खुशखबरी : हरियाणा में हर स्नातक व स्नात्तकोतर को रोजगार दिए जाने की तैयारी
35 साल तक के बेरोजगारों का डाटा बैंक तैयार कर रही है सरकार
मीडिया जंक्शन न्यूज
चंडीगढ़। हरियाणा में अब कोई भी ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट बेरोजगार नहीं रहेगा। प्रदेश सरकार ने इन सभी को रोजगार देने का खाका तैयार कर लिया है। प्रदेश के हर युवा को रोजगार दिए जाने के मकसद से सरकार पहले 35 वर्ष तक के युवाओं को टे्रक करेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि हरियाणा के जिस भी युवा ने जमा दो कक्षा की परीक्षा पास कर ली है अथवा वह 18 वर्ष का हो चुका है, ऐसे सभी युवाओं की पहचान करने के लिए सरकार ने यह योजना तैयार की है। इस योजना के तहत 35 वर्ष तक के युवक-युवतियों का डाटा तैयार किया जायेगा। इस डाटा के आधार पर देखा जायेगा कि 35 वर्ष तक के कौन-कौन से युवा पुस्तैनी कार्यों, स्वरोजगार, खेतीबाड़ी जैसे धंधे में लगे हुए है या फिर उन्हें सरकारी नौकरी मिल चुकी है। इस आंकड़े के आधार पर यह पता लग जायेगा कि ऐसी कितनी संख्या है जिन्हें 35 साल की उम्र होने पर भी रोजगार प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे सभी युवक-युवतियों का गैप कौशल विकास के माध्यम से दूर किया जायेगा और उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र तक सरकार को पता लग जायेगा कि 35 वर्ष तक के बेरोजगारों की कितनी संख्या है।
फैमली आई डी बनाने का का म भी शुरु
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने फैमली आई डी बनाने का कार्य भी आरंभ कर दिया है। इसका उद्देश्य यही है कि हरियाणा के युवाओं को हरियाणा में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिलाया जा सकें। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की कि अब हरियाणा प्रदेश में स्नातक अथवा स्नात्तकोतर डिग्री धारक कोई भी ऐसा युवक या युवती नहीं बचेगी जिसे रोजगार या फिर सरकार की सक्षम हरियाणा योजना के तहत परिनियोजित न किया जाये। उन्होंने कहा कि हरियाणा के 12 जिले ऐसे हंै जिनमें स्नातक और स्नात्तकोतर डिग्री धारक सभी नौजवानों को या तो रोजगार मिल गया है या फिर उन्हें सरकार की योजना के तहत परिनियोजित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि शेष बचे दस जिलों में भी स्नातक व स्नात्तकोतर डिग्रीधारकों को खाली नहीं रहने दिया जायेगा।
युवाओं को पथ से भटका सकती है बेरोजगारी
मनोहर लाल ने कहा कि अगर हम अपनी युवावस्था में स्वयं को हुनरमंद नहीं बना सकते तो हम अपने और देश के साथ अन्याय कर रहे हैं। खाली दिमाग और बेरोजगारी युवाओं को पथ से भटका सकती है। उन्होंने युवाओं को इसके लिए सास बहू की कहानी सुनाते हुए उदाहरण भी पेश किया। उन्होंने रोजगार मेले में पहुंची विभिन्न कम्पनियों के प्रतिनिधियों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि जो भी उद्योग प्रदेश के बेरोजगारों को रोजगार मुहैया करवाने की काम करेगी उसे उद्योग स्थापित करने के विभिन्न पहलुओं में सब्सीडी प्रदान की जायेगी। उन्होंने कहा कि अगर कोई उद्यमी हमारे नौजवानों को नया काम अथवा हुनर सीखाने के लिए लेकर जाता है तो उसे औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया जायेगा।


0 Comments