यमुनानगर : सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश को जिला प्रशासन अलर्ट
डीसी मुकुल कुमार ने निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने के दिए निर्देश
सड़क दुर्घटना हो तो 1073 डायल कर दें सूचना
18 नवंबर 2019, 7:34 PM
सतीश कुमार। हरियाणा मीडिया जंक्शन
यमुनानगर। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला यमुनानगर प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधीश मुकुल कुमार ने वाहन चालकों का आह्वान किया है कि वे सरकार द्वारा वाहनों की निर्धारित गति सीमा के अनुसार ही अपने वाहन चलाएं। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी सड़क एवं वाहन दूर्घटना होने की सूचना टोल फ्री नम्बर 1073 पर दें। जिलाधीश ने बताया कि परिवहन विभाग हरियाणा द्वारा निर्धारित गति सीमा से अधिक गति पर वाहन के पकड़े जाने पर जुमार्ना किया जाएगा तथा मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 19 एवं केन्द्रीय मोटर यान अधिनियम 1989 की धारा 21 तथा भारत के माननीय सर्वोच्चय न्यायालय के निदेर्शानुसार संबंधित वाहन चालक का ड्राईविंग लाईसैंस कम से कम तीन माह के लिए निलम्बित किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि *तेज रफतार से गाड़ी, मौत की तैयारी* की लोकोक्ति को ध्यान में रखते हुए जरूरी है कि निर्धारित गति सीमा से अधिक गति पर वाहन चलाने से वाहन का नुकसान तो होता ही है, साथ ही जानें भी जा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिवर्ष अनुमानित: 5 लाख सडक दुर्घटनाए होती है, जिनमें से लगभग दो लाख सडक दुर्घटनाए तेज रफतार के कारण होती है और लगभग एक लाख 40 हजार लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है।
तेज गति से वाहन चलाना है दंडनिय अपराध
मुकुल कुमार ने आगे बताया कि निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से वाहन चलाना मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 183 के तहत दण्डनीय अपराध है। अत: हर वाहन चालक निर्धारित गति में ही अपने वाहन चलाएं ताकि सडक दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके व जानमाल की हानि को रोका जा सके।
डीसी मुकुल कुमार ने निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने के दिए निर्देश
सड़क दुर्घटना हो तो 1073 डायल कर दें सूचना
18 नवंबर 2019, 7:34 PM
सतीश कुमार। हरियाणा मीडिया जंक्शन
यमुनानगर। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला यमुनानगर प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधीश मुकुल कुमार ने वाहन चालकों का आह्वान किया है कि वे सरकार द्वारा वाहनों की निर्धारित गति सीमा के अनुसार ही अपने वाहन चलाएं। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी सड़क एवं वाहन दूर्घटना होने की सूचना टोल फ्री नम्बर 1073 पर दें। जिलाधीश ने बताया कि परिवहन विभाग हरियाणा द्वारा निर्धारित गति सीमा से अधिक गति पर वाहन के पकड़े जाने पर जुमार्ना किया जाएगा तथा मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 19 एवं केन्द्रीय मोटर यान अधिनियम 1989 की धारा 21 तथा भारत के माननीय सर्वोच्चय न्यायालय के निदेर्शानुसार संबंधित वाहन चालक का ड्राईविंग लाईसैंस कम से कम तीन माह के लिए निलम्बित किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि *तेज रफतार से गाड़ी, मौत की तैयारी* की लोकोक्ति को ध्यान में रखते हुए जरूरी है कि निर्धारित गति सीमा से अधिक गति पर वाहन चलाने से वाहन का नुकसान तो होता ही है, साथ ही जानें भी जा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिवर्ष अनुमानित: 5 लाख सडक दुर्घटनाए होती है, जिनमें से लगभग दो लाख सडक दुर्घटनाए तेज रफतार के कारण होती है और लगभग एक लाख 40 हजार लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है।
तेज गति से वाहन चलाना है दंडनिय अपराध
मुकुल कुमार ने आगे बताया कि निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से वाहन चलाना मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 183 के तहत दण्डनीय अपराध है। अत: हर वाहन चालक निर्धारित गति में ही अपने वाहन चलाएं ताकि सडक दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके व जानमाल की हानि को रोका जा सके।


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