प्रशंसनीय : हिसार जिला प्रशासन ने खोज निकाला पराली के उपयोग का फार्मूला
अब गौशालाओं की गायों के सूखे चारे में होगा पराली का उपयोग
नगर निगम गौ अभ्यारण्य की 25 एकड़ भूमि पर हरा चारा भी उगाएगा प्रशासन
अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह ने स्ट्रे कैटल कमेटी की बैठक में की समीक्षा
19 नवंबर 2019, 7:58 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
हिसार। एक और जहां पराली पर देशभर में घमासान मचा है, वहीं हिसार जिला प्रशासन ने पराली के उपयोग का एक बेहद ही जबरदस्त फार्मूला खोज निकाला है। पराली का उपयोग अब गौशालाओं व नंदीशालाओं में रखे गए पशुओं के सूखे चारे की कमी को पूरा करने में किया जाएगा। इसके साथ ही प्रशासन हिसार नगर निगम गौ-अभ्यारण में उपलब्ध 25 एकड़ भूमि पर हरा चारा उगा कर गौवंश के लिए हरे चारे का भी प्रबंध करेगा। ऐसा करने से एक तरफ जहां पराली को जलाने की जरूरत नहीं रहेगी वहीं पशुओं के लिए सूखे चारे की जरूरत पूरी हो सकेगी। अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह ने इस बाबत अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे दिए हैं। वे आज यहां
स्ट्रै कैटल कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में जिले में बेसहारा गौवंश की स्थिति, विभिन्न विभागों द्वारा इस समस्या के हल के लिए किए गए प्रयासों व गौवंश के पुनर्वास तथा इस संबंध में आ रही चुनौतियों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में नगर निगम के डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्रर डॉ. प्रदीप हुड्डा ने नंदीशाला व गौ-अभ्यारण्य में चारे की समस्या का मुद्दा उठाया। सूखे चारे की समस्या के संबंध में एडीसी ने गौसेवक अनिल गोदारा के सुझाव पर धान उत्पादक किसानों के खेतों से पराली का प्रबंध करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि यदि गौशालाओं व नंदीशालाओं में खेतों की अतिरिक्त पराली लाई जा सके तो पराली में आग लगाने की प्रवृति बंद होगी तथा पशुओं के लिए सूखे चारे की कमी भी नहीं रहेगी। उन्होंने तूड़ी की व्यवस्था के लिए राजकीय पशुधन फार्म के मुख्य अधीक्षक व सेंट्रल-स्टेट फार्म के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ आवश्यक व्यवस्था करवाने को कहा। बैठक में नगर निगम की सयुंक्त आयुक्त शालिनी चेत्तल, हिसार एसडीएम परमजीत चहल, नारनौंद एसडीएम सुरेंद्र सिंह, जिला राजस्व अधिकारी राजबीर धीमान, डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्रर डॉ. प्रदीप हुड्डा, नगर पालिका बरवाला के एसआई दीपक , नगर परिषद हांसी के जेई राहुल, व वीएलडीए सतबीर सिंह सहित अनेक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
गांवों में भी पशु बाड़े व गौ गृह खोले जाने के निर्देश
एडीसी ने शहर में मौजूद बेसहारा पशु पकड़ने के लिए दोबारा से टेंडर प्रक्रिया करके इस कार्य में तेजी लाने को कहा ताकि शहर को बेसहारा पशु मुक्त करके आमजन को राहत दी जा सके। उन्होंने इस कार्य के लिए आवश्यक धनराशि की मांग जरूरत अनुसार गौसेवा आयोग को भिजवाने को कहा। उन्होंने हांसी नगर परिषद तथा बरवाला, नारनौंद व उकलाना की नगर पालिकाओं के अधिकारियों को भी इस संबंध में मांग भिजवाने को कहा। बैठक में सर्वसम्मति से बेसहारा पशुओं की समस्या के स्थाई समाधान व गौशालाओं की आमदनी के स्थाई प्रबंध के लिए अतिरिक्त उपायुक्त ने ग्रामीण स्तर पर पंचायतों द्वारा पंचायती जमीन पर पशु बाड़े या गौगृह खोले जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए स्थानीय स्तर पर चारा, पानी व पशुओं के रखरखाव का प्रबंध किया जाए ताकि गांव से शहर की ओर पशुओं का आगमन रोका जा सके। उन्होंने इस बारे में डीडीपीओ को कहा कि वे सभी बीडीपीओ को निर्देश दें कि ग्राम पंचायतों के माध्यम से पशु बाड़े खुलवाकर बेसहारा गौवंश का पुनर्वास सुनिश्चित करें। उन्होंने इस कार्य के लिए सभी उपमंडल अधिकारियों को भी अपने स्तर पर सहयोग करने को कहा।
हिसार जिले में हैं 51 पंजीकृत गौशालाएं
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक कम जिला गौवंश विकास अधिकारी डॉ. डीएस सिंधू ने बताया कि जिला में 51 पंजीकृत गौशालाओं में बेसहारा पशु रखे जा रहे हैं। इनमें रखे जा रहे गौवंश की टैगिंग, टीकाकरण व उपचार आदि के लिए विभाग में कार्यरत पशु चिकित्सा सहायक, वेटर्नरी सर्जन की देखरेख में नियमित रूप से प्रतदिन सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि धान्सू रोड स्थित नंदीशाला व ढंढूर में स्थित गौ-अभ्यारण्य में स्थाई स्टाफ लगाया गया है। गौ सेवा आयोग द्वारा गौशालाओं में चारे व शैड निर्माण के लिए पिछले 3 सालों में लगभग 5.2 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है तथा 19 लाख रुपये विभिन्न प्रकार की मशीनरी जैसे तुड़ी चढ़ाने वाला पंखा, गोबर के डंडे बनाने की मशीन, गौ अर्क मशीन, स्प्रे मशीन व चारा काटने की मशीन के लिए अनुदान के रूप में दी जा चुकी है।
अब गौशालाओं की गायों के सूखे चारे में होगा पराली का उपयोग
नगर निगम गौ अभ्यारण्य की 25 एकड़ भूमि पर हरा चारा भी उगाएगा प्रशासन
अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह ने स्ट्रे कैटल कमेटी की बैठक में की समीक्षा
19 नवंबर 2019, 7:58 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
हिसार। एक और जहां पराली पर देशभर में घमासान मचा है, वहीं हिसार जिला प्रशासन ने पराली के उपयोग का एक बेहद ही जबरदस्त फार्मूला खोज निकाला है। पराली का उपयोग अब गौशालाओं व नंदीशालाओं में रखे गए पशुओं के सूखे चारे की कमी को पूरा करने में किया जाएगा। इसके साथ ही प्रशासन हिसार नगर निगम गौ-अभ्यारण में उपलब्ध 25 एकड़ भूमि पर हरा चारा उगा कर गौवंश के लिए हरे चारे का भी प्रबंध करेगा। ऐसा करने से एक तरफ जहां पराली को जलाने की जरूरत नहीं रहेगी वहीं पशुओं के लिए सूखे चारे की जरूरत पूरी हो सकेगी। अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह ने इस बाबत अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे दिए हैं। वे आज यहां
स्ट्रै कैटल कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में जिले में बेसहारा गौवंश की स्थिति, विभिन्न विभागों द्वारा इस समस्या के हल के लिए किए गए प्रयासों व गौवंश के पुनर्वास तथा इस संबंध में आ रही चुनौतियों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में नगर निगम के डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्रर डॉ. प्रदीप हुड्डा ने नंदीशाला व गौ-अभ्यारण्य में चारे की समस्या का मुद्दा उठाया। सूखे चारे की समस्या के संबंध में एडीसी ने गौसेवक अनिल गोदारा के सुझाव पर धान उत्पादक किसानों के खेतों से पराली का प्रबंध करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि यदि गौशालाओं व नंदीशालाओं में खेतों की अतिरिक्त पराली लाई जा सके तो पराली में आग लगाने की प्रवृति बंद होगी तथा पशुओं के लिए सूखे चारे की कमी भी नहीं रहेगी। उन्होंने तूड़ी की व्यवस्था के लिए राजकीय पशुधन फार्म के मुख्य अधीक्षक व सेंट्रल-स्टेट फार्म के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ आवश्यक व्यवस्था करवाने को कहा। बैठक में नगर निगम की सयुंक्त आयुक्त शालिनी चेत्तल, हिसार एसडीएम परमजीत चहल, नारनौंद एसडीएम सुरेंद्र सिंह, जिला राजस्व अधिकारी राजबीर धीमान, डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्रर डॉ. प्रदीप हुड्डा, नगर पालिका बरवाला के एसआई दीपक , नगर परिषद हांसी के जेई राहुल, व वीएलडीए सतबीर सिंह सहित अनेक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
गांवों में भी पशु बाड़े व गौ गृह खोले जाने के निर्देश
एडीसी ने शहर में मौजूद बेसहारा पशु पकड़ने के लिए दोबारा से टेंडर प्रक्रिया करके इस कार्य में तेजी लाने को कहा ताकि शहर को बेसहारा पशु मुक्त करके आमजन को राहत दी जा सके। उन्होंने इस कार्य के लिए आवश्यक धनराशि की मांग जरूरत अनुसार गौसेवा आयोग को भिजवाने को कहा। उन्होंने हांसी नगर परिषद तथा बरवाला, नारनौंद व उकलाना की नगर पालिकाओं के अधिकारियों को भी इस संबंध में मांग भिजवाने को कहा। बैठक में सर्वसम्मति से बेसहारा पशुओं की समस्या के स्थाई समाधान व गौशालाओं की आमदनी के स्थाई प्रबंध के लिए अतिरिक्त उपायुक्त ने ग्रामीण स्तर पर पंचायतों द्वारा पंचायती जमीन पर पशु बाड़े या गौगृह खोले जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए स्थानीय स्तर पर चारा, पानी व पशुओं के रखरखाव का प्रबंध किया जाए ताकि गांव से शहर की ओर पशुओं का आगमन रोका जा सके। उन्होंने इस बारे में डीडीपीओ को कहा कि वे सभी बीडीपीओ को निर्देश दें कि ग्राम पंचायतों के माध्यम से पशु बाड़े खुलवाकर बेसहारा गौवंश का पुनर्वास सुनिश्चित करें। उन्होंने इस कार्य के लिए सभी उपमंडल अधिकारियों को भी अपने स्तर पर सहयोग करने को कहा।
हिसार जिले में हैं 51 पंजीकृत गौशालाएं
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक कम जिला गौवंश विकास अधिकारी डॉ. डीएस सिंधू ने बताया कि जिला में 51 पंजीकृत गौशालाओं में बेसहारा पशु रखे जा रहे हैं। इनमें रखे जा रहे गौवंश की टैगिंग, टीकाकरण व उपचार आदि के लिए विभाग में कार्यरत पशु चिकित्सा सहायक, वेटर्नरी सर्जन की देखरेख में नियमित रूप से प्रतदिन सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि धान्सू रोड स्थित नंदीशाला व ढंढूर में स्थित गौ-अभ्यारण्य में स्थाई स्टाफ लगाया गया है। गौ सेवा आयोग द्वारा गौशालाओं में चारे व शैड निर्माण के लिए पिछले 3 सालों में लगभग 5.2 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है तथा 19 लाख रुपये विभिन्न प्रकार की मशीनरी जैसे तुड़ी चढ़ाने वाला पंखा, गोबर के डंडे बनाने की मशीन, गौ अर्क मशीन, स्प्रे मशीन व चारा काटने की मशीन के लिए अनुदान के रूप में दी जा चुकी है।


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