Hisar Media Junction News
बहन की शादी के लिए छुट्टी नहीं मिली तो रेजीडेंट डॉक्टर ने फांसी लगा दी जान
पीजीआई के पीडियाट्रिक विभाग में पीजी तृतीय वर्ष में था अध्ययनरत
रोहतक। बहन की शादी के लिए छुट्टी न देने से नाराज पीजीआई के रेजीडेंट डॉक्टर्स डॉ. ओमकार ने वीरवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना रात 10 बजे के करीब की है। डॉ. ओमकार कर्नाटक के बारीदाबाद के रहने वाले थे और इस समय पीजीआई के पीडियाट्रिक विभाग में पीजी तृतीय वर्ष में अध्ययनरत थे। वहीं सुसाइड मामले के बाद पीजीआई में हालात काफी तनावपूर्ण हो गए। पहले रेजीडेंट डॉक्टर्स ने पीजीआई में काम बंद कर दिया। तब सीनियर डॉक्टर को मोर्चा संभालना पड़ा। वहीं डॉ. ओमकार के साथी रेजीडेंट डाक्टर्स ने पीजीआई कैंपस में पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट की हैड डॉ. गीता गठवाल के आवास पर हंगामा किया। इस दौरान दरवाजों को तोड़ने का प्रयास भी किया गया। सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल पहुंचा और डॉक्टर्स को वहां से हटाया। हंगामा कर रहे सीनियर और जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर्स का आरोप है कि विभाग की एचओडी डॉ. गीता गठवाल ने डॉ. ओमकार को उनकी बहन की शादी में जाने के लिए छुट्टी नहीं दी। ओमकार के साथियों ने बताया कि डॉ. ओमकार अपनी बहन के लिए शादी का जोड़ा खरीदकर लाए थे। बताया जा रहा है कि डॉ. ओमकार ने उन्हीं कपड़ों में से एक को फंदा बना जान दी है। दूसरी ओर रेजीडेंट डॉक्टर्स ने ओमकार का शव भी हॉस्टल रूम से नहीं उठाने दिया। उनकी मांग थी कि जब तक आरोपी अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया जाता वो शव नहीं उठाने देंगे। रात करीब डेढ़ बजे वीसी डॉ. ओपी कालरा हंगामा कर रहे डॉक्टर्स के पास पहुंचे। उन्होंने उचित कार्रवाई का भरोसा देकर रेजीडेंट डॉक्टर्स को डॉ. गीता के आवास से हटाया। डॉ. ओमकार ब्वायज हॉस्टल के फर्स्ट फ्लोर पर रूम नंबर 33 में रहते थे। रेजीडेंट डॉक्टर्स के अनुसार डॉ. ओमकार गुरुवार शाम करीब साढ़े नौ बजे अपने कमरे पर लौटे थे। इसके बाद रात करीब 10 बजे जब उनके साथी ने कमरे का गेट खोला तो वो फंदे पर लटके हुए थे। वहीं ये भी बताया जा रहा है कि डॉ. ओमकार पर करीब दो साल पहले पीजीआई में एक बच्चे की मौत मामले में लापरवाही का केस दर्ज हुआ था। इससे भी वो तनाव में थे। हालांकि पुलिस को मामले में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
डॉक्टरों ने जमकर किया हंगामा
रात करीब 10 बजे डॉ. ओमकार के सुसाइड करने के बाद हॉस्टल में एकत्रित हुए रेजीडेंट्स डॉक्टर्स ने हंगामा शुरू कर दिया। विभाग की एचओडी डॉ गीता गठवाल पर ओमकार को प्रताड़ित करने के आरोप लगाते हुए उन्होंने पुलिस को शव उठाने देने से इंकार कर दिया। पीजीआई प्रबंधन के कई अधिकारी उन्हें समझाने आए लेकिन हंगामा कर रहे डॉक्टर्स नहीं माने।
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बहन की शादी के लिए छुट्टी नहीं मिली तो रेजीडेंट डॉक्टर ने फांसी लगा दी जान
पीजीआई के पीडियाट्रिक विभाग में पीजी तृतीय वर्ष में था अध्ययनरत
रोहतक। बहन की शादी के लिए छुट्टी न देने से नाराज पीजीआई के रेजीडेंट डॉक्टर्स डॉ. ओमकार ने वीरवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना रात 10 बजे के करीब की है। डॉ. ओमकार कर्नाटक के बारीदाबाद के रहने वाले थे और इस समय पीजीआई के पीडियाट्रिक विभाग में पीजी तृतीय वर्ष में अध्ययनरत थे। वहीं सुसाइड मामले के बाद पीजीआई में हालात काफी तनावपूर्ण हो गए। पहले रेजीडेंट डॉक्टर्स ने पीजीआई में काम बंद कर दिया। तब सीनियर डॉक्टर को मोर्चा संभालना पड़ा। वहीं डॉ. ओमकार के साथी रेजीडेंट डाक्टर्स ने पीजीआई कैंपस में पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट की हैड डॉ. गीता गठवाल के आवास पर हंगामा किया। इस दौरान दरवाजों को तोड़ने का प्रयास भी किया गया। सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल पहुंचा और डॉक्टर्स को वहां से हटाया। हंगामा कर रहे सीनियर और जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर्स का आरोप है कि विभाग की एचओडी डॉ. गीता गठवाल ने डॉ. ओमकार को उनकी बहन की शादी में जाने के लिए छुट्टी नहीं दी। ओमकार के साथियों ने बताया कि डॉ. ओमकार अपनी बहन के लिए शादी का जोड़ा खरीदकर लाए थे। बताया जा रहा है कि डॉ. ओमकार ने उन्हीं कपड़ों में से एक को फंदा बना जान दी है। दूसरी ओर रेजीडेंट डॉक्टर्स ने ओमकार का शव भी हॉस्टल रूम से नहीं उठाने दिया। उनकी मांग थी कि जब तक आरोपी अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया जाता वो शव नहीं उठाने देंगे। रात करीब डेढ़ बजे वीसी डॉ. ओपी कालरा हंगामा कर रहे डॉक्टर्स के पास पहुंचे। उन्होंने उचित कार्रवाई का भरोसा देकर रेजीडेंट डॉक्टर्स को डॉ. गीता के आवास से हटाया। डॉ. ओमकार ब्वायज हॉस्टल के फर्स्ट फ्लोर पर रूम नंबर 33 में रहते थे। रेजीडेंट डॉक्टर्स के अनुसार डॉ. ओमकार गुरुवार शाम करीब साढ़े नौ बजे अपने कमरे पर लौटे थे। इसके बाद रात करीब 10 बजे जब उनके साथी ने कमरे का गेट खोला तो वो फंदे पर लटके हुए थे। वहीं ये भी बताया जा रहा है कि डॉ. ओमकार पर करीब दो साल पहले पीजीआई में एक बच्चे की मौत मामले में लापरवाही का केस दर्ज हुआ था। इससे भी वो तनाव में थे। हालांकि पुलिस को मामले में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
डॉक्टरों ने जमकर किया हंगामा
रात करीब 10 बजे डॉ. ओमकार के सुसाइड करने के बाद हॉस्टल में एकत्रित हुए रेजीडेंट्स डॉक्टर्स ने हंगामा शुरू कर दिया। विभाग की एचओडी डॉ गीता गठवाल पर ओमकार को प्रताड़ित करने के आरोप लगाते हुए उन्होंने पुलिस को शव उठाने देने से इंकार कर दिया। पीजीआई प्रबंधन के कई अधिकारी उन्हें समझाने आए लेकिन हंगामा कर रहे डॉक्टर्स नहीं माने।
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