हर वोटर के काम की खबर : मतदाता कृप्या ध्यान दें, मोबाईल साथ लेकर गए तो नहीं डाल पाएंगे वोट


हर वोटर के काम की खबर : मतदाता कृप्या ध्यान दें, मोबाईल साथ लेकर गए तो नहीं डाल पाएंगे वोट


 इस बार मतदान केंद्र पर मोबाईल के साथ नो एंट्री
गुजवि में 2966 पीओ-एपीओ के लिए पहली मेगा रिहर्सल के दौरान दी गई जानकारी


6 अक्तूबर 2019, 7:41 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। विधानसभा चुनाव में मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल फोन लेकर जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी अथवा मतदाता मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल फोन लेकर प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
यह बात जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने आज गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के सभागार में पीओ (प्रीजाइडिंग ऑफिसर्स) तथा एपीओ (अल्टरनेट प्रीजाइडिंग ऑफिसर्स) की पहली मेगा रिहर्सल को संबोधित करते हुए कही। विधानसभा आम चुनाव-2019 की मतदान प्रक्रिया संपन्न करवाने के लिए नियुक्त किए गए 1483 पीओ तथा 1483 एपीओ को चुनाव प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर सामान्य चुनाव पर्यवेक्षक गोरखनाथ व सभी विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारी भी मौजूद थे। 
जिला निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार मीणा व सीटीएम अश्वीर सिंह ने पीओ-एपीओ को उनके प्रत्येक कार्य और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान पीओ-एपीओ को वीडियो के माध्यम से ईवीएम व वीवीपैट मशीनों के संचालन के बारे में भी समझाया गया व उन्हें मौके पर ही हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग भी दी गईं। पीओ-एपीओ की अगली रिहर्सल 12-13 अक्तूबर को विधानसभा अनुसार करवाई जाएगी। हांसी के पीओ-एपीओ की रिहर्सल हांसी में करवाई जाएगी। 
उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने सभी पीओ-एपीओ को लोकतंत्र के पावन पर्व में शामिल होने की बधाई देते हुए कहा कि निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव करवाने में उनकी भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होगी। इसलिए वे मतदान से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को अच्छी प्रकार से समझें और सभी नियमों व कानूनों की पूरी जानकारी प्राप्त कर लें। उन्होंने बताया कि 21 अक्तूबर को विधानसभा चुनाव के लिए सुबह 7 से सायं 6 बजे तक मतदान होगा। इससे एक घंटा पूर्व 6 बजे पोलिंग एजेंट्स की मौजूदगी में मोक पोल करवाया जाएगा। उन्होंने मोक पोल के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों व मोक पोल की पर्चियों को सुरक्षित रखने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने हिदायत दी कि मोक पोल की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद ईवीएम मशीन को क्लीयर करना न भूलें। इसी प्रकार मतदान संपन्न होने के बाद मशीन को क्लोज करना भी बहुत जरूरी है।
उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने कहा कि सभी पीओ हर दो घंटे के अंतराल पर मतदान प्रतिशत और वोट संख्या की जानकारी पीओ डायरी में नोट करेंगे तथा इसकी सूचना नियंत्रण कक्ष में भी भिजवाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने फार्म 17ए, 17सी, डिक्लेरेशन फार्म, पीओ डायरी तथ अन्य सभी प्रकार के दस्तावेज व फार्म भरने के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए उन्हें मतदान प्रक्रिया की बारीकियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पीओ व एपीओ की जरा सी चूक पूरी व्यवस्था की विफलता मानी जाएगी इसलिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी की गंभीरता को समझें। उनहेांने कहा कि पीओ हैंडबुक में वे सारी हिदायतें व नियम लिखे हैं जिनकी जानकारी चुनाव करवाने वाले अधिकारी को होनी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मतदान के लिए बूथों पर महिलाओं व पुरुषों की अलग-अलग लाइनें लगवाई जाएं और एक पुरुष के बाद दो महिलाओं को वोट डालने के लिए भीतर भेजा जाए। वरिष्ठï नागरिकों व दिव्यांगजनों को बिना लाइन में लगे सीधे अंदर जाकर मतदान करने की सुविधा दी जाए। 

हर चुनाव कर्मचारी का निष्पक्ष रहना और निष्पक्ष दिखना जरुरीसीटीएम अश्वीर सिंह ने पीओ-एपीओ को गहन प्रशिक्षण प्रदान करते हुए कहा कि चुनाव में लगे हर कर्मचारी को निष्पक्ष रहना है और निष्पक्ष दिखना भी है। हमारे लिए सभी प्रत्याशी समान हैं। स्वतंत्र लोकतंत्र व दबावरहित चुनाव के लिए यह भावना रखनी बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि चुनाव में लगे सभी कर्मचारियों को ईडीसी (इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट) अथवा पोस्टल बैलेट के माध्यम से मताधिकार का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि पीओ-एपीओ की मदद के लिए सेक्टर ऑफिसर्स, माइक्रो ऑब्जर्वर, जोनल मजिस्ट्रेट तथा बीएलओ भी लगाए गए हैं ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू तरीके से संपन्न हो।


बूथ के अलावा कहीं न ले जाएं ईवीएम मशीन
 सीटीएम ने कहा कि कोई भी कर्मी ईवीएम मशीन को लेकर बूथों के अलावा कहीं और न जाए। ऐसा करना दंडनीय अपराध है। बूथ पर जाकर पोलिंग पार्टी वहां की व्यवस्था देखे और सुनिश्चित करे कि मतदान केंद्र पर किसी प्रत्याशी आदि की प्रचार सामग्री न लगी हो। पोलिंग पार्टियां उसी दिन शाम को पोलिंग एजेंट्स से मुलाकात कर लें और उन्हें बता दें कि 21 अक्तूबर को सुबह 6 बजे सभी एजेंट मोक पोल के लिए मौजूद रहें। एक बूथ पर एक प्रत्याशी का केवल एक पोलिंग एजेंट ही मौजूद रह सकता है। रात को पोलिंग पार्टियों मतदान केंद्र पर ही सोएंगी।उन्होंने मोक पोल करवाने, उसके पश्चात ईवीएम मशीन आदि को दोबारा मतदान के लिए तैयार करने, पीओ डायरी व अन्य जरूरी फार्म भरने तथा मतदान करवाने के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्र के भीतर न तो कोई व्यक्ति हथियार लेकर जा सकता है और न ही मतदान प्रक्रिया की फोटो या वीडियो आदि बनाई जा सकती है। उन्होंने पीओ-एपीओ को एएसडी (अबसेंट, शिफ्टिड व डिलिटिड) सूची, चैलेंज वोट, वीवीपैट टेस्ट वोट, स्टैच्यूटरी व नॉन स्टैच्यूटरी फार्म भरने, मतदान के लिए जरूरी पहचान पत्रों, मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के उपरांत उसे सील करने और स्ट्रोंग रूम में जमा करवाने के बारे में भी उन्होंने विस्तार से जानकारी दी।

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