जहरमुक्त खेती को बढ़ावा दें किसान, अपनाएं टपका सिंचाई प्रणाली
उद्यान विकास अधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह ने पु_ट्ठी मंगलखां में किसानों को किया जागरूक
10 अगस्त 2019, 4:38 PM
मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। किसान जहरमुक्त खेती को बढ़ावा दें और अधिक से अधिक पानी की बचत करें। उद्यान विकास अधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह ने यह आह्वान किया है जिला के किसानों से। गत दिवस वे यहां पु_ट्ठी मंगलखां में आयोजित एक किसान जागरूकता शिविर के दौरान संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य फल व सब्जियों के जहरमुक्त उत्पादन के लिए किसानों को प्रेरित करना है ताकि वे अच्छी पद्घति अपनाकर कम खर्च में बढ़िया किस्म की सब्जियों व फलों का उत्पादन ले सकें। उद्यान विकास अधिकारी ने किसानों को टपका सिंचाई प्रणाली के माध्यम से कम पानी में अधिक पैदावार लेने के तरीके बताए। उन्होंने बताया कि टपका सिंचाई प्रणाली स्थापित करने पर सरकार लघु एवं सीमांत किसानों को 70 प्रतिशत, बड़े किसानों को 60 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति के किसानों को अधिकतम 85 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है। उन्होंने बताया कि यह तकनीक लगवाने पर पानी की बचत के साथ-साथ खाद, दवाई, बिजली व मजदूरी के खर्च में भी बचत होती है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे फल व सब्जियों में कीटों व बीमारियों की रोकथाम के लिए नीम आधारित इनपुट का ही इस्तेमाल करें। इसके साथ किसान येलोट्रैप व फिरोमैनट्रैप का भी इस्तेमाल करें ताकि जहर रहित फलों व सब्जियों का उत्पादन किया जा सके। किसान सब्जी की खेती का उत्पादन बांसों पर करें, इससे उनमें कीट व बीमारियां कम लगेंगी और उनकी रोकथाम आॅरगेनिक कीटनाशकों से आसानी से की जा सकती है। उन्होंने बताया कि रासायनिक खादों व कीटनाशकों के अत्याधिक उपयोग से जमीन की उत्पादन क्षमता कम हो रही है और इसका हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। यदि किसान जैविक तरीके से खेती करेंगे तो जमीन की उर्वरा शक्ति बनी रहेगी और हमारा स्वास्थ्य भी सही रहेगा।


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