अब सुलझेगा यूपी-हरियाणा जमीन विवाद, दोनों राज्यों के सीएम ने एक टेबल पर बैठ किया मंथन


अब सुलझेगा यूपी-हरियाणा जमीन विवाद, दोनों राज्यों के सीएम ने एक टेबल पर बैठ किया मंथन



15 दिसंबर 2019, 8:11 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मी
डिया जंक्शन

चंडीगढ़/लखनऊ। दशकों से चले आ रहे यूपी-हरियाणा जमीन व नहरी पानी विवाद अब सुलझ सकते हैं। इन विवादों को सुलझाने के लिए आज लखनऊ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर व यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक एक टेबल पर बैठ बातचीत की। समाधान यह निकला कि योगी आदित्यनाथ ने यमुना नदी पर तीन पुलों के निर्माण को सहमति दे दी। इसके अलावा पलवल के हसनपुर व राष्ट्रीय राजमार्ग को उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाले पुल का दोनों राज्य अपने-अपने हिस्से का निर्माण स्वयं करवाएंगे न कि 50-50 के अनुपात में। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच हुई इस बैठक में राजस्व, सिंचाई, जल संसाधन, परिवहन तथा पीडब्ल्यूडी से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। अन्य मुद्दों के समाधान के लिए अगली बैठक इसी महीने आगरा में होगी। बैठक में हरियाणा व उत्तर प्रदेश की सीमा के मामले में 14 फरवरी 1975 को दिए गए दीक्षित अवार्ड के अंतर्गत जो बुर्जियां मौके से गायब हैं, उनकी पुन: स्थापना के लिए निर्णय लिया गया कि यह कार्य सर्वे आॅफ इंडिया के माध्यम से 31 मार्च, 2020 तक पूरा कराया जाएगा। इस पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। दोनों राज्य 50-50 के अनुपात में यह राशि भी वहन करेंगे। बैठक में पानीपत जिले में बिलासपुर को खोजकीपुर को जोड़ने वाले पुल तथा सड़क के निर्माण के लिए 70 मीटर भूमि उत्तर प्रदेश सरकार एक महीने में अधिग्रहीत करेगी। इसी प्रकार फरीदाबाद व ग्रेटर नोएडा वाया जसना-मंझवाली अट्टा गुजरांन के बीच यमुना नदी पर पुल के निर्माण पर भी उत्तर प्रदेश सरकार ने सहमति जताई है। इसी महीने भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इस पर 104 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

यमुनानगर में यमुना पर उत्तर प्रदेश बनाएगा पुल 
यमुना नगर-रादौर (राज्यमार्ग-06) से नकूड़-सहारनपुर (एमडीआर-1472) सड़क पर यमुना नदी पर पुल के निर्माण के लिए भी उत्तर प्रदेश ने अपने स्तर पर करने का आश्वासन दिया। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार चार कनाल जमीन का अधिग्रहण करेगी। यह भी निर्णय लिया गया कि पलवल के हसनपुर तथा राष्ट्रीय राजमार्ग को उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाले पुल का निर्माण अपने-अपने हिस्से में पड़ने वाले भाग को दोनों राज्य अपने स्तर पर बनाएंगे। बैठक में सिंचाई एवं जल संसाधन से जुड़े मुद्दों के समाधान पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

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