हरियाणा : नवंबर के अगले पखवाड़े से शुरु हो जाएगी गन्ना पिराई, 14 दिन में होगी गन्ने की पेमेंट


हरियाणा : नवंबर के अगले पखवाड़े से शुरु हो जाएगी गन्ना पिराई, 14 दिन में होगी गन्ने की पेमेंट


भाकियू व कृषि विभाग के डीजी के बीच बनी 14 दिन में गन्ने की पेमेंट देने पर सहमती

8 नवंबर 2019, 8:16 PM
पानीपत। गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर कृषि विभाग के महानिदेशक से मीटिंग करते भाकियू प्रतिनिधिमंडल।
 सन्नी कथूरिया। हरियाणा मीडिया जंक्शन
पानीपत। हरियाणा प्रदेश के ज्यादातर शुगर मिलों में इसी नवंबर माह के दूसरे पखवाड़े में 2019-20 का पिराई सत्र शुरू हो जाएगा और इसी सीजन के दौरान गन्ना उत्पादक किसानों को गन्ने की पेमेंट, सरपल्स गन्ना, गन्ने में कटोती सहित कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। किसानों की इन्हीं समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को सेक्टर 21 पंचकूला स्थित कृषि भवन के कार्यालय हरियाणा के कृषि महानिदेशक अजीत बालाजी जोशी से मिला और उन्हें शुगर मिलों के सीजन के दौरान किसानों के सामने आने वाली समस्याओं से अवगत करवाया। इस मौके पर एडीशनल केन कमीश्नर बराड़ भी मौजूद रहे। वहीं भाकियू के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेशाध्यक्ष रतन मान, पानीपत जिला अध्यक्ष कुलदीप बलाना, जगमोहन मलिक, जयकरण कादियान, जयपाल कुराना, ब्रहम सिंह दहिया आदि मौजूद रहे। भाकियू प्रतिनिधिमंडल ने कृषि विभाग के महानिदेशक के सामने गन्ना किसानों को सीजन के दौरान आने वाली कई समस्याओं से अवगत करवाया। जिसमें भाकियू ने मांग की कि किसानों को गन्ना की पेमेंट 14 दिन में करवाई जाए और जो शुगर मिल 14 दिन में पेमेंट नहीं करता तो उस पर शुगर मिल द्वारा किसानों को ब्याज दिया जाए। वहीं पानीपत के मौजूदा पुराने शुगर मिल की पिराई क्षमता कम है तो  जो करीब 8 लाख क्विंटल सरपल्स गन्ना है तो उसे गोहाना, करनाल आदि शुगर मिलों में भेजा जाए तो उसकी शुरूवात पिराई सत्र शुरू होते ही कर दी जाए। भाकियू ने कहा कि यदि वह शुगर मिल अपने क्षेत्र का 95 प्रतिशतगन्ना लेता है तो वह करीब 5 प्रतिशत सरपल्स गन्ना ले ताकि किसी को भी कोई परेशानी ना आए। वहीं भाकियू प्रतिनिधिमंडल को बताया गया की पानीपत केगांव डाहर में लगने वाले नए शुगर मिल का बनने के बाद जो ट्रायल अगले साल जनवरी या फरवरी में होना था तो वह अब इस सीजन में नहीं होगा और अगले सीजनमें ही डाहर शुगर मिल चालू होगा। हालांकि भाकियू प्रतिनिधिमंडल व कृषि विभाग के महानिदेशक के बीच इस बात पर सहमती बनी कि किसानों को 14 दिन केअंदर गन्ने की पेमेंट दी जाए। वहीं पेमेंट लेट होने पर ब्याज देने वाली बात पर डीजी द्वारा कहा गया कि इस तरह का केस हाई कोर्ट में विचाराधीन हैओर इस बारे में अभी कोई फैसला नहीं लिया जा सकता। वही भाकियू ने महानिदेशक को बताया कि पानीपत की इसराना अनाज मंडी में बाजरे की खरीद 8नवंबर से बंद कर दी गई है। जिस पर अजीत बालाजी जोशी ने भाकियू प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि किसानों की बाजरे की खरीद करवाई जाएगी।

खेत में 4 फीट की दूरी पर गन्ना बिजाई करने वाले किसान पोर्टल पर करवाएं पंजीकरण
भाकियू के पानीपत जिला अध्यक्ष कुलदीप बलाना ने पंचकूला से आने के उपरांत किसान भवन में शुक्रवार शाम को बताया कि सरकार द्वारा खेतों में 4 फीट की दूरी पर गन्ना की बिजाई करने वाले किसानों को सरकार द्वारा 8 हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस विधि से बिजाई किए गन्ने को मशीन द्वारा काटा जाएगा और उसी दिन उसे शुगर मिल में ले जाया जायगा। उन्होंने बताया कि गन्ना कटाई की मशीन ऐसी है जोकि 4 फीट पर बिजाई करने वाले गन्ने को ही काट सकती है। यह मशीन शुगर मिल द्वारा किसानों को उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए कम से कम 4 एकड़ गन्ने की फसल एक ही स्थान पर होनी चाहिए। कुलदीप ने कहा कि जो भी किसान 4 फीट की दूरी पर गन्ने की बिजाई करना चाहता है तो वह कृषि विभाग के पोर्टल में अपना रजिस्ट्रेशन करवाए ताकि उसे इस योजना का लाभ मिल सके।

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