आज आएगा भाजपा का घोषणा पत्र, स्वराज इंडिया पार्टी मांग रही 5 साल पहले की घोषणाओं का हिसाब
योगेन्द्र यादव बोले, मनोहर सपने परोसने से पहले 5 साल पहले किये वादों का हिसाब दे भाजपा
इनेलो ने भी कांग्रेस की तर्ज पर बिना अतिरिक्त खर्च व राजस्व आमदनी की योजना बताये किये खोखले वादे
13 अक्तूबर 2019, 9:52 AM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
चंडीगढ़। विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी आज अपना संकल्प पत्र जारी करने वाली है। स्वराज इंडिया ने भाजपा से कहा है कि वे घोषणा पत्र जारी करने से पहले प्रदेश की जनता को पिछले चुनाव में किए गए वादों का हिसाब दें। यहां जारी बयान में स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा की मनोहर सरकार ने पांच साल पहले किये वायदों को पूरा नहीं किया है। इसलिए नए वायदे करने से पहले उन्हें पांच साल में किये वायदों का हिसाब देना चाहिए। बिना हिसाब दिए नए वायदे करने का भाजपा कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कुछ वायदों की याद दिलाई जो इस प्रकार हैं:-
1. पांच साल पहले भाजपा ने घोषणा पत्र जारी करते हुए हर हरियाणा वासी पर कर्ज के भार का जिक्र किया था, जो 5 साल में 28 हजार से बढ़कर 63 हजार हो गया है!
2. आल इंडिया मेडिकल इंस्टिट्यूट की तर्ज पर दो संस्थान खोलने का दावा पूरा होने की दक्षिण हरियाणा वासी लगातार मनेठी में आंदोलन चलाने को आज भी मजबूर हैं।
3. दक्षिण -मध्य हरियाणा में हाईकोर्ट की बेंच बनाने का वादा पूरा करने की जगह सरकार की कठपुतली कर्मचारी सेवाएं ट्रिब्यूनल बनाने का फैसला कर दिया ।
4. महिला सुरक्षा के लिए रोडवेज की बसों में सुरक्षा गार्ड की सेवा देने वाली सरकार रोडवेज की बसों की जगह बस सर्विस प्राइवेट ट्रांसपोर्टर के हाथों में देने की जिद्द पर अड़ी है।
5. फसलों के नुकसान की भरपाई हेतु "कृषि राहत प्राधिकरण" के गठन की जगह प्राइवेट बीमा कंपनियों को किसानों की लूट की छूट दे दी।
6. शराब की खपत घटाने का दावा करने वाली सरकार ने अपने 5 साल के राज में खपत 22 हजार लीटर से 32.25 हजार तक पहुंचा दी है।
इनेलो बताए कहां से आएगा अतिरिक्त राजस्व
राजीव गोदारा ने कहा कि इनेलो ने जो वायदे किये उन्हें पूरा करने में होने वाले अतिरिक्त खर्च का अनुमान भी नहीं है। तब सवाल यह उठता है कि जो वायदों को लागू करने में होने वाले खर्च का हिसाब नहीं लगाए उसके वायदों पर विश्वास किया जा सकता है। इनेलो ने जो वायदे किये उन्हें पूरा करने में जो खर्च आएगा उसका हिसाब स्वराज इंडिया बता रही है। मगर क्या इनेलो बताएगी कि उस अतिरिक्त खर्च के लिए अतिरिक्त राजस्व कहाँ से आएगा? राजीव गोदारा ने कहा कि इनेलो ने रोजगार देने का वादा भी नहीं है बल्कि बेरोजगारी भत्ता देने का लालच देने की कोशिश की है, मगर हरियाणा के युवा को समान, सार्थक रोजगार चाहिए। इसी तरह इनेलो ने एडहॉक कर्मचारियों को को न हटाने का वादा किया मगर उन्हें नियमित करने बारे चुप्पी धारण कर ली है।
20 लाख बेरोजगार हैं, 15 हजार देने पर खर्च : 36 हजार करोड़ रुपये सालाना
गरीब लड़कियों की शादी में 5 लाख देने से कितना खर्च : 5300 करोड़ सालाना
स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने में खर्च होगा : 4000 करोड़ रुपये
उक्त आंकड़ों में किसानों के ट्यूबवैल का पूरा बिल व घरेलू उपभोक्ताओं का 200 यूनिट तक का बिल माफ करने पर होने वाला खर्च भी शामिल कर लिया जाए तो सालाना करीब 50 हजार करोड़ का अतिरिक्त खर्च आएगा।
किसानों व छोटे व्यापारियों को 10 लाख कर्ज माफी से भी एकमुश्त हजारों करोड़ का भार पड़ेगा ।
हरियाणा के सालाना 01 लाख 32 हजार करोड़ के बजट में इतना अतिरिक्त खर्च सम्भव ही नहीं है, अगर अतिरिक्त राजस्व नहीं आएगा। जिसकी कोई योजना कांग्रेस की तरह इनेलो ने भी नहीं बताई है।
योगेन्द्र यादव बोले, मनोहर सपने परोसने से पहले 5 साल पहले किये वादों का हिसाब दे भाजपा
इनेलो ने भी कांग्रेस की तर्ज पर बिना अतिरिक्त खर्च व राजस्व आमदनी की योजना बताये किये खोखले वादे
13 अक्तूबर 2019, 9:52 AM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
चंडीगढ़। विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी आज अपना संकल्प पत्र जारी करने वाली है। स्वराज इंडिया ने भाजपा से कहा है कि वे घोषणा पत्र जारी करने से पहले प्रदेश की जनता को पिछले चुनाव में किए गए वादों का हिसाब दें। यहां जारी बयान में स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा की मनोहर सरकार ने पांच साल पहले किये वायदों को पूरा नहीं किया है। इसलिए नए वायदे करने से पहले उन्हें पांच साल में किये वायदों का हिसाब देना चाहिए। बिना हिसाब दिए नए वायदे करने का भाजपा कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कुछ वायदों की याद दिलाई जो इस प्रकार हैं:-
1. पांच साल पहले भाजपा ने घोषणा पत्र जारी करते हुए हर हरियाणा वासी पर कर्ज के भार का जिक्र किया था, जो 5 साल में 28 हजार से बढ़कर 63 हजार हो गया है!
2. आल इंडिया मेडिकल इंस्टिट्यूट की तर्ज पर दो संस्थान खोलने का दावा पूरा होने की दक्षिण हरियाणा वासी लगातार मनेठी में आंदोलन चलाने को आज भी मजबूर हैं।
3. दक्षिण -मध्य हरियाणा में हाईकोर्ट की बेंच बनाने का वादा पूरा करने की जगह सरकार की कठपुतली कर्मचारी सेवाएं ट्रिब्यूनल बनाने का फैसला कर दिया ।
4. महिला सुरक्षा के लिए रोडवेज की बसों में सुरक्षा गार्ड की सेवा देने वाली सरकार रोडवेज की बसों की जगह बस सर्विस प्राइवेट ट्रांसपोर्टर के हाथों में देने की जिद्द पर अड़ी है।
5. फसलों के नुकसान की भरपाई हेतु "कृषि राहत प्राधिकरण" के गठन की जगह प्राइवेट बीमा कंपनियों को किसानों की लूट की छूट दे दी।
6. शराब की खपत घटाने का दावा करने वाली सरकार ने अपने 5 साल के राज में खपत 22 हजार लीटर से 32.25 हजार तक पहुंचा दी है।
इनेलो बताए कहां से आएगा अतिरिक्त राजस्व
राजीव गोदारा ने कहा कि इनेलो ने जो वायदे किये उन्हें पूरा करने में होने वाले अतिरिक्त खर्च का अनुमान भी नहीं है। तब सवाल यह उठता है कि जो वायदों को लागू करने में होने वाले खर्च का हिसाब नहीं लगाए उसके वायदों पर विश्वास किया जा सकता है। इनेलो ने जो वायदे किये उन्हें पूरा करने में जो खर्च आएगा उसका हिसाब स्वराज इंडिया बता रही है। मगर क्या इनेलो बताएगी कि उस अतिरिक्त खर्च के लिए अतिरिक्त राजस्व कहाँ से आएगा? राजीव गोदारा ने कहा कि इनेलो ने रोजगार देने का वादा भी नहीं है बल्कि बेरोजगारी भत्ता देने का लालच देने की कोशिश की है, मगर हरियाणा के युवा को समान, सार्थक रोजगार चाहिए। इसी तरह इनेलो ने एडहॉक कर्मचारियों को को न हटाने का वादा किया मगर उन्हें नियमित करने बारे चुप्पी धारण कर ली है।
20 लाख बेरोजगार हैं, 15 हजार देने पर खर्च : 36 हजार करोड़ रुपये सालाना
गरीब लड़कियों की शादी में 5 लाख देने से कितना खर्च : 5300 करोड़ सालाना
स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने में खर्च होगा : 4000 करोड़ रुपये
उक्त आंकड़ों में किसानों के ट्यूबवैल का पूरा बिल व घरेलू उपभोक्ताओं का 200 यूनिट तक का बिल माफ करने पर होने वाला खर्च भी शामिल कर लिया जाए तो सालाना करीब 50 हजार करोड़ का अतिरिक्त खर्च आएगा।
किसानों व छोटे व्यापारियों को 10 लाख कर्ज माफी से भी एकमुश्त हजारों करोड़ का भार पड़ेगा ।
हरियाणा के सालाना 01 लाख 32 हजार करोड़ के बजट में इतना अतिरिक्त खर्च सम्भव ही नहीं है, अगर अतिरिक्त राजस्व नहीं आएगा। जिसकी कोई योजना कांग्रेस की तरह इनेलो ने भी नहीं बताई है।


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