सड़क दुर्घटना में गर्भवती की मौत, हादसे के बाद डिलिवरी में जन्मा लड़का, जान बचाने में जुटे चिकित्सक
17 नवंबर 2019, 12:31 AM
हरियाणा मीडिया जंक्शन
पंचकूला। शादी की दूसरी सालगिरह पर पत्नी को लेकर लौट रहे युवक का बाईक ट्रक की चपेट में आ गया। इस हादसे में मुंह के ऊपर से ट्रक निकलने से गर्भवती महिला की मौत हो गई। हादसे के बाद पंचकूला के जनरल अस्पताल में महिला की डिलिवरी करवाई गई ताकि बच्चे को बचाया जा सके। महिला को लड़का हुआ। पांच डॉक्टरों की टीम बच्चे को बचाने में जुटी है पर फिलहाल बच्चे की हालत भी नाजुक बनी हुई है। नवजात को फिलहाल अस्पताल के सेकंड फ्लोर स्थित निक्कू वार्ड में एंबु बैग पर रखा गया है। उसकी धड़कन बार-बार गायब हो रही है। डॉक्टरों की मानें तो उसे फिलहाल मेडिकेशन में रखा गया है और बीच-बीच में पीजीआई व जीएमसीएच-32 के डॉक्टरों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। बच्चे की जान बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है।डॉक्टरों के मुताबिक उन्होंने पहले बच्चे की धड़कन सुनने की कोशिश की और वह सुनाई दे रही थी। बच्चे की धड़कन 60 से 90 के बीच में थी जो कि नॉर्मली 140 के करीब होता है। तुरंत सर्जरी करके बच्चे को पेट से निकाला गया। बच्चा हेल्दी था और उसका वजन करीब 3 किलोग्राम का था। बच्चे का हार्ट भी था और रेसपिरेशन भी था और बच्चा हेल्दी था लेकिन मां करीब एक घंटे से सांस नहीं ले रही थी और उसकी वजह से बच्चे के भीतर आॅक्सीजन खत्म हो चूका था और उसका शरीर नीला पड़ चुका था। ऐसे केस में बच्चे के बचने के चांस काफी कम होते हैं लेकिन 0.1 परसेंट चांस तक हमें बच्चे के बचने की उम्मीद होती है। हमने रेसीसिटेशन मैथर्ड से हमने उसके हार्ट रेट को वापिस लाने को कोशिश की। करीब 5 मिनट बाद उसका हार्ट रेट वापिस आ गया लेकिन रेसपिरेशन नहीं आया। जिसके बाद हमने एंबु बैग पर बच्चे को रखा। उसका हार्ट बीच बीच में डिप कर रहा है। मृत महिला का नाम सोनिया और पति का नाम तरसेम है। महिला के पति तरसेम ने बताया कि उसका ससुराल चंडीकोटला है। कल रविवार 17 नवंबर को शादी की दूसरी सालगिरह थी। इसलिए वह पत्नी को लाने गया था।


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