पशुओं को भूलकर भी न दें अंग्रेजी दवाएं, दूध उत्पादन व दूध पीने वालों पर भी पड़ता है बुरा असर

पशुपालन टिप्स । पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने घरेलू जड़ी बूटियों से होगा पशुओं का इलाज करने का दिया प्रशिक्षण
पशुओं को भूलकर भी न दें अंग्रेजी दवाएं, दूध उत्पादन व दूध पीने वालों पर भी पड़ता है बुरा असर
संदीप कम्बोज। मीडिया जंक्शन
हिसार।अंग्रेजी दवा के लगातार प्रयोग का सीधा असर पशुओं दूध व इसका सेवन करने वालों पर पड़ता है। लंबे समय तक एंंटीबायोटिक व दर्द निवारक दवा के प्रयोग से पशुओं के लीवर, किडनी व जांघों पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों के कारण पशुओं की उत्पादन क्षमता भी कम हो रही है जिसका सीधा असर पशुपालक की आमदनी पर पड़ता है। इस दुष्प्रभाव को  रोकने के लिए पशुपालन व डेयरी विभाग हरियाणा सरकार द्वारा प्रशिक्षण के माध्यम से हर्बल पौधों व घरेलू जड़ी-बूटियों से पशुओं के इलाज का प्रशिक्षण उपलब्ध करवाया जा रहा है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक डॉ. डीएस सिंधू सोमवार को यहां तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला के गौशाला संचालकों को घरेलू व परंपरागत जड़ी-बूटियों द्वारा पशुओं के इलाज के संबंध में जागरूक कर रहे थे। हरियाणा पशु चिकित्सा प्रशिक्षण संस्थान के प्रांगण में करवाए गए प्रशिक्षण कार्यक्रम में नारनौंद, हांसी व बरवाला उपमंडल की लगभग 20 गौशालाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण में डॉ. विकास चौधरी व डॉ. संजय द्वारा प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को जानकारी दी गई।

अगले चरण में पशुपालकों को भी ट्रेनिंग देगा विभाग

उपनिदेशक डॉ. डीएस सिंधू ने  बताया कि इसकी अगली कड़ी में जिले के पशुपालकों के पहले बैच को प्रशिक्षण दिया जाएगा। तत्पश्चात सभी पशु चिकित्सा सहायक व पशु परिचर को इस विधि की जानकारी व प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि इन विधियों से पशुओं में होने वाली आम बीमारी का इलाज कम से कम कीमत पर किया जा सके तथा पशुओं व उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर भी न पड़े। 

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