा कार्यकर्ता कहेंगे, मैं वैसा ही करूंगा।

सवाल : विधानसभा क्षेत्र की जनता के लिए क्या संदेश देना चाहेंगे?
जवाब : मैं सिरसा की जनता से एक ही आग्रह करुंगा कि सिरसा संतों की धरती है। संतों ने ही इस पवित्र धरती की नींव रखी। पूज्य सावण शाह जी महाराज, पूज्य मस्ताना जी महाराज,  श्री गुरु नानक देव जी महाराज जैसे महान संतों ने यहां आकर तप किया। लेकिन इस पवित्र भूमि को चंद लोगों ने बिकाऊ बना दिया। तो सरसा की जनता से यही कहना चाहूंगा कि ऐसे लोगों से सावधान रहें। अपने-पराए व अच्छे-बुरे की पहचान कर ही वोट दें जो हर समय आपके साथ रहे। ऐसे व्यक्ति का साथ बिल्कुल न दें जो 3 साल बाद ही आपको दिखाई देते हैं। और सबसे बड़ी बात जो नशा न बांटे, आपके बीच रहे और हर सुख-दु:ख में आपके साथ खड़ा मिले।

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