
10 फरवरी 2020,8:48 AM
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन
चंडीगढ़/नई दिल्ली। चीन में जिस कोरोना वायरस से अब तक करीब 850 लोग जान गंवां चुके हैं, उसको लेकर पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है। चीन में इस लाइलाज वायरस से मरने वालों का आंकड़ा दिन-बदिन बढ़ता जा रहा है। अब तक 22 देशों में इसके संदिग्ध मामले सामाने आ चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन पहले ही इसे इमर्जेंसी घोषित कर चुका है। भारत में भी अब तक इसकेकई मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए इसे फैलने से रोकना एक बड़ी चुनौती बन गई है। हालांकि, चीन इसे रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने चीन से लौटने वाले सभी भारतीय नागरिकों को पूरी तरह से स्वास्थ्य जांच के बाद ही घर जाने को कहा है। आज हम आपको बताएंगे कि आखिर यह कोरोना वायरस क्या है और आप इससे किस तरह से बचाव कर सकते हैं।
कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था। डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं। अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है।
क्या हैं इस बीमारी के लक्षण?
इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है। यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था। इसके दूसरे देशों में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है। क्या हैं इससे बचाव के उपाय? स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इनके मुताबिक, हाथों को साबुन से धोना चाहिए. अल्कोहल आधारित हैंड रब का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्यू पेपर से ढककर रखें। जिन व्यक्तियों में कोल्ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें। अंडे और मांस के सेवन से बचें। जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए करें ये काम
व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें।
साबुन और पानी से अपने हाथों को कम से कम 20 सेकैंड तक धोएं।
कम से कम 20 सेकंड के लिए अपने हाथों को अक्सर साबुन और पानी से धोएं।
शदांग पनिया (मुस्ता, परपाट, उशीर, चंदन, उडिच्य़ा और नागर) प्रसंस्कृत पानी (1 लीटर पानी में 10 ग्राम पाउडर डाल कर उबालें, जब तक यह आधा तक कम न हो जाए) पी लें। इसे एक बोतल में स्टोर करें और प्यास लगने पर पिएं।
बिना धोए हाथों से अपनी आंखें, नाक और मुंह छूने से बचें।
जो लोग बीमार हैं उनके निकट संपर्क से बचें।
बीमार होने पर घर में रहें।
खांसी या छींक के दौरान अपना चेहरा ढंक लें और खांसने या छींकने के बाद अपने हाथों को धो लें।
अक्सर छुई गई वस्तुओं और सतहों को साफ करें।
संक्रमण से बचने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर यात्रा करते समय या काम करते समय एक एन95 मास्क का उपयोग करें।
यदि आपको कोरोना वायरल संक्रमण का संदेह है, तो मास्क पहनें और तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।
चीन से लौटने वाले इन नंबरों पर जरूर करें संपर्क
कोरोना वायरस को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह से मुस्तैद और सर्तक है। इस विषय में अभी हमारे लिए चिंता की कोई बात नहीं है। 15 जनवरी के बाद चीन से लौटे व्यक्ति मदद के लिए हैल्पलाईन नंबर 91-11-23978046 व 9779494643 व 8054007102 व 01722573907 पर संर्पक जरूर करें। उन्होंने बताया कि इसके लिए जिले में रैपिड एक्शन टीम पूरी तरह से तैयार है। इस तरह की कोई भी सूचना मिलते ही कार्रवाही शुरू हो जाएगी। 14 दिनों तक ऐसे किसी भी संभावित को एकांत निगरानी में रखा जाएगा। चीन से लौटने के बाद यदि आपको बुखार, खांसी, या सांस लेने में तकलीफ जैसी कोई समस्या है तो तुरंत स्वाथ्य एंव परिवार कल्याण विभाग भारत सरकार की हैल्पलाईन पर संर्पक करें। यह एक फ्लू जैसी बीमारी है जिसके लक्षण हैं खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ। अभी तक इसका कोई उपचार नहीं है और केवल इसके लक्षणों का ही ईलाज किया जा सकता है। इसलिए सावधानी में ही सुरक्षा है।

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