20 फरवरी 2020, 3:35 PM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
करनाल। ईमानदार मुख्यमंत्री के तौर पर छवि बनाने वाले मुख्यमंत्री आखिर भ्रष्टाचारियों से कहां-कहां निपटेंगे जिस प्रदेश में पूरी दाल ही काली हो। सारा सिस्टम ही सड़ चुका हो। जिस प्रदेश में भ्रष्टाचार मामलों की जांच करने वाली पुलिस खुद ही भ्रष्टाचार में लिप्त हो, वहां का तो भगवान ही रखवाला है। अब ताजा मामले में सीएम सीटी करनाल में हरियाणा पुलिस के दो एएसआई ने 45 लाख का बड़ा फर्जीवाड़ा कर पूरे पुलिस महकमे को ेलंकित कर डाला। करनाल एसपी आफिस की अकाउंट ब्रांच में पुलिसकर्मियों के (ट्रैवलिंग अलाउंस) टीए के नाम पर 44 लाख 35 हजार 375 रुपए का फजीर्वाड़ा सामने आने के बाद आरोपी एएसआई साहब सिंह और एएसआई राजबीर को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि दो अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। 12 फरवरी को सीएम के नाम भेजी शिकायत डीजीपी को मिलने पर जांच की गई तो इसका खुलासा हुआ। एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज कराया है।
इस तरह किया गया फर्जीवाड़ा
अकाउंट ब्रांच ने दो लोगों को पुलिसकर्मी दिखाते हुए उनकी यूनिक आईडी बना दी और विभाग के 2 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की भी आईडी बना ली। चारों आईडी पर पुलिसकर्मियों के टीए बिल डाले गए। साल 2016 से फजीर्वाड़ा चला आ रहा है। जांच में 20 जनवरी 2020 तक 44 लाख 35 हजार 375 रु. का फजीर्वाड़ा मिला। पुलिस के मुताबिक, फर्जी तौर पर बनाई गई आईडी के मुताबिक बलवान सिंह, सुमित कुमार नकली पुलिस कर्मचारी हैं। यह आरोपियों के रिश्तेदार हैं या अन्य कोई, इस पर जांच के बाद क्लियर होगा। पुलिस में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी विजय कुमार व नाथी राम के अकाउंट्स में पैसा जारी हुआ है। इस मामले में सिविल लाइन थाने ने आईपीसी की धारा 120बी, 409, 420, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज किया है।


0 Comments