भुलाए नहीं भूलती,1975 एमरजेंसी की वो काली रातें


भुलाए नहीं भूलती,1975 एमरजेंसी की वो काली रातें 
पंचकूला मशाल जलूस में प्रदेशभर से शामिल हुए 400 से अधिक लोकतंत्र सेनानी 
Hisar Media Junction 
पंचकूला। 25 जून, 1975 की काली रात में कांग्रेस सरकार ने तानाशाही तरीके से आपातकाल लगाकर लोगों को जेलों में ठंूस दिया था, जिसे हम आज तक नहीं भुला पाए हैं। स्वतन्त्रता की रक्षा और सामाजिक मूल्यों को जिन्दा रखने के लिए जिन स्वतन्त्रता सेनानियों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर किया, आपातकाल के दौरान उन्हीं लोगों  को जबरदस्ती जेलों में बंद कर दिया गया। लोकतंत्र सेनानी संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं हरियाणा एग्रो इण्डस्ट्री के चेयरमैन गोबिंद भारद्वाज यहां पंचकूला में आयोजित मशाल यात्रा के दौरान संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद देश व प्रदेश के लोगों तथा आने वाली पीढ़ियों को एमरजेंसी के दिनों का आभास करवाना है। मुख्य सचेतक एवं पंचकूला के विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस द्वारा लगाए गए आपातकाल से न केवल लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन हुआ बल्कि सामाजिक परिवेश को भी तहस-नहस कर दिया गया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढीया कभी माफ  नहीं करेंगी। कालका की विधायक लतिका शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने कभी आम व्यक्ति के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए। ऐसे लोगों की मानसिकता उनके द्वारा किए गए कर्मों से प्रदर्शित होती है, जिसके कारण आज वे पूरे देश में अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संर्घषरत हैं।
सामुदायिक केन्द्र से आपातकाल के दौरान यातानायें सहने वाले लोकतंत्र सेनानियों  ने विगत दिनों पंचकूला में मशाल यात्रा निकाल कर लोकतंत्र के सम्मान का संदेश दिया। प्रदेशभर से लगभग 400 से अधिक लोकतंत्र सेनानी इस मशाल यात्रा में शामिल हुए। इससे पूर्व, पंचकूला के सैक्टर-9 के सामुदायिक केंद्र में पंहुचने पर इन सेनानियों का फूलों की वर्षा से भव्य स्वागत किया गया और मशाल यात्रा पर सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने पुष्प वर्षा करके लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिये इन सेनानियों द्वारा किये गये संघर्ष का सम्मान किया। यह यात्रा सेक्टर-9 से आरंभ होकर सेक्टर-8 की पार्किंग में संपन्न हुई। मशाल यात्रा में लोकतंत्र सेनानी पूरे जोश और उत्साह के साथ शामिल हुए और अधिक आयु व चलने में पूरी तरह सक्षम न होने वाले प्रतिभागियों के लिये ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई थी। इस मशाल यात्रा में भाग लेने के लिए प्रदेश के सभी 22 जिलों से लोकतंत्र सेनानी पंचकूला पहुंचे। इन सेनानियों के सम्मान में जलपान की भी व्यवस्था की गई। वर्तमान हरियाणा सरकार द्वारा लोकतंत्र की सुरक्षा के लिये संघर्ष करने वाले इन सेनानियों को सम्मान पेंशन देने के साथ-साथ नि: शुल्क स्वास्थ्य सेवा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही है। इन सेनानियों को राज्य सरकार की ओर से पहचान पत्र भी जारी किये गये हैं और अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। 

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