साक्षात्कार : टिकट मिले या न मिले, जन्मजात भाजपा का सिपाही हूं और रहूंगा, दूसरी पार्टी के बारे सोचना भी पाप : सुभाष


 साक्षात्कार। असंध विधानसभा में भाजपा से टिकट के प्रबल दावेदार सुभाष चंद्र राणा से हरियाणा मीडिया जंक्शन की खास बातचीत

टिकट मिले या न मिले, जन्मजात भाजपा का सिपाही हूं और रहूंगा,  दूसरी पार्टी के बारे सोचना भी पाप 

  नाम : सुभाष चंद्र राणा
जन्म तिथि : 2 फरवरी 1977 
शिक्षा : स्नातक,  सुरक्षा प्रबंधन 
व्यवसाय : सेवानिवृत भारतीय थल सेना 
सम्मान :  आपरेशन विजय स्टार पदक, जम्मू-कश्मीर विशेष सेवा पदक, दीर्घ सेवा पदक, उच्चत्वांग पदक 
दायित्व : प्रदेश प्रभारी, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा 
राष्टय युवा महामंत्री, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा
सह संस्थापक, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति, असंध 
पूर्व मंडल कार्यवाह, राष्टय स्वंयसेवक संघ 

विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां परवान पर हैं। भाजपा व जेजेपी कल पहले नवरात्र के दिन ही अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करने जा रहे हैं वहीं कांग्रेस भी सोमवार 30 सितंबर तक अपने पत्ते खोलने वाली है। सभी पार्टियों में टिकटों को लेकर कशमकश जारी है। टिकट वितरण में कांग्रसे ने जहां परिवारवाद से किनारा करने का मन बनाया है, वहीं भाजपा भी सिर्फ और सिर्फ जिताऊ चेहरों की तलाश में है। असंध विधानसभा में भाजपा से टिकट के प्रबल दावेदार सुभाष चंद्र राणा ने हरियाणा मीडिया जंक्शन से विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक हालात से लेकर तमाम बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने बड़ी ही बेबाकी से अपनी राय रखी। पेश हैं हमारे जिला करनाल ब्यूरो चीफ रिंकू गोेंदर के साथ उनकी बातचीत के कुछ मुख्य अंश:-


हरियाणा मीडिया जंक्शन। रिंकू गोंदर
28 सितंबर 2019, 7: 23 PM
सवाल : सुभाष जी आप समाजसेवक हैं, काफी संठनों से जुड़े हैं फिर राजनीति में आने का मकसद क्या है? 
जवाब :  समाज के अंतिम छोर पर भी खड़े वंचित समाज तक अगर सहायता पहुंचाई जा सकती है तो उसका माध्यम राजनीति ही है। अकेला व्यक्ति या एनजीओ कुछ नहीं कर सकता। मैंने समाजसेवा के उद्देश्य से राजनीति को चुना है न कि व्यापार के मकसद से। और यदि मुझे भाजपा मौका देती है तो मैं इस बात को साबित भी करके दिखाउंगा।

सवाल : आप भाजपा नेता हैं, मनोहर सरकार के 5 साल के काम को किस नजरिए से देखते हैं 
जवाब : सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास अगर सही मायने में कहीं लागू हुआ है तो वह एकमात्र हरियाणा राज्य है। नौकरियों को ले लीजिए, भाजपा राज में ऐसे व्यक्तियों को नौकरी मिली है जो कभी सपने में भी नहीं सोच सकते थे। क्योंकि पिछली सरकारों में सरे आम धांधली चलती थी। युवा पढ़ तो लेते थे लेकिन नौकरी लगने के लिए उनके पास इतने पैसे नहीं होते थे। इसके अलावा हरियाणा भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका था। आज हर चीज  आॅनलाइन है, हर कार्य में पारदर्शिता है।

सवाल : क्या आप अपने आप को टिकट के लिए मजबूत दावेदार मानते हैं, पार्टी आपको ही टिकट क्यों दे जबकि हल्का में तो कई नेता टिकट की दौड़ में है। 
जवाब : मैं अपने आप को टिकट का मजबूत दावेदार मानता हूं क्योंकि हल्के में 27 हजार वोट अकेले हमारे राजपूत समाज के हैं। वैसे मैं जातिवाद में विश्वास नहीं रखता लेकिन राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए मुझे यह बात कहनी पड़ रही है। मैं अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश प्रभारी व राष्टÑीय युवा महामंत्री हूं। मेरे पिता जी भी जनसंघ में रहे हैं, आज तक हमारे उपर कभी भी किसी प्रकार का लांछन नहीं लगा। पूर्व सैनिक हूं। सेवानिवृत्ति लेकर आया हूं। सामाजिक व्यक्तित्व, सदचरित्र व समाज में रूतबे के आधार पर मैं अपने आप को  टिकट का प्रबल दावेदार मानता हूं। आपने कहा है कि पार्टी मुझे ही टिकट क्यों दे तो मैं कहना चाहूंगा कि इस बार का चुनाव माननीय मनोहर लाल जी व माननीय नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही होगा। तो भाजपा उम्मीदवारों की हर हाल में जीत निश्चित है। मेरे लिए हल्के में अच्छा माहौल है, लोग मुझे चाहते हैं। मैं ना ही ज्यादा पैसे खर्च कर सकता हूं और ना ही किसी को शराब पिला सकता हूं। मैं पर्यावरण प्रेमी भी हंू, इसलिए ही मैंने ज्यादा होर्डिंग बैनर भी नहीं लगवाए हैं। इसलिए मैं मानता हूं कि यदि इस बार मुझे टिकट मिलता है तो माननीय मनोहर लाल जी के नाम पर, मााननीय मोदी जी के नाम पर, भाजपा के काम से और अपने चरित्र के नाम पर मैं इस बार विधायक बनने के लिए तैयार हूं। और मैं आश्वासन देता हूं कि यदि मुझे टिकट मिलती है तो लगभग सवा लाख वोट मैं हासिल करूँगा। विरोधी तो मेरे आस-पास भी नहीं रहेंगे। इसलिए ही मैं टिकट की दौड़ में हूं।

सवाल : आपने हल्के में जोरदार जनसंपर्क अभियान चलाया है। तो क्या रिस्पोंस मिला आपको, कैसा जनसमर्थन मिल रहा है।
जवाब : देखिए, मैं एक बात हर जगह बताता हूं कि मुझे जो भी जनसमर्थन मिल रहा है, भाजपा के काम के कारण मिल रहा है। मैं भाजपा नेता के रूप में हल्के के लोगों में मशहूर हूं। सरकार ने अच्छा काम किया है, इसलिए लोग मुझे सम्मान देते हैं और मेरी छवि भी लोगों के बीच अच्छी है। जो समाज के अच्छे लोग हैं, वो यही कह रहे हैं कि सुभाष जी, आपको टिकट हर हाल में मिलेगा। वे मुझे दुआएं दे रहे हैं। मुझे टिकट दिलवाने के लिए परमात्मा से विनती कर रहे हैं। तो मैं दावे से कह सकता हूं कि मुझे जनता से बहुत ही अच्छा रिस्पोंस मिल रहा है।

सवाल  : वर्तमान विधायक के बारे में आपकी क्या टिप्पणी है, क्या उनके कार्य से संतुष्ट हैं?
जवाब : वर्तमान विधायक का सिर्फ उनके व्यवहार के कारण ही जनता में विरोध हो रहा है। मैंने उनका कभी विरोध नहीं किया और न ही मैं उनका विरोध करूंगा। और मैं विरोध करने का अधिकार भी नहीं रखता। भाजपा के जो काम हैं, उन्होंने किए हैं लेकिन उनका व्यक्तिगत जो व्यवहार है, उसके कारण उनका भारी विरोध है। और मेरा मानना है कि यदि उन्हें दोबारा टिकट दिया गया तो गड़बड़ हो सकती है। उनको छोड़कर किसी को भी टिकट दिया तो वह जीत जाएगा। ऐसा हम बिल्कुल नहीं चाहते कि इतने अच्छे माहौल में कोई टिकट हम खो दें। मेरा कोई व्यक्तिगत विरोध विधायक जी से नहीं है, वे बहुत अच्छे व्यक्ति हैं।

सवाल :  यदि टिकट मिला तो चुनाव घोषणा पत्र में किन-किन बिंदूओं को शामिल करेंगे, असंध के लिए कोई ड्रीम प्रोजेक्ट क्या रहेगा आपका
जवाब : असंध को जिला बनाना ही असंध के लिए मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है क्योंकि चारों तरफ जितने भी शहर हैं, चाहे पानीपत है, कैथल, जींद, करनाल है, सबसे ज्यादा दूरी पर हमारा असंध है। असंध बहुत ज्यादा पिछड़ा हुआ है।  जींद का जो बाहरी गांव है, उन लोगों को अपने काम के लिए करनाल में जाना पड़ता है। उनके लिए 50-60 किमी. की दूरी तय करना संभव नहीं है, वे थक जाते हैं। वे चाहते हैं कि हर काम यहीं हों। भाजपा सरकार में बहुत से काम ऐसे हैं जो सीसीएस के माध्यम से लोकल स्तर पर ही संभव हो गए हैं लेकिन बहुत से काम ऐसे हैं जैसे कोर्ट में वकील का काम है, उसके लिए तो जाना ही पड़ता है। इसलिए मैं असंध को जिला बनाना चाहता हूं। अगर पार्टी मुझे मौका देती है तो मैं असंध को एक स्वच्छ शहर के रूप में विकसित करने का भी मेरा सपना है।

सवाल : और यदि आपको टिकट ना मिला तो क्या आप फिर भी चुनाव लड़ेंगे? 
जवाब : नहीं, बिल्कुल नहीं। अगर मुझे टिकट नहीं मिली तो मैं चुनाव नहीं लडूंगा। मैं जन्मजात भाजपा से हूं, संगठन से हूं। मुझे टिकट मिला तो ठीक वरना जिसे भी टिकट मिलेगा, उसके साथ जी-जान लगा दूंगा। और दूसरी पार्टी के बारे में मन में विचार लाना भी मेरे लिए पाप है।




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