Hisar Media Junction : हरियाणा में जल्द खुलेगा एग्रो बिजनस स्कूल, जानें क्या होगा किसानों को फायदा



हरियाणा में जल्द खुलेगा एग्रो बिजनस स्कूल, जानें क्या होगा किसानों को फायदा 

Buisness School Will ve open in Haryana by Hisar Media Junction
संदीप कम्बोज। मीडिया जंक्शन 
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में एक एग्रो बिजनस स्कूल खोलने का निर्णय लिया है ताकि सूचना प्रौद्योगिकी के बदलते परिदृश्य के अनुरूप किसान भी बाजार के कार्यचातुर्य सीख कर अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं को बेच सकें। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मन्त्री ओम प्रकाश धनखड़ ने बताया कि इस दिशा में नाबार्ड, बैंकिंग व्यवस्था के साथ-साथ समाज के प्रबुद्ध लोगों को किसानों के सहयोग के लिए आगे आना होगा तभी हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में शीघ्र ही प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि की तर्ज पर मुख्य मंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू करने का प्रस्ताव है। इसके साथ-साथ हम मंडी सुधार में काफी आगे बढ़े हैं। फसल बीमा योजना में हरियाणा में बेहतर प्रदर्शन किया है और देश में अव्वल स्थान हासिल किया है। किसानों को करोड़ों रुपये के मुआवजे वितरित किए हैं।

बागवानी फसलों के संरक्षित खेती मॉडल अपनाएं किसान 
कृषि मंत्री ने कहा कि किसान यदि खेती को दोहरे मुनाफे का सौदा बनाना चाहते हैं तो उन्हें परंपरागत खेती का ढर्रा छोड़ना होगा,बाजार की मांग के अनुरूप अपने फसल चक्र, फसल प्रबंधन एवं फसल विपणन प्रबंधन की अवधारणा बदलनी होगी तथा धान गेंहू के फसल चक्र से हटकर स्वयं को बागवानी की ओर मोड़ना होगा व बागवानी फसलों की संरक्षित खेती मॉडल को अपनाना होगा।  कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में हरियाणा में किसानों की बेहतरी के लिए जितना कार्य हुआ है उतना पहले कभी नहीं हुआ। वर्तमान सरकार ने जोखिम फ्री व्यक्ति, जोखिम फ्री पशु व जोखिम फ्री गांव बनाने के विजन के साथ योजनाएं तैयार की हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय किसान के्रडिट कार्ड जारी करने की योजना आरंभ की गई थी और फसली ऋण ब्याज दर 18 प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत तक लाई गई और अब केन्द्र व प्रदेश की वर्तमान सरकार ने फसल ऋण ब्याज को जीरो प्रतिशत किया है।


हरियाणा के 140 गांव हैं जैविक गांव 
कृषि मंत्री ने  बताया कि राज्य सरकार ने किसानों का रूझान परम्परागत फसलों की बजाय बागवानी व अन्य नकदी फसलों की ओर हो, इसके लिए राजधानी दिल्ली क्षेत्र में  पैरी-एग्रीकल्चरअवधारणा लागू करने का भी प्रस्ताव तैयार किया है ताकि दिल्ली सहित राष्टद्द्रीय राजधानी क्षेत्र में दूध, फल-फूल, सब्जी, दही अंडे व अन्य डेरी उत्पाद की मांग को पूरा किया जा सके। इसके अलावा, जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए हर सम्भव प्रयास किए जा रहे हैं। 140 गांवों को जैविक गांव घोषित किया गया है तािक किसान समूह के माध्यम से अपने उत्पादों का ब्रांड बना कर उपभोक्ताओं तक पहुंचा सके। उन्होंने कहा कि जब एग्रो टेक जैसे मेलों में भी बड़ी-बड़ी कम्पनियों के मालिक स्वयं स्टाल लगाकर अपने उत्पाद बेच रहे हैं तो किसानों को बाजार में न बैठने की अपनी सामाजिक मानसिकता बदल कर बेचने की कला सीखनी ही होगी। यही समय की जरूरत भी है।

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