सावधान ! आपके बैंक खाते पर साइबर ठगों की नजर, बैंक धोखाधड़ी हो तो इस पोर्टल पर करें शिकायत


सावधान ! आपके बैंक खाते पर साइबर ठगों की नजर, बैंक धोखाधड़ी हो तो इस पोर्टल पर करें शिकायत 

यमुनानगर में पुलिसकर्मी के खाते से निकाल लिए 47 हजार 
पुलिसकर्मी ने बैंक कर्मियों पर लगाया मिलीभगत का आरोप 
पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ दर्ज की एफआईआर 




6 अक्तूबर 2019, 2:13  PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
यमुनानगर। यदि आपका भी बैंक अकाऊंट हैं और आप सेलरी का पैसा या अन्य पैसा उसमें रखते हैं तो वह सुरक्षित नहीं है। भले ही उस बैंक अकाउंट का एटीएम आपके पास है, आपने न ही किसी को ओटीपी बताया और न ही आप ओनलाइन शोपिंग आदि करते हैं, फिर भी आपका बैंक खाता सुरक्षित नहीं है। यमुनानगर में ऐसा ही हुआ एक पुलिसकर्मी के साथ। इस पुलिसकर्मी के बैंक खाते में एक दिन पहले आए सेलरी के 47 हजार रूपए साईबर ठगों ने 24 घंटों के भीतर उड़ा लिए जबकि उसका एटीएम भी पुलिसकर्मी की ही जेब में था। इस पीड़ित पुलिसकर्मी ने न ही  ही कोई ओनलाइन शोपिंग की और न ही किसी को कभी ओेटीपी या बैंक खाते के संबंध में कोई जानकारी दी। अब पुलिसकर्मी का आरोप सीधे-सीधे बैंक कर्मियों पर है। उनका कहना है कि उनके खाते से पैसे उड़ाने में बैंक कर्मियों का हाथ है। पुलिस ने फिलहाल अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। दी शिकायत में ईएएसआई निर्मल सिंह ने बताया कि उसका सैलरी अकाउंट निरंकारी भवन के पास स्थित एचडीएफसी बैंक में है। सितंबर की सैलरी 30 तारीख को आ गई थी। एक अक्टूबर को उसके मोबाइल पर 47 हजार निकलने का मैसेज आया। जबकि एटीएम कार्ड उसकी जेब में था। वही उसने किसी को ओटीपी भी नहीं बताया। शिकायत में पुलिस कर्मी ने बताया जब वह बैंक में शिकायत लेकर गया तो वहां पर उसकी बात नहीं सुनी गई। आरोप है कि इसमें बैंक कर्मियों की मिलीभगत हो सकती है। इसलिए केस दर्ज किया जाए।फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

अपने बैंक खातों का रखें ख्याल, निष्क्रिय खातों के दुरुपयोग का खतरा : डीजीपी 
चंडीगढ़। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक मनोज यादव ने आमजन से आह्वान किया है कि वे अपने बैंक खातों का ख्याल रखें। बैंक खातों को लंबे समय तक लेन-देन किए बिना निष्क्रिय नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि ऐसे निष्क्रिय खातों का उपयोग वित्तिय व साइबर अपराध करने वाले धोखाधड़ी के पैसों को ठिकाने लगाने में कर सकते हैं। जरूरत न होने पर अपने बैंक खातों को बंद करा दें। गत दिवस वे यहां साइइबर धोखाधड़ी और वित्तीय अपराध विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा आपकी बैंंक या व्यक्तिगत विवरण पूछने वाली या आपको ईनाम, लॉटरी या होली डे पैक जैसे लाभ देने वाली फोन कॉल या ईमेल आए, उन पर तुरंत प्रतिक्रिया से बचें।  जालसाज विश्वास जमाने के लिए अक्सर आपके शहर या आसपास के शहर का पता भी बता देता है लेकिन उसके द्वारा बताया गया पता असल में ठीक होता नहीं। थोड़ी सी सावधानी में चूक से धोखेबाज किसी भी व्यक्ति को अपना शिकार बना सकता है। हमें अपनी सूझबूझ से इन धोखे बाजो से बचना चाहिए तथा अपने परिवारिक सदस्यों को भी आगाह करना चाहिए ।

बैंक धोखाधड़ी  हो तो साइबर क्राइम पोर्टल पर करें शिकायत 
डीजीपी ने कहा कि इस क्रम में केंद्रीय स्तर पर इंडियन साइबर क्राइम पोर्टल बनाया गया है जहां नागरिक उसके साथ हुए साइबर अपराध की शिकायत करा सकता है। वन सिम वन फ्रॉड प्लेटफार्म के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यदि कोईमोबाइल नम्बर एक बार ठगी में प्रयोग किया गया है वह दोबारा ठगी के लिए प्रयोग न किया जा सके।  ऐसे मोबाइल नम्बर से जुड़े बैंक खातों को भी फ्रिज कराया जा सकता है।  उन्होंने कहा कि हरियाणा में साइबर अनुसंधान अधिकारियों की सहायता के लिए गुरूग्राम में डायटेक लैब तथा पंचकुला में साइबर पुलिस स्टेशन बनाया गया है। डीजीपी ने प्रतिभागियों से कहा कि साइबर और वित्तीय जालसाजी के मामलों के शिकायतकर्ता की बात प्राथमिकता के साथ सुनें। ऐसे मामलों को गंभीरता से लें। ऐसा करने से आपकी इन मामलों के अनुसंधान मे कार्यक्षमता और अपराधियों की मुश्किलें जरूर बढ़ेंगी।

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