हिंदी दिवस : दयानंद कॉलेज में खूब जमा रंग, कविताओं ने बांधा समां
विद्यार्थियों ने दिखाया काव्य कौशल, मुकुल व करण ने जीती काव्य पाठ प्रतियोगिता
हिंदी का हो अधिक से अधिक उपयोग : डॉ. मोनिका कक्कड़
| हिसार। दयानंद महाविद्यालय में विजेताओं को पुरस्कृत करते शिक्षकगण। तस्वीर : हरियाणा मीडिया जंक्शन |
15 सितंबर 2019, 2:49 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। हिसार स्थित दयानंद महाविद्यालय में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में काव्य पाठ एवं श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता आयोजित की गई। इन स्पर्धाओं ने महाविद्यालय के बहुत से विद्यार्थियों ने शिरकत की। हिंदी काव्य पाठ प्रतियोगिता में अपना काव्य कौशल दिखाकर मुकुल व करण ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान हासिल किया। हिना व भारती ने संयुक्त रूप से द्वितीय एवं रितु व अजय संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे जबकि संदीप को सांत्वना पुरस्कार से संतोष करना पड़ा। इसी भांति संस्कृत श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता में धीरज व प्रवीण ने प्रथम स्थान, सीताराम व पिंकी ने द्वितीय एवं केशव व विजय ने तृतीय स्थान हासिल किया। पुलकित व पूजा को सांत्वना पुरस्कार हासिल हुआ। इस अवसर पर दयानंद महाविद्यालय की विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका कक्कड़ ने हिंदी भाषा का अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान किया। इसके साथ-साथ उन्होंने हिदायत भी दी कि हमें अपने उच्चारण में भी शुद्धता रखनी होगी। प्रतियोगता के दौरान निर्णायक की भूमिका शिक्षिका सीमा चौधरी, राजेश चुघ व डॉ. जसबीर ने निभाई। इस दौरान हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका कक्कड़, डॉ. संगीता, डॉ. सुरेंद्र, डॉ. निर्मला, संतोष, डॉ. जसबीर, सीमा चौधरी, पूनम, राजेश चुघ, डॉ. गीता बिंदल, डॉ. बलेरिया सेठी, डॉ. संगीता मलिक, सतपाल सिंह एवं नसीब कुमार सहित बहुत से शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पेंटिंग, स्केचिंग, कविता पोस्टर एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने लघु नाटिका प्रस्तुत करके हिंदी को अपनाने का आह्वान भी किया।
प्रतियोगिताओं में इन प्रतिभागियों ने मारी बाजी
प्रतियोगिता का नाम प्रथम द्वितीय तृतीय
हिंदी निबंध लेखन : हर्षदीप सिंह व कमलजीत सुमित व निशा भूपेंद्र व अंतिम
संस्कृत निबंध लेखन : धीरज दीपक ....................
हिंदी पेंटिग व स्केचिंग : नैंसी व साक्षी दिव्या व दीपक सीताराम व प्रिया
कविता पोस्टर स्पर्धा : एकता व अंतिम आयुष्किा व संजना सिमरन व सौरभ
संस्कृत सूक्ति लेखन : दीपक व करण गिरधर पूजा व रितु सांगवान रवीना व जीनत

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