बाबा राम रहीम को जेल में खतरा बताने वाले डॉक्टर मोहित को 50 हजार जुर्माना ठोेंक कोर्ट ने की यह सख्त टिप्पणी
कहा सबक सिखाना जरूरी, वरना लग जाएंगे याचिकाओं के ढ़ेर
डॉक्टर मोहित ने याचिका दायर कर जेल में बाबा राम रहीम की जान को बताया था खतरा
याचिका में बाबा पर जेल में तीन बार हमले होने का दिया गया था हवाला
7 नवंबर 2019, 10:27 AM
गौरव सोनी। हरियाणा मीडिया जंक्शन
सिरसा। रोहतक की सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा राम रहीम की जान को खतरा बताते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले डेरा सच्चा सौदा के शह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल के डॉक्टर मोहित गर्ग की याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने 50 हजार रूपए का जुर्माना ठोंका है। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि सबक सिखाना जरूरी है, यदि ऐसा नहीं किया गया तो इस तरह की याचिकाओं के ढ़ेर लग जाएंगे। रोहतक के सेशन जज ने गत दिवस अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए बताया कि डेरा प्रमुख जेल में सुरक्षित हैं और स्वस्थ भी हैं। उधर सुनारिया जेल सुपरीटेंडेंट ने भी अपनी रिपोर्टे में कोर्ट को यही जानकारी दी है। बता दें कि डेरा सच्चा सौदा के शह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल के एक डॉक्टर मोहित गर्ग ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि सुनारिया जेल में राम रहीम की जान को खतरा है। याचिका में राम रहीम को कोर्ट में पेश करने की मांग करते हुए उनकी सुरक्षा की मांग की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि जेल प्रशासन राम रहीम से उनको मिलने भी नहीं दे रहा है। जेल नियमों के तहत उनको फोन करने की सुविधा भी नहीं दी जा रही है। इस बाबत उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत जेल नियमों की जानकारी मांगी थी कि एक कैदी के क्या अधिकार हंै, लेकिन उनको यह जानकारी भी नहीं दी गई। याचिका में जेल सुपरिटेंडेंट के चालक के पिता जो जेल के बाहर चाय की दुकान चलाते हैं, का हवाला देकर बताया गया था कि जेल में राम रहीम को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। याचिका में बताया गया कि यह जेल कहने को तो सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन पिछले एक साल में इस जेल में दर्जनों गैंगवार, फोन मिलने की घटनाओं समेत बड़े अपराधियों को जेल में रखा जा रहा है, जो डेरा प्रमुख के लिए एक खतरे से कम नहीं है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि लोकसभा चुनाव में एक पार्टी के नेता ने उन पर उनकी पार्टी को समर्थन देने का भी दवाब बनाया था। याचिकाकर्ता ने चीफ जस्टिस से आग्रह किया था कि वह इस याचिका पर तुरंत सुनवाई के आदेश दें। गत दिवस हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने डॉक्टर मोहित की याचिका को खारिज करते हुए उन्हें 50 हजार का जुर्माना ठोंक दिया।
जानें कोर्ट ने क्या कहा अपने आदेश में
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सेशन जज के बाबा के 4 नवंबर को दिए बयान को पढ़ा जिसमें उन्होंने कहा है कि वे जेल में पूरी तरह से सुरक्षित हैं और स्वास्थ ठीक है। समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच होती रहती है। सुरक्षा को लेकर याचिका दायर करने वाले डॉक्टर मोहित को वे नहीं जानते हैं।
डाक्टर मोहित को है टीआरपी की भूख : डेरा प्रबंधन
वहीं डेरा प्रबंधन की मानें तो डॉक्टर मोहित खुद की टीआरपी बटोरने के लिए ऐसा कर रहे हैं। इस तरह की याचिका से डेरा का कोई लेना देना नहीं है और न ही बाबा राम रहीम को जेल में जान का कोई खतरा है। ऐसा करके मोहित अपने आप को सुर्खियों में लाना चाहते हैं।
कहा सबक सिखाना जरूरी, वरना लग जाएंगे याचिकाओं के ढ़ेर
डॉक्टर मोहित ने याचिका दायर कर जेल में बाबा राम रहीम की जान को बताया था खतरा
याचिका में बाबा पर जेल में तीन बार हमले होने का दिया गया था हवाला
7 नवंबर 2019, 10:27 AM
गौरव सोनी। हरियाणा मीडिया जंक्शन
सिरसा। रोहतक की सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा राम रहीम की जान को खतरा बताते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले डेरा सच्चा सौदा के शह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल के डॉक्टर मोहित गर्ग की याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने 50 हजार रूपए का जुर्माना ठोंका है। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि सबक सिखाना जरूरी है, यदि ऐसा नहीं किया गया तो इस तरह की याचिकाओं के ढ़ेर लग जाएंगे। रोहतक के सेशन जज ने गत दिवस अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए बताया कि डेरा प्रमुख जेल में सुरक्षित हैं और स्वस्थ भी हैं। उधर सुनारिया जेल सुपरीटेंडेंट ने भी अपनी रिपोर्टे में कोर्ट को यही जानकारी दी है। बता दें कि डेरा सच्चा सौदा के शह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल के एक डॉक्टर मोहित गर्ग ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि सुनारिया जेल में राम रहीम की जान को खतरा है। याचिका में राम रहीम को कोर्ट में पेश करने की मांग करते हुए उनकी सुरक्षा की मांग की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि जेल प्रशासन राम रहीम से उनको मिलने भी नहीं दे रहा है। जेल नियमों के तहत उनको फोन करने की सुविधा भी नहीं दी जा रही है। इस बाबत उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत जेल नियमों की जानकारी मांगी थी कि एक कैदी के क्या अधिकार हंै, लेकिन उनको यह जानकारी भी नहीं दी गई। याचिका में जेल सुपरिटेंडेंट के चालक के पिता जो जेल के बाहर चाय की दुकान चलाते हैं, का हवाला देकर बताया गया था कि जेल में राम रहीम को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। याचिका में बताया गया कि यह जेल कहने को तो सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन पिछले एक साल में इस जेल में दर्जनों गैंगवार, फोन मिलने की घटनाओं समेत बड़े अपराधियों को जेल में रखा जा रहा है, जो डेरा प्रमुख के लिए एक खतरे से कम नहीं है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि लोकसभा चुनाव में एक पार्टी के नेता ने उन पर उनकी पार्टी को समर्थन देने का भी दवाब बनाया था। याचिकाकर्ता ने चीफ जस्टिस से आग्रह किया था कि वह इस याचिका पर तुरंत सुनवाई के आदेश दें। गत दिवस हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने डॉक्टर मोहित की याचिका को खारिज करते हुए उन्हें 50 हजार का जुर्माना ठोंक दिया।
जानें कोर्ट ने क्या कहा अपने आदेश में
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सेशन जज के बाबा के 4 नवंबर को दिए बयान को पढ़ा जिसमें उन्होंने कहा है कि वे जेल में पूरी तरह से सुरक्षित हैं और स्वास्थ ठीक है। समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच होती रहती है। सुरक्षा को लेकर याचिका दायर करने वाले डॉक्टर मोहित को वे नहीं जानते हैं।
डाक्टर मोहित को है टीआरपी की भूख : डेरा प्रबंधन
वहीं डेरा प्रबंधन की मानें तो डॉक्टर मोहित खुद की टीआरपी बटोरने के लिए ऐसा कर रहे हैं। इस तरह की याचिका से डेरा का कोई लेना देना नहीं है और न ही बाबा राम रहीम को जेल में जान का कोई खतरा है। ऐसा करके मोहित अपने आप को सुर्खियों में लाना चाहते हैं।


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