शराब ठेकों से मुक्त होंगे हरियाणा के गांव, फरवरी से पहले प्रस्ताव दें शराब ठेके न खुलवाने वाली पंचायतें
आमजन व मीडिया से मांगा सहयोग
उप मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार हिसार पहुंचने पर दुष्यंत चौटाला का हुआ जोरदार स्वागत
11 नवंबर 2019, 8: 27 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
हिसार। हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जो पंचायतें अपने गांव में शराब के ठेके नहीं खुलवाना चाहती वे फरवरी से पहले प्रस्ताव पारित करके सरकार को दें। प्रस्ताव देने वाले गांवों में अगले वित्तीय वर्ष में शराब के ठेके नहीं खोले जाएंगे। प्रदेश सरकार प्रदेश के ग्रामीण अंचल को शराब के ठेकों से मुक्त करना चाहती है। इस अभियान को मुहिम के रूप में चलाया जाएगा जिसमें प्रदेश के हर व्यक्ति को सहयोग करना चाहिए।
उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने यह बात आज पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विश्राम गृह में एक पत्रकार वार्ता के दौरान मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने धान की खरीद, मंत्रीमंडल गठन सहित अनेक विषयों पर पत्रकारों से बातचीत की और उनके सवालों के जवाब दिए। इससे पूर्व उन्होंने विश्राम गृह में आमजन की समस्याएं व शिकायतें भी सुनीं और लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करवाया जाएगा। इस अवसर पर उकलाना विधायक अनूप धानक, बरवाला विधायक जोगीराम सिहाग, पुलिस अधीक्षक शिवचरण व अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह भी मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार हिसार पहुंचे दुष्यंत चौटाला से मिलने और उनका स्वागत करने के लिए विश्राम गृह में भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने फूलों के गुलदस्ते देकर व मिठाई खिलाकर उन्हें उप मुख्यमंत्री बनने की बधाई दी। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याओं व शिकायतों की सुनवाई की और इनके समाधान का भरोसा दिलाया। पुलिस के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मान दिया।
मीडियाकर्मियों से भी मांगा सहयोग
प्रेस वार्ता के दौरान उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अंचल को शराब के ठेकों से मुक्त करने के लिए एक विशेष मुहिम चलाने का निर्णय लिया है। उन्होंने अगले 3 महीने तक मीडियाकर्मियों सहित हर व्यक्ति को इस मुहिम से जुडऩे तथा इसे सफल बनाने में सहयोग देने का आह्वïान किया। उन्होंने कहा कि यदि इस वर्ष हम प्रदेश के 3 हजार गांवों को भी शराब के ठेकों से मुक्त करवा सकें तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा कि जो पंचायतें अपने गांव में शराब की बिक्री से परेशान हैं वे फरवरी से पहले पंच-सरपंचों के हस्ताक्षर व मोहर सहित इस संबंध में प्रस्ताव पारित करें। ऐसे सभी गांवों में अगले वर्ष से शराब ठेकों के लिए लाइसेंस नहीं दिए जाएंगे।
आमजन व मीडिया से मांगा सहयोग
उप मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार हिसार पहुंचने पर दुष्यंत चौटाला का हुआ जोरदार स्वागत
11 नवंबर 2019, 8: 27 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
हिसार। हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जो पंचायतें अपने गांव में शराब के ठेके नहीं खुलवाना चाहती वे फरवरी से पहले प्रस्ताव पारित करके सरकार को दें। प्रस्ताव देने वाले गांवों में अगले वित्तीय वर्ष में शराब के ठेके नहीं खोले जाएंगे। प्रदेश सरकार प्रदेश के ग्रामीण अंचल को शराब के ठेकों से मुक्त करना चाहती है। इस अभियान को मुहिम के रूप में चलाया जाएगा जिसमें प्रदेश के हर व्यक्ति को सहयोग करना चाहिए।
उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने यह बात आज पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विश्राम गृह में एक पत्रकार वार्ता के दौरान मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने धान की खरीद, मंत्रीमंडल गठन सहित अनेक विषयों पर पत्रकारों से बातचीत की और उनके सवालों के जवाब दिए। इससे पूर्व उन्होंने विश्राम गृह में आमजन की समस्याएं व शिकायतें भी सुनीं और लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करवाया जाएगा। इस अवसर पर उकलाना विधायक अनूप धानक, बरवाला विधायक जोगीराम सिहाग, पुलिस अधीक्षक शिवचरण व अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह भी मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार हिसार पहुंचे दुष्यंत चौटाला से मिलने और उनका स्वागत करने के लिए विश्राम गृह में भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने फूलों के गुलदस्ते देकर व मिठाई खिलाकर उन्हें उप मुख्यमंत्री बनने की बधाई दी। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याओं व शिकायतों की सुनवाई की और इनके समाधान का भरोसा दिलाया। पुलिस के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मान दिया।
मीडियाकर्मियों से भी मांगा सहयोग
प्रेस वार्ता के दौरान उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अंचल को शराब के ठेकों से मुक्त करने के लिए एक विशेष मुहिम चलाने का निर्णय लिया है। उन्होंने अगले 3 महीने तक मीडियाकर्मियों सहित हर व्यक्ति को इस मुहिम से जुडऩे तथा इसे सफल बनाने में सहयोग देने का आह्वïान किया। उन्होंने कहा कि यदि इस वर्ष हम प्रदेश के 3 हजार गांवों को भी शराब के ठेकों से मुक्त करवा सकें तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा कि जो पंचायतें अपने गांव में शराब की बिक्री से परेशान हैं वे फरवरी से पहले पंच-सरपंचों के हस्ताक्षर व मोहर सहित इस संबंध में प्रस्ताव पारित करें। ऐसे सभी गांवों में अगले वर्ष से शराब ठेकों के लिए लाइसेंस नहीं दिए जाएंगे।


0 Comments