हरियाणा : चौकन्ना हुए विरोधी क्योंकि आ रहे हैं मोदी



हरियाणा : चौकन्ना हुए विरोधी क्योंकि आ रहे हैं मोदी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल रोहतक में आयोजित होने जा रही रैली में टूट सकते हैं सारे रिकॉर्ड 

मेगा फूड पार्क के शिलान्यास के साथ-साथ रैली को भी करेंगे संबोधित 




07 सितंबर 2019, 01:21 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
रोहतक/हिसार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल हुड्डा के गढ़ कहे जाने वाले हरियाणा के रोहतक आ रहे हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की जन आशीर्वाद रैली के समापन के साथ ही वे कल हरियाणा विधानसभा को लेकर भाजपा के चुनावी अभियान का भी आगाज करेंगे। इसके साथ ही पीएम औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आइएमटी) फेज-3 में हैफेड द्वारा स्थापित किए जा रहे मेगा फूड पार्क का भी शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री के इस दौरे से विरोधियों की अभी से नींद उड़ गई है। क्योंकि माना यह जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस रैली में प्रदेश के कोने-कोने से लाखों लोगों के पहुंचने की उम्मीद हैऔर यह रैली अब तक की सभी रैलियों के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल समेत तमाम भाजपा के मंत्रियों, विधायकों व अन्य दिग्गजों ने इस रैली में भीड़ जुटाने के लिए पिछले एक माह से एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है। इस रैली के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर निमंत्रण दिए जा रहे हैं। खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला भी जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रदेशवासियों को रोहतक रैली का न्यौता देते आ रहे हैं।

रोहतक में बनने वाले मेगा फूड पार्क से 6500 लोगों को मिलेगा रोजगार 
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने रोहतक में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मेगा फूड पार्क को स्वीकृति दी है। सीवरेज, पेयजल आपूर्ति व सड़कों का निर्माण हो चुका है, जबकि अभी मेगा फूड पार्क को लेकर निर्माण कार्य चल रहे हैं। 250-300 करोड़ रुपये तक का निवेश हो सकेगा। सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर को इस योजना को लाने का श्रेय जाता है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने भी योजना को लेकर कह चुके हैं कि मेगा फूड पार्क परियोजना प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास को गति देने का एक प्रयास है। मेगा फूड पार्क योजना (एमएफपीएस) का प्राथमिक उद्देश्य खेत से बाजार तक मूल्य श्रृंखला के साथ खाद्य प्रसंस्करण के लिए आधुनिक ढांचागत सुविधाएं मुहैया करवाना है। इस परियोजना से 6500 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने और लगभग 5000 किसानों के लाभान्वित होने की संभावना है। इसकी कुल परियोजना लागत 179.75 करोड़ रुपये है, जिसमें से केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा 50 करोड़ रुपये का सहायतानुदान उपलब्ध करवाया जाएगा।

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