पराली पर बवाल : पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई न करने वाले अफसरों की अब शामत
हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
6 नवंबर 2011, 6:07 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
चंडीगढ़। पराली प्रदूषण पर रोकथाम के लिए हरियाणा सरकार ने प्रदेश में सघन अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए हैं। हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों एवं अधिकारियों को दिए आदेशों में कहा है कि वे जगह-जगह मोबाइल पार्टियों की मदद से पराली जलाने वाले इलाकों में जल्द से जल्द पहुंचकर सख्त से सख्त कार्यवाही करें। उन्होने सभी जिलों के उपायुक्तों को शाम तक पराली जलाने वाले किसानों पर एफआईआर दर्ज किये जाने का आंकडों सहित रिपोर्ट उपलब्ध करने के भी आदेश दिये। उन्होने कहा कि जहां भी पराली जलाई जा रही है वहां दमकल गाडियां जल्द से जल्द पहुंच कर आग पर नियंत्रण करें तथा इसका व्यय किसानों से ही लिया जाये। इसके अलावा, गांवों में अगले दो तीन दिन गा्रम सभाओं का आयोजन किया जाये जिसमें सरपंच द्वारा पराली जलाने वाले किसानों के नामों की सूचना दी जाये तथ इसकी पंचायत में ही कड़े शब्दों में निंदा भी की जाये। उन्होने कहा कि पराली प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए गा्रम सचिव,पटवारी तथा नंबरदारों को भी सम्मलित किया जाये।
लापरवाह अफसरों पर भी गिरेगी गाज
मुख्य सचिव अरोड़ा ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निर्देश दिये हंै कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी पर्यावरण संरक्षण की ओर ध्यान नही दे रहा उस पर कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि सभी कस्टमर हायरिंग केंद्रों का निरीक्षण किया जाये और आंकड़ा एकत्रित किया जाये कि कितने किसानों द्वारा इसका लाभ उठाया गया है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाये कि सभी कंबाइनर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़े हों। उन्होने कहा कि निर्माण, ब्रिक्स प्लांट्स, टूटी सडकों, पराली, कूड़ा, वाहन के जाम, अवैध पार्किंग व अन्य किसी तरह से प्रदूषण न हो इसके लिए आदेशों की कड़ाई से पालना की जाये। उन्होने कहा कि पेड़ों पर जल फव्वारों के साथ छिड़काव किया जाये जिससे प्रदूषण स्तर में कमी आ सके। यदि किसी जिले में जल फव्वारों की कमी है वे इसके लिए मुख्यालय में पत्र लिख कर आवेदन कर सकते हैं।
कर्मचारी कूड़ा जलाते मिलें तो लें सख्त एक्शन
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदूषण की रोकथाम के लिए लोगों को भी जागरूक किया जाए। अधिकारी ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को जागरूक करें। इस कार्य में कालेज व विश्वविद्यालय में पढने वाले विद्यार्थियों की मदद ले कर आमजन को जागरूक करने का अभियान चलायेंं। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी डीसी यह सुनिश्चित करें कि शहरों में नगर परिषद व नगर पालिकाओं के कर्मचारी कहीं भी कूड़े को आग न लगाएं। अगर कोई कर्मचारी आग लगाते हुए मिले तो तुरंत सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।
हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
6 नवंबर 2011, 6:07 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
चंडीगढ़। पराली प्रदूषण पर रोकथाम के लिए हरियाणा सरकार ने प्रदेश में सघन अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए हैं। हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों एवं अधिकारियों को दिए आदेशों में कहा है कि वे जगह-जगह मोबाइल पार्टियों की मदद से पराली जलाने वाले इलाकों में जल्द से जल्द पहुंचकर सख्त से सख्त कार्यवाही करें। उन्होने सभी जिलों के उपायुक्तों को शाम तक पराली जलाने वाले किसानों पर एफआईआर दर्ज किये जाने का आंकडों सहित रिपोर्ट उपलब्ध करने के भी आदेश दिये। उन्होने कहा कि जहां भी पराली जलाई जा रही है वहां दमकल गाडियां जल्द से जल्द पहुंच कर आग पर नियंत्रण करें तथा इसका व्यय किसानों से ही लिया जाये। इसके अलावा, गांवों में अगले दो तीन दिन गा्रम सभाओं का आयोजन किया जाये जिसमें सरपंच द्वारा पराली जलाने वाले किसानों के नामों की सूचना दी जाये तथ इसकी पंचायत में ही कड़े शब्दों में निंदा भी की जाये। उन्होने कहा कि पराली प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए गा्रम सचिव,पटवारी तथा नंबरदारों को भी सम्मलित किया जाये।
लापरवाह अफसरों पर भी गिरेगी गाज
मुख्य सचिव अरोड़ा ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निर्देश दिये हंै कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी पर्यावरण संरक्षण की ओर ध्यान नही दे रहा उस पर कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि सभी कस्टमर हायरिंग केंद्रों का निरीक्षण किया जाये और आंकड़ा एकत्रित किया जाये कि कितने किसानों द्वारा इसका लाभ उठाया गया है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाये कि सभी कंबाइनर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़े हों। उन्होने कहा कि निर्माण, ब्रिक्स प्लांट्स, टूटी सडकों, पराली, कूड़ा, वाहन के जाम, अवैध पार्किंग व अन्य किसी तरह से प्रदूषण न हो इसके लिए आदेशों की कड़ाई से पालना की जाये। उन्होने कहा कि पेड़ों पर जल फव्वारों के साथ छिड़काव किया जाये जिससे प्रदूषण स्तर में कमी आ सके। यदि किसी जिले में जल फव्वारों की कमी है वे इसके लिए मुख्यालय में पत्र लिख कर आवेदन कर सकते हैं।
कर्मचारी कूड़ा जलाते मिलें तो लें सख्त एक्शन
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदूषण की रोकथाम के लिए लोगों को भी जागरूक किया जाए। अधिकारी ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को जागरूक करें। इस कार्य में कालेज व विश्वविद्यालय में पढने वाले विद्यार्थियों की मदद ले कर आमजन को जागरूक करने का अभियान चलायेंं। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी डीसी यह सुनिश्चित करें कि शहरों में नगर परिषद व नगर पालिकाओं के कर्मचारी कहीं भी कूड़े को आग न लगाएं। अगर कोई कर्मचारी आग लगाते हुए मिले तो तुरंत सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।


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