हरियाणा महाभारत 2019 : क्या टिकट आवंटन में पथ से भटक जाएगी भाजपा ?

हरियाणा महाभारत 2019 : क्या टिकट आवंटन में पथ से भटक जाएगी भाजपा ?

दूसरे दलों से आए नेताओं में किसी पर जमीन हड़पने का आरोप तो किसी पर जमीनों के नाम पर दलाली खाने का 


 कांग्रेस 21 के बाद खोलेगी पत्ते, पूरी रणनीति के बाद किया जाएगा ऐलान 
 जजपा पहले ही घोषित कर चुकी है 7 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट 

वैसे तो सभी दलों में इन दिनों टिकट वितरण को लेकर ही चर्चा छिड़ी है लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा में टिकटों को लेकर जोरदार महामंथन चल रहा है। भाजपा में टिकट की दौड़ में दूसरे दलों से आए कुछ  ऐसे चेहरे भी हैं जिन पर जमीनों के नाम पर दलाली खाने का आरोप है। अब देखना यह है कि क्या भाजपा अपने पथ से भटकने वाली है या फिर ऐसे नेताओं को दो टूक संदेश देकर जनता के बीच अपनी ‘मनोहर’ छवि बनाएगी कि पार्टी को चाहे जितना मर्जी नुकसान हो, टिकट तो सिर्फ पार्टी की नीतियों के ही हिसाब से मिलेगा। अगर भाजपा ऐसे दागी नेताओं को सख्त संदेश देती है तो जनता के बीच भी अच्छा संदेश जाएगा और चुनाव में पार्टी को इसका भरपूर फायदा भी मिलेगा। क्योंकि भाजपा को यह अच्छे से याद रखना होगा कि जनता ने पार्टी की ईमानदारी, साफ नीयत व नीतियों तथा पारदर्शिता के बूते ही सत्ता सौंपी  थी और यदि भाजपा जनता के साथ यह विश्वासघात करती है तो जाहिर है, इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना होगा। 

16 सितंबर 2019, 9:29 AM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
हिसार/चंडीगढ़। हरियाणा की 14वीं विधानसभा के लिए होने जा रही चुनावी महाभारत को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। हालांकि अभी तक न ही तो चुनाव की तारिख का ऐलान  हुआ है और न ही आचार संहिता लगी है लेकिन सभी राजनीतिक दल टिकटों को लेकर गुणा-भाग में तेजी से जुट गए हैं। सभी पार्टियों को जीताऊ चेहरों की तलाश है। दलबदल का खेल भी जोरों पर है। कोई कांग्रेस, इनेलो व जजपा छोड़कर भाजपा में जा रहा है तो कोई भाजपा, इनेलो को बाय-बाय कर जजपा व कांग्रेस की शरण ले रहा है। अब तक के राजनीतिक समीकरणों पर नजर डालें तो कुल मिलाकर सबसे ज्यादा नुकसान इनेलो को ही होता दिखाई दे रहा है। अब बात करते हैं टिकट वितरण की तो जननायक जनता पार्टी ने अपनी पहली लिस्ट में सात सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। वहीं कुछ सीटों पर आम आदमी पार्टी भी अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर चुकी है। रही बात कांग्रेस व भाजपा की तो कांग्रेस ने तो साफ किया है कि 21 तारीख तक प्रदेश में चलने वाले महाजनसंपर्क अभियान के बाद ही पूरी रणनीति के साथ टिकटों का ऐलान किया जाएगा। अब बात करते हैं प्रदेश में सत्ताधारी दल भाजपा की तो भाजपा ने लगभग 50 उम्मीदवारों की पहली सूची लगभग फाइनल कर दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज से कुरुक्षेत्र में शुरु होने जा रहे पार्टी के महामंथन के बाद ही इस पर ऐलान किया जाएगा। इस महामंथन में पार्टी मुख्यालय के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्ढ़ा मौजूद रहेंगे।

तो क्या यही हैं सीएम मनोहर लाल के बयान के मायने 
अगर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बयान की मानें तो उन्होंने टिकट वितरण पर दो टूक कहा है कि भाजपा अपने पथ से बिल्कुल नहीं भटकेगी। पार्टी की जो नीतियां हैं, उस पर पूरी तरह से खरा उतरने वाले को ही टिकट दिया जाएगा फिर चाहे वह किसी भी पार्टी से क्यों न आया हो। तो सभी जानते हैं कि भाजपा की मुख्य नीति भ्रष्टाचार मुक्त शासन व पारदर्शिता है। अब मुख्यमंत्री मनोहर लाल का यह बयान साफ इशारा क\र रहा है कि भाजपा किसी भी भ्रष्टाचार के आरोपी या किसी भी तरह के दागी उम्मीदवार को टिकट नहीं देने वाली है।

सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली 
पिछली सरकारों में मलाई खाकर अब भाजपा की शरण में आने वाले कुछ नेता ऐसे भी हैं जिन पर पूर्व सरकारों में भ्रष्टाचार के आरोप हैं। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए कुछ नेताओं पर कांग्रेस शासनकाल में जमीनों के नाम पर दलाली खाने का आरोप है तो किसी पर जमीन कब्जाने का। यदि ऐसे नेताओं को टिकट मिलता है तो यह साफ हो जाएगा कि भाजपा भी अपने पथ से  भटक चुकी है और ऐसे नेताओं के बारे में तो सिर्फ इतना ही कहा जा सकेगा कि सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली।

Post a Comment

0 Comments