हरियाणा में भी विकसित होंगे अन्ना हजारे के रालेगण सिद्धि जैसे गांव



  


    प्रदेश की 3930 पंचायतों ने हासिल किए हैं एक से 6 स्टार रेटिंग

25 अगस्त 2019, 3:27 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। प्रवीन कम्बोज
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार प्रदेश के गांवों को भी अन्ना हजारे के गांव रालेगण सिद्धि की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी में है ताकि हरियाणा के गांव भी देश-विदेशों में विख्यात हों और वहां का कोई न कोई राष्टÑाध्यक्ष जब भी भारत के दौरे पर आए और हरियाणा के किसी  गांव का भ्रमण करने की इच्छा जाहिर करे तो उन्हें उक्त गांव का भ्रमण करवाया जा सके।
हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने बताया कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सामाजिक सरोकार कार्यों के प्रति पंचायतों को समर्पित भाव से जोडऩे के विजन के लिए प्रदेश में आरम्भ की गई 7 स्टॉर रेनबो स्कीम कारगर सिद्घ हुई है। इसके तहत प्रदेश की 6197 ग्राम पंचायतों में से 63 प्रतिशत अर्थात 3930 पंचायतें 1 से 6 स्टॉर रेटिंग प्राप्त करने में सफल हुई हैं। उन्होंने बताया कि इस बार कुल 628 पंचायतों को सम्मानित किया गया है।  इस वर्ष स्टॉर प्राप्त करने वाली सभी पंचायतों को 84 करोड़ रुपये  के पुरस्कार प्रदान किए गए हैं जबकि गत वर्ष 21 करोड़ रुपये के ही पुरस्कार प्रदान किए गए थे। उन्होंने बताया कि रोहतक के बाद गुरुग्राम, करनाल व हिसार में भी  स्टार पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा।उन्होंने बताया कि 20 जिलों की 270 ग्राम पंचायतों ने चार स्टार, सभी 22 जिलों की 794 ग्राम पंचायतों ने तीन स्टार, 1375 ग्राम पंचायतों ने दो स्टार व 1413 ग्राम पंचायतों ने एक स्टार प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष ग्राम पंचायतों को स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लिए पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा और रेटिंग के लिए डिजिटलाइजेशन तथा ड्रॉप आऊट में 8वीं कक्षा की बजाए 10वीं कक्षा को भी आंकलन के लिए शामिल किया जाएगा।

2312 ग्राम पंचायतों में नहीं दर्ज हुआ एक भी मुकदमा 
पंचायत एवं विकास मंत्री ने बताया कि इस वर्ष 5279 ग्राम पंचायतों ने पंजीकरण करवाया था, जब कि पिछले  वर्ष 4902 ग्राम पंचायते पंजीकरण शामिल हुई थी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायते सामाजिक सरोकार कार्यों में समर्पित भाव से कार्य कर रही है। इस बात का प्रमाण स्टार रेटिंग आंकल  में प्रदर्शित होता है 2312 ग्राम पंचायतों में अर्थात 30 प्रतिशत पंचायतों को उनके गांव में कोई मुकदमा दर्ज न होने की श्रेणी  में स्टार प्राप्त हुए हंै। इसी प्रकार, 3604 पंचायतों को स्कूलों में बच्चों का शत-प्रतिशत दाखिला अर्थात जीरो  ड्रॉप आऊट  बनाए रखने के लिए स्टार मिले हंै। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए 1108 पंचायतों को, लिंगानुपात सुधार  के  लिए 465, सामाजिक सदभाव के लिए 240 पंचायतों को सुशासन के लिए 203 तथा विकास कार्यों में सामाजिक सहभागिदारिता बढ़ाने के लिए 103 पंचायतों को स्टार प्राप्त हुए है।

अब गठित होंगी 7 स्टार रेनबॉ कमेटियां 
विकास एवं पंचायत मंत्री ने बताया कि हर प्रति स्टॉर ग्राम पंचायत को विकास कार्यों के लिए एक लाख रुपये का अतिरिक्त बजट दिया जाता है। स्वच्छता एवं लिंगानुपात सुधार के लिए इसके अतिरिक्त 50-50 हजार रुपये की राशि दी जाती है। उन्होंने बताया कि छ: स्टार प्राप्त करने वाली पंचायतें 20 लाख रुपये का कोई न कोई अतिरिक्त विकास कार्य अपने स्तर पर करवा सकती हैं। उन्होंने बताया कि आवश्यकता व मांग के अनुरूप हर गांव की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई है। अब तक 1853 गांवों में ग्राम सचिवालय बनाए जा चुके है। उन्होंने बताया कि पिछला वर्ष 3 पंचायतों को 6 स्टार, 4 पंचायतों को 5 स्टार, 9 पंचायतों को 4 स्टार, 108 पंचायतों को 3 स्टार, 564 पंचायतों को 2 स्टार तथा 434 पंचायतों को 1 स्टार रेटिंग प्राप्त हुई थी। उन्होंने बताया कि 7 स्टार प्राप्त करने के लिए ग्राम पंचायतें आगे बढ़ें और दूसरी पंचायतों के लिए प्रेरणा बने इसके लिए 7 स्टार रेनबॉ कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसकी नियमित रूप से बैठकें बुलाई जाएंगी। इसके अलावा, ग्राम स्तर पर भी स्थाई कमेटी बनाई जाएगी जो निरंतर स्टार रेटिंग कमेटी में कार्य करती रहेंगी। अगले वर्ष  स्वास्थ्य व सुशासन पर विशेष फोकस रहेगा।

हरियाणा की तर्ज पर आन्ध्र प्रदेश  व हिमाचल में भी हर गांव लग रहे ग्राम गौरव पट्ट
विकास एवं पंचायत मंत्री ने बताया कि हरियाणा की स्टार रेटिंग प्रणाली को आन्ध्र प्रदेश तथा ग्राम गौरव पट्ट को हिमाचल प्रदेश ने अपनाया है। यह हरियाणा के लिए एक सम्मान की बात है।  उन्होंने बताया कि लगभग 3500 गांवों में  गौरव पट्ट लगाए गए है। उन्होंने बताया पिछले 58 महीनों के कार्यकाल के दौरान पंचायती राज के बेहतरी के लिए हरियाणा ने  देश  के समक्ष  एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।  ग्राम पंचायतों को पहली बार 20 लाख रुपये तक के कार्य अपने स्तर पर करवाने के लिए अधिकृत किया है तथा सत्ता के विकेन्द्रीयकरण के लिए अंतर-जिला परिषद का भी गठन किया गया है।

तरुण ग्रवित कार्यक्रम में शमिल हुए 15 हजार युवा 
विकास एवं पंचायत मंत्री ने बताया कि गांव के विकास में स्वेच्छा से युवाओं की भागीदारिता बढ़ाने के लिए आरंभ किया गया ग्रामीण विकास कार्यक्रम तरुण गर्वित काफी सफल रहा है और अब तक लगभग 15 हजार युवा ग्रवित कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। 

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