लो जी हरियाणा में दोबारा से बन रहे हैं बीपीएल कार्ड, सीएम ने दिए हैं यह आदेश
16 नवंबर 2019, 7:18 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
फतेहाबाद। गरीबी रेखा में जीवन यापन करने वाले लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए हरियाणा सरकार ने प्रदेश में दोबारा से बीपीएल कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि इस योजना का लाभ लेने के लिए जिन लोगों ने बीपीएल कार्ड के लिए आवेदन किए हंै, 30 नवंबर तक उन सभी आवेदनों की जांच पड़ताल करके योग्य पात्र परिवारों के बीपीएल कार्ड बनाए जाएं, ताकि सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं का लाभ योग्य लाभार्थियों को मिल सके। नशा करोबार पर कड़ा रूख अख्त्यिार करते हुए सीएम ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में नशा किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रग के खिलाफ एक विशेष जागरूकता समाज में लाई जाए। गांव, शहर में कमेटियां गठित करके लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करने का कार्य किया जाए। इस दिशा में जो भी खाप पंचायते तथा समाजसेवी संस्थाएं कार्य करना चाहती है, उन सभी को इस समाजिक मुहिम से जोड़ा जाएगा। सभी जिलों में चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों की 15 दिनों में गहन जांच की जाए और बिना लाईसेंस के चल रहे नशामुक्ति केंद्रों को तुरंत बंद करवाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जो नशामुक्ति केंद्र के संचालक निस्वार्थ भाव से सामाजिक हित में नशा को खत्म करने का कार्य करना चाहते है, उनको लाईसेंस दिया जाएगा। सीएम ने बताया कि हरियाणा में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पिछले दिनों हरियाणा वीजन जीरो कार्यक्रम चलाया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए और सड़क दुर्घटनाओं में कमी हुई। इस अभियान को निरंतर ऐसे ही चलाते हुए रोड़ एक्सीडेंट फ्री की दिशा में एक व्यापक रूपरेखा बनाई जाए, जिसके तहत सभी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान करके सांकेतिक बोर्ड तथा अन्य जरूरी इंतजाम किए जाए ताकि भविष्य में दुर्घटनाएं न हों।
स्वच्छता सरंक्षण में हरियाणा देशभर में दूसरे स्थान पर
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि स्वच्छता सरंक्षण 2019 में प्रदेश पूरे देश में दूसरे स्थान पर रहा है। स्वच्छता के मामले में ओर अधिक प्रयास करके प्रदेश को अग्रणीय बनाना है। इस दिशा में कार्य करते हुए व्यर्थ जल व ठोस व तरल कचरा प्रबंधन का दोबारा इस्तेमाल करने की व्यापक रूपरेखा बनाई जाए। तालाबों के सरंक्षण के लिए तालाब प्राधिकरण का गठन किया गया है। तालाबों की क्षमता में वृद्धि करने के लिए नियमित कार्य किए जाए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर री-साईकलिंग पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह सामाजिक सरोकार से जुड़ा मुद्दा लोगों के सहयोग से निरंतर यूंही चलता रहे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है, इसी तरह जिला स्तर पर भी टास्क फोर्स का गठन करें और स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए व्यापक कदम उठाए जाए। उन्होंने कहा कि जनवरी 2020 में केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छ सर्वेक्षण किया जाएगा। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता की दिशा में विशेष रूचि लेकर कार्य करें और आमजन मानस को जागरूक करें, ताकि इस सर्वेक्षण में प्रदेश सबसे आगे रहे।
प्रदूषण पर रोकथाम के लिए सरकार ने बनाया है यह प्लान
प्रदूषण पर रोकथाम के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन की दिशा में पराली न जलाने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाएं बनाई है। छोटे और सीमांत किसानों को पराली ने जलाने के लिए 100 प्रति किवंटल की राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा धान की फसल अवशेषों के एक्स-सीटू तथा इन-सीटू प्रबंधन के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर और स्ट्रा-बेलर यूनिट संचालकों को परिचालन लागत के रूप में 1000 हजार रुपये प्रति एकड़ का खर्चा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी रबी के सीजन को देखते हुए पूरे प्रदेश में 1 लाख 50 हजार मीट्रिक टन फटीर्लाईजर उपलब्ध है। सभी उपायुक्त अपने-अपने जिलों में प्राप्त मात्रा में फटीर्लाईजर का उचित प्रबंध करें तथा किसानों को मुहैया करवाने के प्रबंध सुनिश्चित करें। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे जल्द से जल्द रबी के फसल की बुआई कर लें, ताकि ठीक समय पर उनकी फसल तैयार हो जाए ताकि उनको अधिक से अधिक लाभ हो सके।
फतेहाबाद में पराली जलाने की घटनाओं में 50 फीसद कमी
उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा ने बताया कि प्रदूषण को कम करने के लिए प्रशासन द्वारा अथक प्रयास किए जा रहे है। पिछले वर्ष से इस वर्ष 50 प्रतिशत आगजनी में कमी आई है, 30 टीमें गठित की गई जो फिल्ड में मॉनिटरिंग कर रही है। पराली का सुदपयोग हो इसके लिए उचित प्रबंध किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि धान की पराली की कटाई के लिए कटर/उपकरण गौशालाओं में भिजवाने आरंभ कर दिए गए है। धान की पराली को जलाने की रोकथाम के लिए जनता को जागरूक भी किया जा रहा है और समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है। आग जलाने वाले व्यक्तियों की पहचान कर नियमानुसार उचित कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।
नशा करोबार से जुड़े लोगोंं पर 5 माह में 350 एफआईआर
डीसी ने बताया कि नशा की रोकथाम के लिए प्रशासन द्वारा उचित कानूनी कार्यवाही की जा रही है। नशा के कारोबार से जुड़े लोगों पर 1 जून से अब तक 350 केस दर्ज किए गए है। नशा के आदि हो चुके लोगों को नशा छुड़ाने के लिए जिले में 3 नशामुक्ति केंद्र कार्य कर रहे है। उपायुक्त ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जिले में नशामुक्ति केंंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए और पर्याप्त मात्रा में स्टाफ की नियुक्ति की जाए।
16 नवंबर 2019, 7:18 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
फतेहाबाद। गरीबी रेखा में जीवन यापन करने वाले लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए हरियाणा सरकार ने प्रदेश में दोबारा से बीपीएल कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि इस योजना का लाभ लेने के लिए जिन लोगों ने बीपीएल कार्ड के लिए आवेदन किए हंै, 30 नवंबर तक उन सभी आवेदनों की जांच पड़ताल करके योग्य पात्र परिवारों के बीपीएल कार्ड बनाए जाएं, ताकि सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं का लाभ योग्य लाभार्थियों को मिल सके। नशा करोबार पर कड़ा रूख अख्त्यिार करते हुए सीएम ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में नशा किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रग के खिलाफ एक विशेष जागरूकता समाज में लाई जाए। गांव, शहर में कमेटियां गठित करके लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करने का कार्य किया जाए। इस दिशा में जो भी खाप पंचायते तथा समाजसेवी संस्थाएं कार्य करना चाहती है, उन सभी को इस समाजिक मुहिम से जोड़ा जाएगा। सभी जिलों में चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों की 15 दिनों में गहन जांच की जाए और बिना लाईसेंस के चल रहे नशामुक्ति केंद्रों को तुरंत बंद करवाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जो नशामुक्ति केंद्र के संचालक निस्वार्थ भाव से सामाजिक हित में नशा को खत्म करने का कार्य करना चाहते है, उनको लाईसेंस दिया जाएगा। सीएम ने बताया कि हरियाणा में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पिछले दिनों हरियाणा वीजन जीरो कार्यक्रम चलाया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए और सड़क दुर्घटनाओं में कमी हुई। इस अभियान को निरंतर ऐसे ही चलाते हुए रोड़ एक्सीडेंट फ्री की दिशा में एक व्यापक रूपरेखा बनाई जाए, जिसके तहत सभी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान करके सांकेतिक बोर्ड तथा अन्य जरूरी इंतजाम किए जाए ताकि भविष्य में दुर्घटनाएं न हों।
स्वच्छता सरंक्षण में हरियाणा देशभर में दूसरे स्थान पर
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि स्वच्छता सरंक्षण 2019 में प्रदेश पूरे देश में दूसरे स्थान पर रहा है। स्वच्छता के मामले में ओर अधिक प्रयास करके प्रदेश को अग्रणीय बनाना है। इस दिशा में कार्य करते हुए व्यर्थ जल व ठोस व तरल कचरा प्रबंधन का दोबारा इस्तेमाल करने की व्यापक रूपरेखा बनाई जाए। तालाबों के सरंक्षण के लिए तालाब प्राधिकरण का गठन किया गया है। तालाबों की क्षमता में वृद्धि करने के लिए नियमित कार्य किए जाए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर री-साईकलिंग पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह सामाजिक सरोकार से जुड़ा मुद्दा लोगों के सहयोग से निरंतर यूंही चलता रहे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है, इसी तरह जिला स्तर पर भी टास्क फोर्स का गठन करें और स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए व्यापक कदम उठाए जाए। उन्होंने कहा कि जनवरी 2020 में केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छ सर्वेक्षण किया जाएगा। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता की दिशा में विशेष रूचि लेकर कार्य करें और आमजन मानस को जागरूक करें, ताकि इस सर्वेक्षण में प्रदेश सबसे आगे रहे।
प्रदूषण पर रोकथाम के लिए सरकार ने बनाया है यह प्लान
प्रदूषण पर रोकथाम के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन की दिशा में पराली न जलाने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाएं बनाई है। छोटे और सीमांत किसानों को पराली ने जलाने के लिए 100 प्रति किवंटल की राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा धान की फसल अवशेषों के एक्स-सीटू तथा इन-सीटू प्रबंधन के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर और स्ट्रा-बेलर यूनिट संचालकों को परिचालन लागत के रूप में 1000 हजार रुपये प्रति एकड़ का खर्चा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी रबी के सीजन को देखते हुए पूरे प्रदेश में 1 लाख 50 हजार मीट्रिक टन फटीर्लाईजर उपलब्ध है। सभी उपायुक्त अपने-अपने जिलों में प्राप्त मात्रा में फटीर्लाईजर का उचित प्रबंध करें तथा किसानों को मुहैया करवाने के प्रबंध सुनिश्चित करें। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे जल्द से जल्द रबी के फसल की बुआई कर लें, ताकि ठीक समय पर उनकी फसल तैयार हो जाए ताकि उनको अधिक से अधिक लाभ हो सके।
फतेहाबाद में पराली जलाने की घटनाओं में 50 फीसद कमी
उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा ने बताया कि प्रदूषण को कम करने के लिए प्रशासन द्वारा अथक प्रयास किए जा रहे है। पिछले वर्ष से इस वर्ष 50 प्रतिशत आगजनी में कमी आई है, 30 टीमें गठित की गई जो फिल्ड में मॉनिटरिंग कर रही है। पराली का सुदपयोग हो इसके लिए उचित प्रबंध किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि धान की पराली की कटाई के लिए कटर/उपकरण गौशालाओं में भिजवाने आरंभ कर दिए गए है। धान की पराली को जलाने की रोकथाम के लिए जनता को जागरूक भी किया जा रहा है और समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है। आग जलाने वाले व्यक्तियों की पहचान कर नियमानुसार उचित कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।
नशा करोबार से जुड़े लोगोंं पर 5 माह में 350 एफआईआर
डीसी ने बताया कि नशा की रोकथाम के लिए प्रशासन द्वारा उचित कानूनी कार्यवाही की जा रही है। नशा के कारोबार से जुड़े लोगों पर 1 जून से अब तक 350 केस दर्ज किए गए है। नशा के आदि हो चुके लोगों को नशा छुड़ाने के लिए जिले में 3 नशामुक्ति केंद्र कार्य कर रहे है। उपायुक्त ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जिले में नशामुक्ति केंंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए और पर्याप्त मात्रा में स्टाफ की नियुक्ति की जाए।


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