आखिर क्या कसूर था हनीप्रीत का, किसके दबाव में लगाई गई देशद्रोह जैसी धाराएं ?

आखिर क्या कसूर था हनीप्रीत का, किसके दबाव में लगाई गई देशद्रोह जैसी धाराएं ?

यदि हनीप्रीत दोषी है तो फिर दो साल में भी आरोप क्यों सिद्ध नहीं कर पाई पुलिस ?

क्या हनीप्रीत को देशद्रोही करार देने वाले पुलिस अफसरों को भी होगी जेल ?


7 नवंबर 2019, 7:13 PM
 संदीप कम्बोज/गौरव सोनी। हरियाणा मीडिया जंक्शन
सिरसा। बिना किसी तथ्यों के किसी इंसान पर देशद्रोह जैसा संगीन इल्जाम लगाकर उसे जेल की सलाखों में सड़ने के लिए मजबूर कर देना, क्या यह न्यायसंगत है? यदि नहीं तो क्या कसूर था बाबा राम रहीम की दत्तक पुत्री हनीप्रीत का? यदि हनीप्रीत ने सच में ही देशद्रोह जैसा कोई संगीन अपराध किया है तो दो साल में भी साबित क्यों नहीं कर पाई पुलिस? इन्हीं सब सवालों के जवाब न मिलने के कारण ही पंचकूला सीजेएम कोर्ट ने हनीप्रीत पर लगाई गई देशद्रोह जैसी संगीन धाराएं हटाकर उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया। जमानत हो गई, हनीप्रीत डेरे में भी पहुंच गई । डेरा प्रेमियों ने हनीप्रीत की रिहाई की खुशी में जश्न भी मना लिया लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह कि क्या कानून का मतलब किसी भी निर्दोष इंसान की जिंदगी तबाह करना रह गया है। क्या पुलिस किसी पर भी संगीन इल्जाम लगाकर जांच की दुहाई देते हुए उसे दो-दो साल के लिए जेल की सलाखों में सड़ने के लिए पटक देगी। और फिर कोई सबूत नहीं मिलने पर कोर्ट उसे रिहा करेगी तो उसके द्वारा जेल में गुजारे गए समय का जिम्मेवार कौन होगा? शायद कोई नहीं, क्योंकि पुलिस तो यह कहकर पल्ला झाड़ लेगी कि हमारे हाथ कोई ठोस सबूत नहीं लगा। अरे भाई जब कोई ठोस सबूत नहीं था तो ऐसी संगीन धाराएं लगाई ही क्यों गई? जब आपके हाथ कोई ठोस सबूत लग जाता उस समय लगा लेते देशद्रोह जैसी संगीन धाराएं। क्या इसके पीछे कोई राजनीकि षडयंत्र था? यदि नहीं तो देशद्रोह जैसी संगीन धाराएं लगाने की वजह से हनीप्रीत के जो दो साल जेल में गुजरे हैं, उसका जिम्मेवार कौन होगा? क्या अब उन पुलिस अफसरों को भी जेल होगी जिन्होंने हनीप्रीत पर देशद्रोह जैसे संगीन इल्जाम लगाकर उसे दो साल तक जेल में सड़ा दिया। हालांकि डेरा प्रेमियों ने इसे इंसाफ की जीत बताया है और कहा कि हनीप्रीत को झूठे केस में फंसाया गया था। बता दें कि 25 अगस्त 2017 को डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद पंचकूला में हिंसा भड़क गई थी जिसमें 41 डेरा प्रेमी मारे गए और 260 से अधिक घायल हो गए थे। इसी पंचकूला हिंसा मामले में पुलिस ने हनीप्रीत को मास्टरमाइंडक करार देते हुए देशद्रोह जैसी संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया था जिसके बाद उन्हें जेल जाना पड़ा था। पंचकूला सीजेएम रोहित वत्स की कोर्ट ने गत दिवस हनीप्रीत की जमानत याचिका मंजूर करते हुए जमानत दे दी और वे अंबाला जेल से रिहाई के बाद डेरा सच्चा सौदा सिरसा लौट आई।

पुलिस ने पेश की थी 1200 पेज की चार्जशीट
बता दें कि 25 अगस्त 2017 को बाबा गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद पंचकूला में हिंसा भड़क गई थी जिसमें 41 डेरा प्रेमी मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस ने हनीप्रीत इन्सां को हिंसा मास्टरमाइंड करार देते हुए देशद्रोह जैसी धाराएं लगाकर शुरूआत में 1200 पन्नों की चार्जशीट पेश की थी। जिन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई, उनमें हनीप्रीत, उसकी साथी सुखदीप कौर, राकेश कुमार अरोड़ा, सुरेंद्र धीमान इंसा, चमकौर सिंह, दान सिंह, गोविंद राम, प्रदीप गोयल इंसा और खैराती लाल पर कई धाराओं के तहत केस दर्ज किए थे।

पिछले हफ्ते हटी थी देशद्रोह की धारा
इससे पहले पंचकूला कोर्ट ने पिछले हफ्ते 2 नवंबर को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद पंचकूला में भड़की हिंसा के मामले में आरोप तय कर दिया था जबकि कोर्ट ने राम रहीम की राजदार हनीप्रीत समेत सभी आरोपियों को बड़ी राहत देते हुए देशद्रोह की धारा हटा दी थी। हनीप्रीत और अन्य आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 216, 145, 150, 151, 152, 153 और 120 बी के तहत आरोप तय किए जबकि आईपीसी की धारा 121 और 121 ए को हटा दिया गया। इस मामले की सुनवाई एडिशनल सेशन जज संजय संधीर की कोर्ट में हुई।

हमारी बहन निर्दोष, पाक-साफ होकर आएंगी : डेरा प्रेमी
कोर्ट के फैसले के बाज डेरा प्रेमियों ने कहा कि पंचकूला में हनीप्रीत अपना रोष प्रकट करने के लिए गई थी न कि देशद्रोह करने गई थी, लेकिन पंचकूला हिंसा के बाद हनीप्रीत पर देशद्रोह का मुकदमा डालकर उसे जेल में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि अब उन्हें राम रहीम के बाहर आने की भी पूरी उम्मीद लग रही है क्योंकि उन पर जो भी आरोप लगे हैं वे सभी झूठे हैं। हनीप्रीत की जमानत के बाद डेरा प्रेमियों में खुशी की लहर है। डेरा प्रेमियों का कहना है कि अभी तो हमारी बहन जमानत पर बाहर आई हैं, वह दिन भी दूर नहीं जब वे कोर्ट में पूरी तरह से निर्दोष साबित होकर आएंगी।





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