ऊन व्यापार को बढ़ावा देने की तैयारी, 5 हजार गरीब किसानों को भेड़-बकरी पालन के लिए लोन देगी सरकार

11 फरवरी 2019, 8:55 PM  
संदीप कम्बोज। हरियाणा मीडिया जंक्शन 
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार राज्य में ऊन के व्यापार को बढ़ावा देगी। इसके लिए सरकार ने पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लगभग 5 हजार गरीब किसानों को भेड़-बकरी पालन के लिए लोन दिलवाने का लक्ष्य रखा गया है। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण और पशुपालन मंत्री जय प्रकाश दलाल आज यहां पशुपालन विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में श्री जे पी दलाल ने विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को नए वित्त वर्ष की कार्य योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सेक्स सीमन लेर्बोटरी स्थापित की जाए ताकि अच्छी नस्ल की गायें पैदा हो सकें, जिससे राज्य में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना पर तेजी से कार्य करें और लगभग 5 हजार गरीब किसानों को भेड़-बकरी के पालन के लिए लोन दिलवाया जाए। इसके लिए विभाग और बैंकों को साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऊन के व्यापार से जुड़े विनिर्माण उद्यमियों तक दक्षिण हरियाणा के भेड़-बकरी पालकों की प्रत्यक्ष रूप से पहुंच बनाई जाए। इससे प्रदेश, एनसीआर क्षेत्र और पडोसी राज्यों में ऊन का व्यापार बढ़ेगा। बैठक में पशुपालन विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती नीरजा शेखर सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए दिए ये निर्देश 
प्रदेश में आवारा पशुओं की समस्या को रोकने के लिए कृषि मंत्री ने कहा कि सभी गौ-शालाएं, पंचायत, ब्लाक समितियों को साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जो गौ-शालाएं, पंचायत, ब्लाक समितियों आवारा पशुओं की देख-भाल करती हैं, उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास पशु पालने के लिए पैसे नहीं है, उन्हें पशु दिए जाएं ताकि वे इसे आजिविका का साधन बनाकर अपनी जीवन शैली अच्छे से चला पाएं। इससे सडकों पर घुमने वाले पशुओं की गिनती में कमी आएगी।

गांव-गांव जाकर पशुओं की सेहत जांचें चिकित्सकों की टीमें 
पशुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि 2-3 सदस्यी डॉक्टरों की एक टीम जीपीएस युक्त मोबाइल वैन के माध्यम से गांव-गांव में जाकर पशुओं के स्वास्थ्य की जांच करे और लगभग एक महीने बाद प्रत्येक गांव में इन वैनों के जाने का दिन और समय निश्चित कर दिया जाए।कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ प्रत्येक किसान को मिले इसके लिए सब हितधारकों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। इसके लिए आगामी वर्ष के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए और चरणबद्ध तरीके से इस कार्य योजना को अमल में लाया जाए।

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