नामांकन रद्द होने के बाद भाजपा सरकार पर भड़के अनूप चानौत, बोले एसडीएम ने दबाव में आकर खारिज किया पर्चा
5 अक्तूबर 2019, 9:50 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार/बरवाला। छंटनी के दौरान नामांकन रद्द होने के बाद बरवाला से आप उम्मीदवार ने भाजपा सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। अनूप चानौत ने कहा कि एसडीएम ने सरकार के दबाव में आकर नामांकन खारिज किया है क्योंकि बरवाला में आम आदमी पार्टी सत्तारूढ़ बीजेपी का सिरदर्द बनी हुई थी। नामांकन दाखिल करते वक़्त हमें सिर्फ चार प्रस्तावक जरूरी बताये गए थे। उसके बाद अगले दिन एसडीएम कार्यालय से कुछ कमियाँ बताई गई थी जो हमने तुरंत पूरी कर दी थी। लेकिन उस वक़्त भी प्रस्तावकों की कमी का कोई जिक्र नहीं किया गया। जब हम चुनाव लड़ रहे हैं और हल्के में हमारे हजारों कार्यकर्ता हंै तो हमारे लिए दस प्रस्तावक कोई बड़ी बात नहीं थी। मीडिया समन्वयक पीयूष बूरा ने कहा कि आज आदमी पार्टी के उम्मीदवार का नामांकन खारिज नहीं हुआ है बल्कि हल्के की हल्के के किसान, मजदूर, युवा, पीड़ित, शोषितों की आवाज पर कुठाराघात किया गया है। उन्होंने कहा कि रोड़ शो से प्रचार की धमाकेदार शुरूआत करने के बाद अनूप चानौत को मिल रहे भारी जनसमर्थन से विरोधियों की नींद उड़ी हुई थी । अनूप सिंह बरवाला बाजार और कई गांव में डोर टू डोर भी पूरा कर चुके थे और जनता के लिए मजबूत विकल्प बन चुके थे। पिछले 14 वर्षों से अपने बेटे के अपहरण की सीबीआई जाँच पर अड़े कश्मीरी लाल चोपड़ा ने कहा कि डेढ़ दशक के बाद कुछ ऐसे लोग मिले थे जो मेरे जैसे पीड़ितों का सहारा बन सकते थे लेकिन सरकार को ये भी मंजूर नहीं हुआ और साजिश एवं दुर्भावना के चलते एक क्रान्तिकारी साथी को अपनी बलि का बकरा बना दिया। इअनूप चानौत के नामांकन रद्द होने की खबर से हरियाणा के सभी कार्यकतार्ओं और आमजन में मायूसी छा गई ।
5 अक्तूबर 2019, 9:50 PM
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हिसार/बरवाला। छंटनी के दौरान नामांकन रद्द होने के बाद बरवाला से आप उम्मीदवार ने भाजपा सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। अनूप चानौत ने कहा कि एसडीएम ने सरकार के दबाव में आकर नामांकन खारिज किया है क्योंकि बरवाला में आम आदमी पार्टी सत्तारूढ़ बीजेपी का सिरदर्द बनी हुई थी। नामांकन दाखिल करते वक़्त हमें सिर्फ चार प्रस्तावक जरूरी बताये गए थे। उसके बाद अगले दिन एसडीएम कार्यालय से कुछ कमियाँ बताई गई थी जो हमने तुरंत पूरी कर दी थी। लेकिन उस वक़्त भी प्रस्तावकों की कमी का कोई जिक्र नहीं किया गया। जब हम चुनाव लड़ रहे हैं और हल्के में हमारे हजारों कार्यकर्ता हंै तो हमारे लिए दस प्रस्तावक कोई बड़ी बात नहीं थी। मीडिया समन्वयक पीयूष बूरा ने कहा कि आज आदमी पार्टी के उम्मीदवार का नामांकन खारिज नहीं हुआ है बल्कि हल्के की हल्के के किसान, मजदूर, युवा, पीड़ित, शोषितों की आवाज पर कुठाराघात किया गया है। उन्होंने कहा कि रोड़ शो से प्रचार की धमाकेदार शुरूआत करने के बाद अनूप चानौत को मिल रहे भारी जनसमर्थन से विरोधियों की नींद उड़ी हुई थी । अनूप सिंह बरवाला बाजार और कई गांव में डोर टू डोर भी पूरा कर चुके थे और जनता के लिए मजबूत विकल्प बन चुके थे। पिछले 14 वर्षों से अपने बेटे के अपहरण की सीबीआई जाँच पर अड़े कश्मीरी लाल चोपड़ा ने कहा कि डेढ़ दशक के बाद कुछ ऐसे लोग मिले थे जो मेरे जैसे पीड़ितों का सहारा बन सकते थे लेकिन सरकार को ये भी मंजूर नहीं हुआ और साजिश एवं दुर्भावना के चलते एक क्रान्तिकारी साथी को अपनी बलि का बकरा बना दिया। इअनूप चानौत के नामांकन रद्द होने की खबर से हरियाणा के सभी कार्यकतार्ओं और आमजन में मायूसी छा गई ।


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