योजना : जानें किस कारोबार व स्वरोजगार के लिए आवेदन कर सकते हैं अनुसूचित जाति के लोग

जानें किस कारोबार व स्वरोजगार के लिए आवेदन कर सकते हैं अनुसूचित जाति के लोग
अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम ने जारी की 369.90 लाख की वित्तीय सहायता


मीडिया जंक्शन न्यूज

Jun 20, 2019, 12:25 PM 
  • चंडीगढ़। हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा वित्त वर्ष 2019-2020 के दौरान मई 2019 तक विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 380 लाभार्थियों को 369.90 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता मुहैया करवाई है, जिसमें 22.13 लाख रुपये की सब्सिडी भी शामिल है।  हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के एक प्रवक्ता ने बताया कि अनुसूचित जातियों से संबंधित लोगों को विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत ऋण मुहैया करवाया जाता है ताकि वे अपना कारोबार और स्व-रोजगार स्थापित कर सकें । इन श्रेणियों में कृषि एवं सम्बद्घ क्षेत्र, औद्योगिक, व्यापार एवं कारोबार क्षेत्र तथा पेशेवर एवं स्व-रोजगार क्षेत्र शामिल हैं। राष्टï्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की सहायता से लागू योजनाओं के तहत भी उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि कृषि एवं सम्बद्घ क्षेत्र के अंतर्गत 200 लाभार्थियों को डेरी फार्मिंग, भेड़ पालन, सुअर पालन तथा झोटा बुग्गी या ऊंट गाड़ी के लिए 112.90 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध करवाया गया। इनमें से 102.31 लाख रुपये से अधिक बैंक ऋण, 10.53 लाख रुपये सब्सिडी और 6,000 रुपये मार्जन मनी के रूप में जारी किए गए। उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत 11 लाभार्थियों को 6.20 लाख रुपये की राशि मुहैया करवाई गई, जिसमें से 4.48 लाख रुपये बैंक ऋण, 1.10 लाख रुपये सब्सिडी और 62,000 रुपये मार्जन मनी के रूप में जारी किए गए। इसी प्रकार, व्यापार और कारोबार क्षेत्र के अंतर्गत 105 लाभार्थियों को 77.30 लाख रुपये की राशि मुहैया करवाई गई जिसमें से 60.47 लाख रुपये बैंक ऋण, 9.10 लाख रुपये सब्सिडी और 7.73 लाख रुपये मार्जिन मनी के रूप मेंजारी किए गए। प्रवक्ता ने बताया कि कानूनी पेशेवर के तहत एक लाभार्थी को एक लाख रुपये की राशि मुहैया करवाई गई जिसमें से 80,000 रुपये बैंक ऋण, 10,000 रुपये सब्सिडी और 10,000 रुपये मार्जन मनी के रूप में जारी किए गए।इसी प्रकार, राष्टï्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की सहायता से लागू योजनाओं के तहत लघु व्यवसाय के अंतर्गत निगम द्वारा इस अवधि के दौरान 63 लाभार्थियों को 172.50 लाख रुपये जारी किए गए, जिसमें राष्टï्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम का प्रत्यक्ष ऋण हिस्सा 143.20 लाख रुपये और हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम का प्रत्यक्ष हिस्सा 28 लाख रुपये है। इसके अतिरिक्त, 1.30 लाख रुपये की सब्सिडी भी दी गई। 

Post a Comment

0 Comments