2022 तक समंदर में तैरता दिखाई देगा टाईटैनिक-2

2022 तक समंदर में तैरता दिखाई देगा टाईटैनिक-2
110 साल बाद फिर ले सकेंगे टाईटैनिक की सैर का रोमांच 


प्यारे बच्चों ! दुनिया के सबसे बड़े जहाज टाईटैनिक के बारे में तो शायद तुम जानते ही होंगे। 107 साल पहले इन्हीं दिनों यानि 10 अप्रैल 1912 को समंदर की सैर पर निकला दुनिया का यह सबसे बड़ा और आलीशान जहाज महज 4 दिन बाद समुद्र की गहराइयों में समा गया था और अपने साथ ले गया था सैकड़ों लोगों की जिंदगी। टाइटैनिक के बनने और डूबने की कहानी भी इसकी विशालता की तरह ही अमर हो गई है।titanic-2 2022 तक समंदर में तैरता दिखाई देगा टाईटैनिक-2 ऐसा कहा जाता था कि टाइटैनिक कभी नहीं डूब सकता लेकिन चालक दल की जरा सी लापरवाही से टाइटैनिक डूब गया। आरएमएस टाइटैनिक 10 अप्रैल 1912 को इंग्लैंड के साउथम्पटन से न्यूयॉर्क के लिए अपनी पहली यात्रा पर निकला था। चार दिन तक तो इसने अपनी यात्रा बहुत आराम से पूरी की। टाइटैनिक में सवार लोग इस सफर को अपनी जिंदगी का सबसे मजेदार और आलीशान सफर मान रहे थे लेकिन चार दिन के बाद 14 अप्रैल की रात 11 बजकर 40 मिनट पर चालक दल की लापरवाही से टाइटैनिक एक हिमखंड से टकरा गया। हिमखंड इतना बड़ा था कि इससे टकराने से टाइटैनिक के निचले हिस्सों में पानी भरना शुरू हो गया। जहाज के टकराने से लोग घबरा गए लेकिन लाइफबोट्स से बच्चों और महिलाओं को बचाने का काम शुरू हो गया। लेकिन जहाज की जिंदगी ज्यादा नहीं थी। हिमखंड से टकराने के लगभग 3 घंटे बाद 15 अप्रैल की सुबह 2 बजकर 20 मिनट पर जहाज पूरी तरह से उत्तरी अटलांटिक महासागर में डूब गया। देश-दुनिया से जुड़ी सभी बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करके इंस्टॉल करें गाँव कनेक्शन एप एक अनुमान के मुताबिक टाइटैनिक में 3547 लोग सवार थे जिनमें से 1500 से ज्यादा लोगों की जान चली गई लेकिन सिर्फ 306 लोगों के शव ही मिले। घबराहट में कई लोग अपनी जान बचाने के लिए पानी में कूद गए लेकिन पानी का तापमान इतना कम था कि लोग 15 मिनट से ज्यादा जीवित नहीं रह सके और हाइपोथर्मिया से मर गए। जहाज के डूबने एक डेढ़ घंटे में आरएमएस कैरपथिया दुर्घटना स्थल पर पहुंच गया और 15 अप्रैल की सुबह 9 बजकर 15 मिनट तक 705 लोगों की जान बचाई। ये तो थी टाईटैनिक की कहानी। अब आपको टाईटैनिक-2 के बारे में बताते हैं जो वर्ष 2022 तक समंदर में ठीक उसी मार्ग पर चलता दिखाई देगा जहां 107 साल पहले टाईटैनिक ने सफर किया था। इन दिनों जहाज निर्माण का कार्य जोरों पर है।
-मीडिया जंक्शन डेस्क

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