एक और जंग। अक्तूबर में होने जा रहे हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलो ंने लगाया एड़ी चोटी का जोर, 5 साल में 23.9 फीसद बढ़ा है भाजपा का जनाधार
भाजपा का मिशन 75+ और हार का बदला लेने को तैयार विपक्ष ?
2014 में पहली बार 47 सीटें हासिल कर भाजपा ने पूर्ण बहुमत से बनाई थी सरकार
इनेलो को 19 तो कांग्रेस को मिली थी महज 15सीटें
2004 में भाजपा को महज दो तो 2009 में मिली थी 4 सीट
2009 लोस चुनाव में इनेलो+भाजपा गठबंधन को मिले थे महज 23 फीसद वोट
अक्तूबर में होने जा रहे हरियाणा विधानसभा चुनाव की बाट जोह रहे सभी पार्टियों के दिग्गज नेताओं ने अब कमर कस ली है। टिकट के लिए अपनी दावेदारी मजबूजी से रखने के लिए नेताओं ने जनसंपर्क अभियान भी तेज कर दिए हैं। नेता रोजाना गांवों में जा-जाकर लोगों से मिल रहे हैं।व उन्हें सपने दिखा रहे हैं। विस चुनाव के लिए भाजपा ने जहां 75+ का लक्ष्य तय किया है वहीं कांग्रेस, जेजेपी व इनेलो भी जीत के दावे कर रहे हैं। विपक्ष बिल्कुल भी नहीं चाहता कि विस चुनावों में कहीं दोबारा फिर उन्हें मुंह की खानी पड़े, इसलिए हर कदम फूंक-फूंक कर रखे जाने की तैयारी है। कांग्रेस जहां वंशवादी राजनीति पर ब्रेक लगाने की तैयारी में है वहीं जेजेपी भी मंथन में जुटी है।
July 21, 2019, 10:51 AM
मीडिया जंक्शन/संदीप कम्बोज
हिसार। लो जी, हरियाणा में नेताओं का फिर से इम्तिहान होने जा रहा है और यह इम्तिहान है हरियाणा की 13वीं विधानसभा का। भाजपा के बढ़ते अपार जनसमर्थन से कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों में हाहाकार मचा है तथा वह 13वीं विधानसभा के चुनावों में भाजपा को करारी शिकस्त देकर हार का बदला लेना चाहता है। इसके लिए नेता व वर्कर रणनीति बना रहे हैं। लोकसभा चुनाव में मिली अपार जीत से गदगद भाजपा ने विस चुनाव में 75+ सीटों का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2019 के चुनाव में हरियाणा के इतिहास में यह पहला ऐसा मौका था जब भाजपा को 10 की 10 सीटों पर बहुमत हासिल हुआ। पिछले पांच साल में भाजपा के वोट प्रतिशत में 23.9 फीसद तक इजाफा हुआ है। 2014 के लोकसभा चुनाव में जहां भाजपा को हरियाणा मेंं 34.84 फीसद तो वहीं कांग्रेस 22.99 फीसद वोट प्राप्त हुए थे। 2019 के लोस चुनाव में भाजपा को 57.93 फीसद तो वहीं कांग्रेस को 28.48 फीसद वोट हासिल हुए हैं। वहीं हरियाणा के विधानसभा के चुनावों की अगर बात करें तो वर्ष 2014 में 12वीं विधानसभा के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को राज्य में 1967 से लेकर अब तक के चुनावी इतिहास में सर्वाधिक 33.2 प्रतिशत वोट मिले थे जिनके सहारे पाटी न केवल 90 सदस्यीय विधानसभा में 47 सीटें जीतने बल्कि स्पष्ट बहुमत हासिल करने में भी सफल रही। 2014 के विधानसभा चुनाव में कुल 603 उम्मीदवारों ने ताल ठोंकी थी जिनमें भाजपा व कांग्रेस ने जहां सभी 90 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे वहीं इनेलो के 88 सीट, बसपा के 87 सीट, हजकां के 65 सीट, माकपा के 17 व भाकपा के 14 सीटों पर उम्मीदवार मैदान में थे। वहीं वर्ष 2009 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को महज 9.04 प्रतिशतवोट मिले थे और वह केवल चार सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई थी। विधानसभसा चुनावों में अभी करीब तीन माह का वक्त है। क्या भाजपा 75+ के लक्ष्य को हासिल कर पाती है या विपक्ष अपनी करारी हार का बदला ले पाने में कामयाब हो पाएगा, यह तो अब समय ही बताएगा।
हरियाणा विधानसभा चुनावों में कुछ यूं बढ़ा भाजपा का वोट बैंक
पार्टी 2014 सीट मिली/वोट फीसद 2009 सीटें /वोट फीसद
भाजपा 47/33.2 4 /9.04
इनेलो 19/24.1 31/25.79
कांग्रेस 15/20.6 40/35.08
हजकां 2/3.6 6/7.40
निर्दलीय 7/18.5 9/22.7
हरियाणा विस चुनाव का पिछले 52 साल का ग्राफ
वर्ष भाजपा कांग्रेस इनेलो
सीटें सीटें सीटें
1967 - 48 -
1968 - 48 -
1972 - 52 -
1977 - 3 -
1982 6 36 -
1987 16 5 -
1991 2 51 -
1996 11 9 -
2000 6 21 47
2005 2 67 9
2009 4 40 31
2014 47 15 19
हरियाणा : लोकसभा चुनावों में मिला वोट फीसद
पार्टी 2019 2014
भाजपा 57.93 34.84
कांग्रेस 28.48 22.99
इनेलो 1.9 24.43
बसपा 3.63 4.6
आप 0.36 6.14
अन्य 7.75 7
2019 लोस चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों को मिला वोट फीसद
सीट सांसद पार्टी वोट प्रतिशत
अंबाला रतनलाल कटारिया भाजपा 58.68
कुरुक्षेत्र नायब सिंह सैनी भाजपा 55.98
सरसा सुनीता दुग्गल भाजपा 52.16
हिसार बृजेंद्र सिंह भाजपा 51.13
करनाल संजय भाटिया भाजपा 70.08
सोनीपत रमेश चंद्र कौशिक भाजपा 52.03
रोहतक डा. अरविंद शर्मा भाजपा 46.81
भिवानी-महेंद्रगढ़ धर्मबीर भाजपा 63.26
गुडगांव राव इंद्रजीत भाजपा 60.94
फरीदाबाद कृष्णपाल गुर्जर भाजपा 68.68


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