पराली की गांठ बांधने के लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान पर मिलेंगे स्ट्रा बेलर
11 नवंबर 2019, 9:39
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। धान निकालने के बाद खेत में बची पराली की गांठें बांधने के लिए किसानों को 40 से 50 प्रतिशत अनुदान पर स्ट्रा बेलर प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए इच्छुक किसानों से आवेदन मांगे आमंत्रित किए गए हैं जिसकी अंतिम तिथि 15 नवंबर है। सहायक कृषि अभियंता गोपी राम ने बताया कि प्रदेश सरकार ने पराली प्रबंधन की समस्या को और अधिक आसान बनाने के लिए किसानों को पराली की गांठ बांधने की मशीन उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। सीआरएम व स्मैम योजना के तहत वर्ष 2019-20 के दौरान स्ट्रा बेलर(हेरैक/स्ट्रा स्लेशर) यंत्र 40 से 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाया जाएगा। स्ट्रा बेलर पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किसानों को उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जो किसान स्ट्रा बेलर के लिए आवेदन करना चाहते हैं वे अपने ट्रैक्टर की आरसी, भूमि रिकॉर्ड, आधार कार्ड व बैंक की पासबुक आदि दस्तावेजों के साथ 15 नवंबर तक लघु सचिवालय की तीसरी मंजिल स्थित सहायक कृषि अभियंता कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह मशीन खेत में पराली की गांठें बना देती है जिससे उसे जलाने की जरूरत नहीं पड़ती है।
11 नवंबर 2019, 9:39
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हिसार। धान निकालने के बाद खेत में बची पराली की गांठें बांधने के लिए किसानों को 40 से 50 प्रतिशत अनुदान पर स्ट्रा बेलर प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए इच्छुक किसानों से आवेदन मांगे आमंत्रित किए गए हैं जिसकी अंतिम तिथि 15 नवंबर है। सहायक कृषि अभियंता गोपी राम ने बताया कि प्रदेश सरकार ने पराली प्रबंधन की समस्या को और अधिक आसान बनाने के लिए किसानों को पराली की गांठ बांधने की मशीन उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। सीआरएम व स्मैम योजना के तहत वर्ष 2019-20 के दौरान स्ट्रा बेलर(हेरैक/स्ट्रा स्लेशर) यंत्र 40 से 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाया जाएगा। स्ट्रा बेलर पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किसानों को उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जो किसान स्ट्रा बेलर के लिए आवेदन करना चाहते हैं वे अपने ट्रैक्टर की आरसी, भूमि रिकॉर्ड, आधार कार्ड व बैंक की पासबुक आदि दस्तावेजों के साथ 15 नवंबर तक लघु सचिवालय की तीसरी मंजिल स्थित सहायक कृषि अभियंता कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह मशीन खेत में पराली की गांठें बना देती है जिससे उसे जलाने की जरूरत नहीं पड़ती है।


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