खेलेगा-कूदेगा तभी तो आगे बढ़ेगा इंडिया। अंतर्राष्टीय स्तर पर हिन्दुस्तान का नाम चमकाने के लिए देश की छिपी खेल प्रतिभाओं को ट्रेनिंग देगा अदाणी समूह
क्या आप भी लेना चाहते हैं ओलंपिक, एशियाई व कॉमनवेल्थ खेलों में भाग, तो हो जाएं तैयार
ओलंपिक, एशियाई व कॉमनवेल्थ खेलों के लिए खिलाड़ी तैयार करेगा अदानी फाउंडेशन
अंतर्राष्टय स्तर के लिए 29 राज्यों के 100 शहरों के 5000 आवेदकों में से चुने जाएंगे 15 खिलाड़ी
दीर्घकालिक इन्क्यूबेशन प्रोग्राम ‘गर्व है’ के तहत भविष्य के लिए जूनियर एथलीट्स भी होंगे तैयार
निशानेबाजी, मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, तीरंदाजी व कुश्ती की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स ही कर सकते हैं आवेदन
आर्थिक रुप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले विश्वस्तरीय एथलीट्स को तैयार करना ही है मकसद
संदीप कम्बोज। मीडिया जंक्शन
फरीदाबाद/हिसार। क्या आप भी खेलों की दुनिया में अपना, परिवार व देश का नाम रोशन करना चाहते हैं तो अब आपके पास सुनहरा मौका है। प्रख्यात अदाणी समूह ने हिन्दुस्तान से विश्वस्तरीय एथलीट्स की खोज कर उन्हें अंतर्राष्टय खेलों के लिए तैयार करने की पहल की है। अदाणी समूह द्वारा शुरू किए गए इस दीर्घकालिक इन्क्यूबेशन प्रोग्राम ‘गर्व है’ के तहत न केवल ओलंपिक, एशियाई व कॉमनवेल्थ खेलों के लिए खिलाड़ी तैयार किए जाएंगे बल्कि भविष्य के लिए जूनियर एथलीट्स की फौज भी तैयार किए जाने की योजना है। 15 मई 2019 से शुरू हुए प्रोग्राम के तहत अनेक खेलों से जुड़े एथलीट्स, कोच, खेल अकादमी इत्यादी के द्वारा आवेदन आने शुरू हो गए हैं। इस बड़ी कोशिश के जरिए देश के 29 राज्य के 100 शहरों में 5000 इच्छुको में से 15 से अधिक संभावित एथलीट्स का चयन किया जाना है जिनमें बड़ी उपलिब्ध हासिल करने का जुनून है। अभी तक, इस पहल के तहत 3000 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। अदाणी एंटरप्राइजेस लिमिटेड के डायरेक्टर प्रणव अदाणी ने बताया कि जहां एक ओर भारत सरकार ने संभावित खिलाड़ियों के लिए कई नए अवसर दिए हंै वहीं एक जिम्मेदार कॉपोर्रेट होने के चलते राष्टÑ निर्माण में सहयोग के लिए खिलाड़ियों को सहारा देना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य हैं। गर्व है के माध्यम से हम न केवल उभरते खिलाड़ियों के साथ खड़े रहना चाहते हैं बल्कि उनकी खेल यात्रा का हिस्सा बनकर उनकी उपलिब्धयों का जश्न भी मनाना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले अदाणी ग्रुप ने कबड्डी जैसे देसी खेलों को प्रोत्साहन दिया है और अदाणी अहमदाबाद मेराथॉन, भारतीय थल सेना को समर्पित दौड़ जैसी ऐतिहासिक प्रतिर्स्धाओं में भी भागीदार रहा है। बता दें कि गुजरात के अहमदाबाद से संचालित होने वाला अदाणी समूह भारत के सबसे बडे़ इंटिग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्ग्लोमिरेट्स में एक है जिसकी रुची संसाधनों (कोल, माइनिग, र्टेज्डिंग), लॉजिस्टिक्स (पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स, शिपिंग और रेल), एनर्जी (रिन्यूएबल, थमर्ल पॉवर जनरेशन, ट्रान्समिशन और डिस्ट्रिब्यूशन) और एग्रो (कमोडिटीज, एडिबल आॅईल, फूड प्रॉडक्ट, कोल्ड स्टोरेज और ग्रेन सिलोस), रियल एस्टेट, पब्लिक ट्रांस्पोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर, कंज्यूमर फायनान्स और रक्षा में है। अदाणी ग्रुप की सफलता और लीडरिशप पोजीशन के लिए जिम्मेदार है इसके राष्ट्र निर्माण का तत्वज्ञान और विकास के साथ अच्छाई- दीर्घकाल तक चलने वाले विकास के लिए दिशा देने वाले सिद्धांत। यह समूह पयार्वरण की सुरक्षा और स्थिरता, विविधता और साझा किए गए मूल्यों पर आधारित सीएसआर कार्यक्रमों के जिÞरए समुदायों में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
14 साल से ज्यादा उम्र के खिलाड़ी ही करें आवेदन
‘गर्व है’ 14 साल से ज्यादा की उम्र के उन खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर दे रहा है जो व्यक्तिगत खेलों में अपना करियर बनाना चाहते हैं। हालांकि इसके लिए इच्छुक खिलाड़ियों को कड़ी पर्किया से गुजरना होगा जिसमें ग्रेडिंग सिस्टम भी शामिल है जो पुरानी उपलिब्धयों और एंग्लियन मेडल हंट के गुणात्मक और मात्रात्मक प्रतिक्रिया पर आधारित होगा। एंग्लियन मेडल हंट एक स्पोर्ट्स मॅनेजमेंट कंपनी है जिसे खेल प्रतिभाओं को ढूंढ़ने हेतु ज़मीनी स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने में महारत हासिल हैं। एंग्लिना मेडल हंट का मकसद खेल के अंतर्राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर भारत के लिए कीर्ति हासिल करना हैं।
चयनित खिलाड़ियों को मिलेगी आर्थिक मदद
चुने गए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और अपने सपने पूरे करने के लिए महत्वपूर्ण राशि दी जाएगी। इस दीघर्कालिक इनक्यूबेशन र्प्रोग्राम का उद्देश्य टोक्यो ओलंपिक 2020/2022 एशियाई और कॉमनवेल्थ खेलों के लिए एथलीट्स के दो सेट और भविष्य के लिए जूनियर एथलीट्स तैयार करना है।
इन खेलों के लिए दी जाएगी मदद
तीरंदाजी, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, निशानेबाजी और कुश्ती
2016 में ये खिलाड़ी ले चुके मदद
2016 के गर्व है पायलट प्रोजेक्ट के लाभार्थियों में अंकिता रैना (टेनिस), पिंकी जांगड़ा (मुक्केबाजी), संजीवनी जाधव (एथलेटिक्स), मलयका गोयल (निशानेबाजी), मनदीप जांगड़ा (मुक्केबाजी), इंदरजीत सिह (एथलेटिक्स), खुशबीर कौर (एथलेटिक्स), शिवा थापा (मुक्केबाजी) जैसे आदर्श खिलाड़ी शामिल है।
समूह के ये खिलाड़ी दिखा चुके कमाल
2016 में अदाणी समूह के ही ‘गर्व है’ पायलट प्रोजेक्ट के लाभार्थियों में अंकिता रैना (टेनिस), पिंकी जांगड़ा (मुक्केबाजी), संजीवनी जाधव (एथलेटिक्स), मलईका गोयल (निशानेबाजी), मनदीप जांगड़ा (मुक्केबाजी), इंदरजीत सिंह (एथलेटिक्स), खुशबीर कौर (एथलेटिक्स), शिवा थापा (मुक्केबाजी) जैसे आदर्श खिलाड़ी शामिल हंै।
अदाणी की कहानी, सुनें एथलीट अंकिता रैना की जुबानी
गर्व है के बारे में अपने अनुभव बांटते हुए अंकिता रैना ने कहा, ‘किसी भी एथलीट के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पर्धा में शामिल होने का मौका मिलना एक सपना होता है। कई लोग जिनमें जबरदस्त क्षमता होती है वो केवल पैसों की कमी के चलते अपना सपना साकार नहीं कर पाते और इसिलए मेडल जीतने का मौका चूक जाते है। मैं एक साधारण पृष्ठभूमि से हूं, मेरे लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेनिस खेलना और जरुरी संख्या में टूनार्मेंट में मुकाबला करना बहुत मुश्किल था। 16 साल की उम्र मे राष्ट्रीय महिला चैंपियन बनने के बावजूद जूनियर आयटीएफ सर्किट में खेलने के लिए मै ज्यादा यात्रा नहीं कर पा रही थी लेकिन किसी तरह मुझे जो भी थोडे बहुत अवसर मिले मैं अपनी रैंकिंग टॉप 200 में बनाने में कामयाब हो गई। जूनियर इंटरनेशनल सर्किट के अनुभव से मैं वंचित रही लेकिन मेरे किरयर में अन्य दो चीजें हुई जिसने मुझे अपने लक्ष्य तक पहुंचने में मदद की। मेरी टेनिस की यात्रा में सही समय पर मुझे सहारा देने के लिए मै एसएजी और अदाणी ग्रुप को धन्यवाद देती हू। मैं उम्मीद करती हूं कि मेरा ओलंपिक 2020 का सपना पूरा करने के लिए वो इसी तरह अपना समर्थन बढ़ाते हुए जारी रखेंगे।’
यह है मुक्केबाज पिंकी जांगड़ा का अनुभव
मुक्केबाजी में अंतर्राष्टय स्तर पर धमाल मचा चुकी पिंकी जांगड़ा ने भारत के लिए कई उपलिब्धयां हासिल की है। पिंकी के अनुसार, ‘मुझे खुशी है कि गर्व है इस पहल का मैं हिस्सा रही हूं और उन्होंने बहुत अच्छी तरह मेरी देखभाल की है। मेरे प्रशिक्षण के लिए मुझे अदाणी समूह से जो सहयोग मिला उससे मुझे बहुत मदद मिली। इससे मुझे आॅफ सीज़न टेÑनिंग कैंप, फीजिओथेरपी, पोषण, एक्विपमेंट और इस तरह के अन्य खर्चों के लिए पैसे उपलब्ध हो सके। मुझे अपनी ऊर्जा इन क्षेत्रों में क्रेंद्रित नहीं करनी पड़ी और मैं अपना पूरा ध्यान अपनी र्टेज्निंग और तकनीक सुधारने में लगा सकी।’
यहां से ले सकते हैं अधिक जानकारी
अदाणी समूह से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आप इस लिंक http://www.adanifoundation.org/ पर जाकर भी लॉगिन कर सकते हैं।

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