हिसार समेत प्रदेश के 20 शहरों में लागू है अमृत योजना



हिसार समेत प्रदेश के 20 शहरों में लागू है अमृत योजना

पेयजल, सीवरेज व स्ट्रोम वाटर ड्रेनेज पर तीन चरणों में खर्च होंगे 2565.74 करोड़ 
हिसार। शहरों के कायाकल्प के लिए अटल मिशन (अमृत) योजना हरियाणा के 18 स्थानीय निकायों के 20 शहरों में लागू है, जिनमें हिसार, गुरुग्राम, पंचकूला, अंबाला शहर, अंबाला सदर, यमुनानगर, जगाधरी, करनाल, रोहतक, फरीदाबाद, पानीपत, कैथल, रेवाड़ी, भिवानी, थानेसर, सोनीपत, बहादुरगढ़, पलवल, सिरसा और जींद हैं। इस योजना को लागू करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्त रीय हाई पावर्ड स्टेयरिंग कमेटी और शहरी स्था्नीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय तकनीकि कमेटी गठित की गई है। अमृत योजना के तहत केंद्र सरकार ने 2565.74 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है जो तीन चरणों में होगा जिसमें पेयजल आपूर्ति के लिए 643.77 करोड़, सीवरेज प्रणाली के लिए 1513.17 करोड़, स्ट्रोम वाटर ड्रेनेज के लिए 375.2 करोड़, ग्रीन स्पेस और पार्क के लिए 32.20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अमृत योजना के अंतर्गत सुधारों पर जोर दिया गया है जिसके तहत विभिन्न सुधार होंगे। अर्बन ट्रांसपोर्ट के तहत पीपीपी मोड पर गुरुग्राम और फरीदाबाद में इंटरासिटी बस सेवा को लागू करने के लिए प्रक्रिया जारी है जिसके अंतर्गत गुरुग्राम में 75 बसें चल रही हैं और 200 बसों को खरीदने का आॅर्डर दिया गया है। इसी प्रकार, फरीदाबाद में पहले चरण के तहत 90 बसें ली जाएंगी और इसके पश्चात 575 ओर बसें ली जाएंगी।

पेयजल-सीवरेज कनेक्शन : हरियाणा में अमृत योजना के अंतर्गत 20 शहरों में 3.26 लाख पेयजल और 5.24 लाख सीवरेज कनेक्शन दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 7 शहरों के लिए 207 एमएलडी क्षमता के 29 एसटीपी लगाए जाएंगे। इसके अलावा स्ट्रोम वाटर ड्रेनेज सिस्टीम में बढोतरी की जाएगी और ग्रीनस्पेस और पार्क जैसी सुविधाएं होंगी। इस योजना के अंतर्गत 2433.64 करोड़ रुपये की डीपीआर मंजूर हो चुकी हैं और 2354.37 करोड़ रुपये का काम अलॉट हो चुका है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत विभाग द्वारा 100 से 150 करोड़ रुपये प्रति माह खर्च किये जाएंगे।

अमृत योजना में हरियाणा की रैंकिंग 10वें स्थान पर 
अमृत योजना में हरियाणा की रैंकिंग पहले से बेहतर हुई है और आज हमारी रैंकिंग देश में 10वें स्थान पर है। हरियाणा ने कुल 54 सुधारों में से 34 सुधार लागू कर दिये हैं और 20 सुधारों पर आंशिक उपलब्धि हासिल की है। उम्मीद है कि मार्च, 2020 तक सभी सुधारों को लागू कर दिया जाएगा। इसी प्रकार, सभी शहरी स्थानीय निकायों की अपनी वेबसाइट बन चुकी है और कुछ आॅनलाइन सेवाएं भी दी जा रही हैं। इसके अलावा, जल्द ही निकाय अपना-अपना न्यूजलेटर भी प्रकाशित करेंगी।

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