अपने गांव को भी बनाएं 7-स्टार कार्यक्रम का हिस्सा, पढ़ें पूरा फार्मूला
25 अगस्त 2019, 6:29 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
चंडीगढ़। हरियाणा में इस बार 78 पंचायतों ने 5 व 6 स्टार रेटिंग प्राप्त की हैं। 7-स्टार कार्यक्रम के तहत इस बार प्रदेश की 5279 पंचायतों ने नामांकन किया था जिसमें से 3930 पंचायतों ने स्टार जितने में सफलता प्राप्ते की है। पंचायतों ने 84 करोड़ रुपये के पुरुस्कार व कुल 8035 स्टार जीते हंै और हर स्टार पर एक लाख रुपये का पुरूस्कार पंचायतों को देने का प्रावधान है तथा दो स्टार जीतने पर 50 हजार रुपये अतिरिक्त बोनस के रूप में दिये जाते है। अबकी बार कुल 63 प्रतिशत पंचायतों ने पुरूस्कार जीते हंै। इस बार 20 पंचायतों को 6-स्टार मिले, 58 पंचायतों को फाइव स्टार मिले हंै, 270 पंचायतों को 4-स्टार मिले, 794 पंचायतों को 3-स्टार, 1375 पंचायतों को 2-स्टार तथा 1413 पंचायतों को वन-स्टार मिले हंै।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि आने वाले समय में वे एक नव हरियाणा का निर्माण कर इसे विकसित देशों की तर्ज पर एक मॉडल विकसित राज्य बनाना चाहते हैं ताकि देश व विदेश में हरियाणा की एक अलग पहचान बने। इसके लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ पंचायती राज संस्थानों के जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी महत्वूर्ण है क्योंकि वे समाज निर्माण के उत्तरदायित्व को समझते हुए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ व जानकारी गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाली पंचायतों को उन्होंने कहा कि आपने दूसरी पंचायतों के लिए भी एक प्रतियोगी भाव पैदा किया है और निश्चित रूप से आप उनके लिए प्रेरणा बनेंगे। यह प्रतियोगिता कायम रहे इसके लिए समाज सुधार व समाज निर्माण महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब 2014 में प्रदेश की सत्ता संभालने का सौभाग्य प्राप्त हुआ तो उस समय उनके मन में पहले की सरकारों की तुलना में हरियाणा में कुछ अलग करने का भाव पैदा हुआ था और इसी भाव के चलते उन्होंने व्यवस्था परिवर्तन करने के नाते आॅनलाइन प्रणाली के माध्यम से नागरिकों को सरकारी योजनाओं व सेवाओं की जानकारी देने की शुरूआत की थी जिसका दायरा मौजूदा समय में बढकर 37 विभाग तथा 450 सेवाओं तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि पढ़ी-लिखी पंचायत का मामला भी उनके इसी भाव का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अगर नेतृत्व पढ़ा-लिखा है, किसी भी प्रकार का डिफॉल्टर नहीं है, घर में शौचालय है तथा अपराधिक प्रवृति का नहीं है तो निश्चित रूप से वह समाज को एक अच्छा नेतृत्व दे सकता है। यही कारण है कि आज आप सब हरियाणा के लिए नहीं बल्कि दूसरें राज्यों के लिए भी एक उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि अंत्योदय केन्द्र, सरल केन्द्र, अटल सेवा केन्द्र तथा ग्राम सचिवालयों के सांझा सेवा केन्द्रों पर इनकी जानकारी उपलब्ध है। पंचायती राज संस्थानों के जनप्रतिनिधि जड़-मूल स्तर पर इनकी जानकारी गरीब से गरीब व्यक्ति तक आसानी से पहुंचा सकते हैं।
प्रदेश की इन 20 पंचायतों को मिले हैं 6 स्टार
चेतन (अंबाला), बाढड़ा (चरखी दादरी), कामौद (चरखी दादरी), वजीरपुर (गुरूग्राम), बहलबपुर (हिसार), मलिकपुर (झज्जर), हैबतपुर (जींद), बुढ़ा खेड़ा लाठर (जींद), नेपेवाला (जींद), घरोट (पलवल), जैनपुर दपलवल), जनाचोली (पलवल), नंगला भीखू (पलवल), झत्तीपुर (पलवल), बेरली कलां (रेवाड़ी), खेड़ा आलमपुर (रेवाड़ी), काहनौर (रोहतक), भैंसरू कलां (रोहतक), मम्मड़ खेड़ा (सिरसा) और खुर्दबन (यमुनानगर) की पंचायतें शामिल हैं।
ये हैं फाईव स्टार प्राप्त करने वाली ग्राम पंचायतें
इसी प्रकार 5-स्टार प्राप्त करने वाली पंचायतों में सिरसाली (चरखी दादरी), रामनगर कपूरी (चरखी दादरी), ददसिया (फरीदाबाद), राजपुर कलां (फरीदाबाद), तिलपत (फरीदाबाद), फरीदपुर (फरीदाबाद), शाहबाद (फरीदाबाद), मेयोंड बोंगावली (फरीदाबाद), घोष गढ़ (गुरुग्राम), मोकलवास (गुरुग्राम), बसंतपुर (गुरुग्राम), दौलताबाद (गुरुग्राम), उललावास (गुरुग्राम), डबरा (हिसार), हरीकोट (हिसार), मंगली अकलन (हिसार), बालसमंद (हिसार), सरसना (हिसार), शाहपुर-जाट (हिसार), देवर खाना (झज्जर), शाहपुर (झज्जर), चमनपुरा (झज्जर), अशरफगढ़ (जींद), खूंगा (जींद), ललित खेड़ा (जींद), अकालगढ़ (जींद), फतेहगढ़ (जींद), बसीनी (जींद), रत्ता खेड़ा (जींद), देरदु (केथल), सिनंद (केथल), गंगाटहरी (करनाल), रिसाल्वा (करनाल), गढ़ी भारल (करनाल), इंदरगढ़ (करनाल), जैनपुर सदन (करनाल), कलवाहेरी (करनाल), बड़ोपुर (महेंद्रगढ़), बरगाओं (महेंद्रगढ़), बासड़ी (महेंद्रगढ़), थंत्री (पलवल), महोली (पलवल), मीरपुर कुराली (पलवल), रामगढ़ (पलवल), ललवा (पलवल), बेरली खुर्द (रेवाड़ी), गुरावडा (रेवाड़ी), मेहदीनपुर (रेवाड़ी), मुरनलीपुर (रेवाड़ी), नांगल पठानी (रेवाड़ी), गढ़ी बल्ब (रोहतक), मदीना कौरसन (रोहतक), मकड़ोली खुर्द (रोहतक), सिंहपुरा खुर्द (रोहतक), अलीपुरा (यमुनानगर), बापोली (यमुनानगर), बरहेरी (यमुनानगर) और पालेवाला (यमुनानगर) की पंचायतें शामिल हैं।
सीएम ने बताया सेवन स्टार हासिल करने का यह मंत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि 26 जनवरी 2018 से आरम्भ की गई 7-स्टार इन्द्रधनुष योजना में आज प्रदेश की कुल पंचायतों में से लगभग 4000 पंचायतें कोई न कोई स्टार रेटिंग प्राप्त करने में सफल रही हैं। यह एक ग्रामीण विकास की नव अवधारणा को प्रतिबिम्बित करता है। किसी भी पंचायत द्वारा 7-स्टार न प्राप्त करने का कारण पूछे जाने पर मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि रेटिंग के मानदंड सख्त हैं और हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान नीलोखेड़ी के माध्यम से भी आंकलन करवाया जाता है। लिंगानुपात सुधार एक कारण रहा है। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि 1000 लड़कों के पीछे 1000 लड़कियों की गणना की बजाय पांच साल में 1000 लड़कियों का आंकड़ा पार या पांच साल का औसतन लिंगानुपात 950 लड़कियां मानकर किया जाए तो बहुत सी पंचायतें 7-स्टार रेटिंग प्राप्त कर लेंगी। मुख्यमंत्री के इस सुझाव पर उपस्थित सरपंचों ने तालियों की गडगड़ाहट से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया और मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि अगली बार हम अवश्य 7-स्टार रेटिंग प्राप्त करेंगे।


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