हरियाणा में इस बार कोई गठबंधन नहीं, सबकी अपनी-अपनी ढफली,अपना-अपना राग
कांग्रेस, जेजेपी व बसपा ने किया है अपने दम पर अकेले ही चुनाव लड़ने का ऐलान
सभी पार्टियां सभी 90 विधानसभा सीटों पर उतारेंगी उम्मीदवार
जेजेपी 12 को जारी करेगी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट
9 सिंतबर 2019, 11:07 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
चंडीगढ़/हिसार। हरियाणा विधानसभा चुनाव का बिगुल बस अब बजने ही वाला है। उम्मीद है कि 13 सितंबर से लेकर 15 सितंबर तक हरियाणा विधानसभा चुनाव का ऐलान हो सकता है और इसके साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो जाएगी। विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां कमर कसकर मैदान में आ डटी हैं। कुछ पार्टियों ने तो कुछ सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है और बाकि राजनीतिक दल भी जल्द ही उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर सकते हैं। विधानसभा चुनाव को लेकर फिलहाल जोड़-तोड़ का खेल जारी है। अभी तक किसी पार्टी का किसी पार्टी से गठबंधन नहीं है। लोकतंत्र सुरक्षा मंच से गठबंधन टूटने के बाद बहुजन समाज पार्टी ने गत माह 11 अगस्त को हरियाणा की नई नवेली पार्टी जननायक जनता पार्टी से गठबंधन किया था लेकिन बुआ-भतीजा (मायावती-दुष्यंत)के बीच हुआ यह गठजोड़ महज 27 दिन के भीतर ही टूट गया। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के सीएलपी लीडर भूपेंद्र सिंह हुड्डा व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा भी गठबंधन के सिलसिले में मायावती से मिले थे लेकिन बात नहीं बन पाई। अब भूपेंद्र सिंह हुड्डा मायावती से मिलने की बात पर साफ इनकार कर रहे हैं। आज कांग्रेस के चुनाव कमेटी के चेयरमैन भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस पार्टी हरियाणा विधानसभा चुनाव अकेले अपने दम पर लड़ेगी। ठीक यही ऐलान बहुजन समाज पार्टी की तरफ से भी किया गया है। बसपा ने भी प्रदेश की सभी 90 विस सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। इसके अलावा जननायक जनता पार्टी के सुप्रीमो दुष्यंत चौटाला ने भी आज साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी किसी भी दल से गठबंधन नहीं करने वाली है। एक सवाल के जवाब में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी ने खुद पहल कर जेजेपी के साथ गठबंधन किया था और वरिष्ठ बसपा नेता सतीश मिश्रा ने खुद ही 50-40 के सीटों के बंटवारे की घोषणा की थी। ऐसे में सीटों की संख्या और बंटवारे को आधार बनाकर उन्होंने गठबंधन क्यूं तोड़ा, इसका जवाब बसपा को ही प्रदेश की जनता को देना चाहिए। दुष्यंत ने कहा कि उनकी पार्टी सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है और 12 सितंबर को उम्मीदवारों की पहली सूचि जारी कर दी जाएगी। तो कुल मिलाकर अब तस्वीर लगभग साफ हो गई है कि हरियाणा में इस बार कोई गठबंधन नहीं होने वाला है। इस बार हरियाणा विधानसभा की चुनावी जंग बड़ी ही रोचक व दिलचस्प होने वाली है क्योंकि सबकी अपनी-अपनी ढफली है औरअपने-अपने राग।


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