घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं डायल करें 181

घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं डायल करें 181
महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने व घरेलू हिंसा पर रोक लगाने को आयोजित होंगे कार्यक्रम
मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी ने अधिकारियों व एनजीओ के साथ बैठक कर बनाई रणनीति





14 दिसंबर 2019, 9:24
PM
 हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। किसी महिला को यदि अपने घर में ही हिंसा का सामना करना पड़ रहा है तो वे 181 नंबर डायल कर इसकी शिकायत कर सकती हैं। इस टोल फ्री नंबर पर आने वाले सभी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई होती है और महिलाओं को घरेलू हिंसा से निजात दिलाई जाती है। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी (सीएमजीजीए) स्पर्श महेश्वरी ने बताया कि महिला सुरक्षा को मजबूत करने और घरेलू हिंसा पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार कृत संकल्प है और मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्वयं इस कार्य की निगरानी कर रहे हैं। सरकार ने छेड़छाड़ की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए शिक्षण संस्थाओं तक महिलाओं के लिए स्पेशल बसें व पुलिस की तैनाती जैसे कारगर कदम भी उठाए हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए तथा घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं की सहायता के लिए उपायुक्त अशोक कुमार मीणा के दिशा-निर्देश पर जिला में एक विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई गई है जिसके अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार ने घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं की सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 181 व 1091 स्थापित किए हैं जिन पर महिलाएं किसी भी समय फोन करके अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती हैं। इन केंद्रीय नंबरों पर आने वाली शिकायतों को जिला में नियुक्त सक्षम अधिकारी के पास भेजा जाता है जो पीड़ित महिलाओं को कानूनी व पुलिस सहायता से लेकर उसके भोजन व रहने तक की व्यवस्था के लिए जिम्मेदार होता है।

महिलाओं के लिए चलाया जा रहा है वन स्टॉप सेंटर
सीएमजीजीए ने बताया कि जिला में महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर भी चलाया जा रहा है जहां पीड़ित महिलाएं आश्रय, भोजन, पुलिस सहायता व कानूनी मदद निशुल्क प्राप्त कर सकती हैं। संस्कृति-हमारी पहचान व सुपर वुमन हिसार संस्थाओं की पदाधिकारियों ने सुझाव दिए कि प्रताड़ना की शिकार महिलाओं व बच्चियों के लिए काउंसलिंग की भी समुचित व्यवस्था की जाए। बेटियों के लिए आत्मरक्षा का नियमित प्रशिक्षण प्रदान करने की भी जरूरत है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों व अभिभावकों को भी बेटियों व महिलाओं से उचित व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जाए तथा बेटियों से ज्यादा बेटों को संवेदनशील बनाया जाना चाहिए।

लड़कियों की कम जन्मदर वाले गांवों में आयोजित होंगे नुक्कड़ नाटक
सीएमजीजीए ने बताया कि जिला के लगभग 50 ऐसे गांवों में नुक्कड़ नाटक भी करवाए जाएंगे जहां लड़कियों की जन्मदर लड़कों की अपेक्षा कम है। इन गांवों में लोगों को नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जागरूक व संवेदनशील बनाया जाएगा। इसके अलावा प्रचार गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। उन्होंने एनजीओ द्वारा महिलाओं की मदद के लिए चलाई जा रही गतिविधियों की जानकारी ली और उन्हें सरकारी स्तर पर हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

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