हरियाणा : 5 जिलों की 888 स्टार रेटिड ग्राम पंचातयों को मिले 84 करोड़ के पुरस्कार
सम्मान पाने वाली सबसे ज्यादा 242 ग्राम पंचायतें हिसार जिले की
गुजवि सभागार में क्षेत्र स्तरीय सेवन स्टार इंद्रधनुष योजना पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित
विकास एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने किया सम्मानित
9 सिंतबर 2019, 11:03 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के आॅडिटोरियम में आयोजित क्षेत्र स्तरीय सेवन स्टार इंद्रधनुष योजना के अंतर्गत पुरस्कार वितरण समारोह में हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, जींद व कैथल जिलों में अलग-अलग श्रेणियों में स्टार हासिल करने वाली 888 स्टार रेटिड ग्राम पंचातयों को 84 करोड़ रूपए के पुरस्कार प्रदान किए गए। सम्मानित होने वाली ग्राम पंचायतों में सबसे ज्यादा 242 ग्राम पंचायतें अकेले हिसार जिला से हैं। हरियाणा के कृषि व विकास एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने कहा कि हमारी गांव और पंचायतें हमारे गौरव का आधार हैं। विश्व स्तर की खेल प्रतिभाएं, खाने को अन्न और देश की रक्षा के लिए सर्वाधिक सैनिक ग्रामीण अंचल से ही मिलते हैं जिसके कारण अपने गांवों पर हम सबको गर्व करना चाहिए। हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है जिसकी सभी पंचायतें पढ़ी-लिखी हैं और जहां पंचायतों को 20 लाख रुपये तक खर्च करने का अधिकार दिया गया है। उन्होंने हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, जींद व कैथल जिलों की 888 ग्राम पंचायतों को 84 करोड़ रुपये के पुरस्कार प्रदान किए। इस दौरान डॉक्यूमेंटरी फिल्में दिखाकर सेवन स्टार इंद्रधनुष के कारण गांवों में आ रहे बदलाव की तस्वीर भी दिखाई गई। पंचायत मंत्री ने कहा कि हरियाणा में 2 साल पहले शुरू की गई सेवन स्टार इंद्रधनुष योजना के उत्साहजनक परिणाम मिल रहे हैं। इस बार प्रदेश की 63 प्रतिशत पंचायतों ने अलग-अलग क्षेत्रों में स्टार प्राप्त किए हैं। हमने पंचायतों को अपने स्तर पर 20 लाख तक के विकास कार्य करवाने के अधिकार दिए हैं और हमारे भरोसे का मान रखते हुए पंचायतों ने बेहतर काम करके दिखाए हैं। आज हरियाणा की 3604 पंचायतें ऐसी हैं जहां एक भी बच्चा स्कूल से ड्रॉप आउट नहीं है, 2312 गांवों में एक भी मुकदमा नहीं है, 1108 गांवों ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया गया है और 465 गांवों में बेटियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि चार साल पहले जब हरियाणा के सभी गांवों में पढ़ी-लिखी पंचायतें बनी थीं तब हमारे पंचायत प्रतिनिधियों की औसत आयु 33 वर्ष थी। उस समय 56 प्रतिशत प्रतिनिधि सर्वसम्मति से बने जिससे सामाजिक समरसता बढ़ी। इसके लिए सरकार ने पंचायतों को 210 करोड़ रुपये के पुरस्कार भी दिए। 33 प्रतिशत आरक्षण के मुकाबले 42 प्रतिशत महिला प्रतिनिधियों ने जीत दर्ज की और 20 प्रतिशत आरक्षण के मुकाबले अनुसूचित जाति के 25 प्रतिशत प्रतिनिधि जीते। यह सब सामाजिक बदलाव, सहभागिता व आपसी सहयोग का प्रतीक है।समारोह में जिला परिषद चेयरमैन ब्रह्मदेव स्याहड़वा, उपायुक्त अशोक कुमार मीणा, अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह, पंचायत विभाग के संयुक्त निदेशक सुमित कुमार, सीटीएम अश्वीर सिंह व पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. डीएस सिंधु सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सरपंचों को गांवों में गौरव पट्ट लगवाने का आह्वान
पंचायत मंत्री ने कहा कि पहले सरकारें केवल रोजी, रोटी और कपड़े तक की जरूरतें पूरी करने की बात करती थीं लेकिन हमने इससे आगे बढकर आमजन को विकास में भागीदार बनाया। पहले केवल गली, सडक और चौपाल बनवाने को ही गांव के विकास का पैमाना माना जाता था लेकिन हमने इससे आगे बढकर गांवों को सामाजिक बदलाव का आधार बनाया। आज गांवों में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, और स्वच्छता की मुहिम खुद ग्रामीण चला रहे हैं। हम गांवों को डिजिटल साक्षर बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहे हैं और भविष्य में इस विषय पर भी गांवों को स्टार प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 6500 में से 3500 गांवों में गौरव पट्ट लग चुके हैं जिन पर गांवों की गौरवगाथा लिखी गई हैं। उन्होंने सभी सरपंचों से अपने-अपने गांवों में गौरव पट्ट लगवाने को कहा, इसके लिए पैसे की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि हम गांव का नाम रोशन करने वाले एक-एक शहीद और खिलाड़ी का नाम उजागर करना चाहते हैं।
गांवों में जाता हूं तो साफ नजर आता है फर्क : सांसद बृजेंद्र सिंह
हिसार के सांसद बृजेंद्र सिंह ने कहा कि अब गांवों में जाता हूं तो फर्क साफ नजर आता है। अब गांवों के विकास की कमान युवा जन प्रतिनिधियों के हाथों में आई है जिससे तेज बदलाव होता साफ दिखता है। पंचायत चुनावों में प्रत्याशी के लिए शिक्षित होने की शर्त लागू कर हरियाणा सरकार ने सराहनीय कदम उठाया था जिसका असर आज हमें दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का ग्राम स्वराज और पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय का सिद्धांत पंचायतों और इसके प्रतिनिधियों के माध्यम से ही पूरा होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्र व प्रदेश सरकार ने किसान व मजदूरों के हित में जो योजनाएं शुरू की हैं, वैसी पहल पहले कभी नहीं हुईं।
गांव खुशहाल तो देश-प्रदेश भी खुशहाल : सुनीता दुग्गल
सिरसा सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि पिछले पांच साल से राजनीतिक स्तर पर प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री व पंच-सरपंचों तक सभी में कुछ नया करने की ललक पैदा हुई है जिससे पूरे देश में बदलाव की बयार चल रही है। पहले हम फाइव स्टार होटल सुनते थे लेकिन अब पंचायतों को स्टार बनाने का जो कार्य मुख्यमंत्री मनोहर लाल व पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने किया है उसकी जितनी सराहना की जाए, कम है। उन्होंने कहा कि जब हमारे गांव खुशहाल होंगे तभी देश व प्रदेश खुशहाल होगा। अगले पांच साल में हरियाणा की तरक्की व विकास के नए मानदंड स्थापित होंगे। रणबीर गंगवा ने अपने संबोधन में कहा कि जब गांव स्वच्छ व सुंदर होंगे और यहां मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी तो शहरों की ओर बढ़ता पलायन रुकेगा। भाजपा ने सत्ता में आने से पहले जो वादे किए थे, उन्हें पूरा किया गया है। भाजपा की विशेष नीति के कारण ही आज पंचायतें समर्थ व सशक्त होकर ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं।
इन ग्राम पंचायतों को मिला सम्मान
समारोह के दौरान हिसार जिला की 242 पंचायतों, सिरसा की 186, जींद की 158, कैथल की 159 व फतेहाबाद की 143 पंचायतों को स्टार पुरस्कार दिए गए। हिसार की 24 पंचायतों को फोर स्टार, 63 पंचायतों को थ्री स्टार, 102 पंचायतों को डबल स्टार व 53 पंचायतों को सिंगल स्टार पुरस्कार दिए गए। इसी प्रकार सिरसा जिला की 8 पंचायतों को फोर स्टार, 16 पंचायतों को थ्री स्टार, 57 पंचायतों को डबल स्टार व 105 पंचायतों को सिंगल स्टार प्रदान किए गए। जींद जिला की 16 पंचायतों को फोर स्टार, 33 पंचायतों को थ्री स्टार, 59 पंचायतों को डबल स्टार व 50 पंचायतों को सिंगल स्टार प्रदान किए गए। कैथल जिला की 10 पंचायतों को थ्री स्टार, 71 पंचायतों को डबल स्टार व 78 पंचायतों को सिंगल स्टार प्रदान किए गए। फतेहाबाद जिला की 6 पंचायतों को फोर स्टार, 19 पंचायतों को थ्री स्टार, 42 पंचायतों को डबल स्टार व 76 पंचायतों को सिंगल स्टार प्रदान किए गए।
पंचायतों को इस तरह मिलता है स्टार
पंचायत विभाग के प्रधान सचिव सुधीर राजपाल ने अतिथिगण का स्वागत करते हुए बताया कि दूसरे वर्ष के इस पारितोषिक वितरण समारोह में उन पंचायतों को सम्मानित किया जा रहा है जिन्होंने लिंगानुपात, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, अपराध मुक्त गांव, शिक्षा, सुशासन, ग्रामीण विकास में जन भागीदारी के क्षेत्र में विशेष कार्य किए हैं। प्रत्येक स्टार पर एक-एक लाख रुपये जबकि लिंगानुपात व स्वच्छता के क्षेत्र में प्रत्येक स्टार पर डेढ़ लाख का पुरस्कार दिया जा रहा है। वर्तमान सरकार का ध्यान पंचायतों को सामाजिक परिवर्तन में सहभागी बनाने की ओर है जो बहुत बड़ी बात है।
सम्मान पाने वाली सबसे ज्यादा 242 ग्राम पंचायतें हिसार जिले की
गुजवि सभागार में क्षेत्र स्तरीय सेवन स्टार इंद्रधनुष योजना पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित
विकास एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने किया सम्मानित
9 सिंतबर 2019, 11:03 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के आॅडिटोरियम में आयोजित क्षेत्र स्तरीय सेवन स्टार इंद्रधनुष योजना के अंतर्गत पुरस्कार वितरण समारोह में हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, जींद व कैथल जिलों में अलग-अलग श्रेणियों में स्टार हासिल करने वाली 888 स्टार रेटिड ग्राम पंचातयों को 84 करोड़ रूपए के पुरस्कार प्रदान किए गए। सम्मानित होने वाली ग्राम पंचायतों में सबसे ज्यादा 242 ग्राम पंचायतें अकेले हिसार जिला से हैं। हरियाणा के कृषि व विकास एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने कहा कि हमारी गांव और पंचायतें हमारे गौरव का आधार हैं। विश्व स्तर की खेल प्रतिभाएं, खाने को अन्न और देश की रक्षा के लिए सर्वाधिक सैनिक ग्रामीण अंचल से ही मिलते हैं जिसके कारण अपने गांवों पर हम सबको गर्व करना चाहिए। हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है जिसकी सभी पंचायतें पढ़ी-लिखी हैं और जहां पंचायतों को 20 लाख रुपये तक खर्च करने का अधिकार दिया गया है। उन्होंने हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, जींद व कैथल जिलों की 888 ग्राम पंचायतों को 84 करोड़ रुपये के पुरस्कार प्रदान किए। इस दौरान डॉक्यूमेंटरी फिल्में दिखाकर सेवन स्टार इंद्रधनुष के कारण गांवों में आ रहे बदलाव की तस्वीर भी दिखाई गई। पंचायत मंत्री ने कहा कि हरियाणा में 2 साल पहले शुरू की गई सेवन स्टार इंद्रधनुष योजना के उत्साहजनक परिणाम मिल रहे हैं। इस बार प्रदेश की 63 प्रतिशत पंचायतों ने अलग-अलग क्षेत्रों में स्टार प्राप्त किए हैं। हमने पंचायतों को अपने स्तर पर 20 लाख तक के विकास कार्य करवाने के अधिकार दिए हैं और हमारे भरोसे का मान रखते हुए पंचायतों ने बेहतर काम करके दिखाए हैं। आज हरियाणा की 3604 पंचायतें ऐसी हैं जहां एक भी बच्चा स्कूल से ड्रॉप आउट नहीं है, 2312 गांवों में एक भी मुकदमा नहीं है, 1108 गांवों ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया गया है और 465 गांवों में बेटियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि चार साल पहले जब हरियाणा के सभी गांवों में पढ़ी-लिखी पंचायतें बनी थीं तब हमारे पंचायत प्रतिनिधियों की औसत आयु 33 वर्ष थी। उस समय 56 प्रतिशत प्रतिनिधि सर्वसम्मति से बने जिससे सामाजिक समरसता बढ़ी। इसके लिए सरकार ने पंचायतों को 210 करोड़ रुपये के पुरस्कार भी दिए। 33 प्रतिशत आरक्षण के मुकाबले 42 प्रतिशत महिला प्रतिनिधियों ने जीत दर्ज की और 20 प्रतिशत आरक्षण के मुकाबले अनुसूचित जाति के 25 प्रतिशत प्रतिनिधि जीते। यह सब सामाजिक बदलाव, सहभागिता व आपसी सहयोग का प्रतीक है।समारोह में जिला परिषद चेयरमैन ब्रह्मदेव स्याहड़वा, उपायुक्त अशोक कुमार मीणा, अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह, पंचायत विभाग के संयुक्त निदेशक सुमित कुमार, सीटीएम अश्वीर सिंह व पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. डीएस सिंधु सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सरपंचों को गांवों में गौरव पट्ट लगवाने का आह्वान
पंचायत मंत्री ने कहा कि पहले सरकारें केवल रोजी, रोटी और कपड़े तक की जरूरतें पूरी करने की बात करती थीं लेकिन हमने इससे आगे बढकर आमजन को विकास में भागीदार बनाया। पहले केवल गली, सडक और चौपाल बनवाने को ही गांव के विकास का पैमाना माना जाता था लेकिन हमने इससे आगे बढकर गांवों को सामाजिक बदलाव का आधार बनाया। आज गांवों में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, और स्वच्छता की मुहिम खुद ग्रामीण चला रहे हैं। हम गांवों को डिजिटल साक्षर बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहे हैं और भविष्य में इस विषय पर भी गांवों को स्टार प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 6500 में से 3500 गांवों में गौरव पट्ट लग चुके हैं जिन पर गांवों की गौरवगाथा लिखी गई हैं। उन्होंने सभी सरपंचों से अपने-अपने गांवों में गौरव पट्ट लगवाने को कहा, इसके लिए पैसे की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि हम गांव का नाम रोशन करने वाले एक-एक शहीद और खिलाड़ी का नाम उजागर करना चाहते हैं।
गांवों में जाता हूं तो साफ नजर आता है फर्क : सांसद बृजेंद्र सिंह
हिसार के सांसद बृजेंद्र सिंह ने कहा कि अब गांवों में जाता हूं तो फर्क साफ नजर आता है। अब गांवों के विकास की कमान युवा जन प्रतिनिधियों के हाथों में आई है जिससे तेज बदलाव होता साफ दिखता है। पंचायत चुनावों में प्रत्याशी के लिए शिक्षित होने की शर्त लागू कर हरियाणा सरकार ने सराहनीय कदम उठाया था जिसका असर आज हमें दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का ग्राम स्वराज और पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय का सिद्धांत पंचायतों और इसके प्रतिनिधियों के माध्यम से ही पूरा होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्र व प्रदेश सरकार ने किसान व मजदूरों के हित में जो योजनाएं शुरू की हैं, वैसी पहल पहले कभी नहीं हुईं।
गांव खुशहाल तो देश-प्रदेश भी खुशहाल : सुनीता दुग्गल
सिरसा सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि पिछले पांच साल से राजनीतिक स्तर पर प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री व पंच-सरपंचों तक सभी में कुछ नया करने की ललक पैदा हुई है जिससे पूरे देश में बदलाव की बयार चल रही है। पहले हम फाइव स्टार होटल सुनते थे लेकिन अब पंचायतों को स्टार बनाने का जो कार्य मुख्यमंत्री मनोहर लाल व पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने किया है उसकी जितनी सराहना की जाए, कम है। उन्होंने कहा कि जब हमारे गांव खुशहाल होंगे तभी देश व प्रदेश खुशहाल होगा। अगले पांच साल में हरियाणा की तरक्की व विकास के नए मानदंड स्थापित होंगे। रणबीर गंगवा ने अपने संबोधन में कहा कि जब गांव स्वच्छ व सुंदर होंगे और यहां मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी तो शहरों की ओर बढ़ता पलायन रुकेगा। भाजपा ने सत्ता में आने से पहले जो वादे किए थे, उन्हें पूरा किया गया है। भाजपा की विशेष नीति के कारण ही आज पंचायतें समर्थ व सशक्त होकर ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं।
इन ग्राम पंचायतों को मिला सम्मान
समारोह के दौरान हिसार जिला की 242 पंचायतों, सिरसा की 186, जींद की 158, कैथल की 159 व फतेहाबाद की 143 पंचायतों को स्टार पुरस्कार दिए गए। हिसार की 24 पंचायतों को फोर स्टार, 63 पंचायतों को थ्री स्टार, 102 पंचायतों को डबल स्टार व 53 पंचायतों को सिंगल स्टार पुरस्कार दिए गए। इसी प्रकार सिरसा जिला की 8 पंचायतों को फोर स्टार, 16 पंचायतों को थ्री स्टार, 57 पंचायतों को डबल स्टार व 105 पंचायतों को सिंगल स्टार प्रदान किए गए। जींद जिला की 16 पंचायतों को फोर स्टार, 33 पंचायतों को थ्री स्टार, 59 पंचायतों को डबल स्टार व 50 पंचायतों को सिंगल स्टार प्रदान किए गए। कैथल जिला की 10 पंचायतों को थ्री स्टार, 71 पंचायतों को डबल स्टार व 78 पंचायतों को सिंगल स्टार प्रदान किए गए। फतेहाबाद जिला की 6 पंचायतों को फोर स्टार, 19 पंचायतों को थ्री स्टार, 42 पंचायतों को डबल स्टार व 76 पंचायतों को सिंगल स्टार प्रदान किए गए।
पंचायतों को इस तरह मिलता है स्टार
पंचायत विभाग के प्रधान सचिव सुधीर राजपाल ने अतिथिगण का स्वागत करते हुए बताया कि दूसरे वर्ष के इस पारितोषिक वितरण समारोह में उन पंचायतों को सम्मानित किया जा रहा है जिन्होंने लिंगानुपात, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, अपराध मुक्त गांव, शिक्षा, सुशासन, ग्रामीण विकास में जन भागीदारी के क्षेत्र में विशेष कार्य किए हैं। प्रत्येक स्टार पर एक-एक लाख रुपये जबकि लिंगानुपात व स्वच्छता के क्षेत्र में प्रत्येक स्टार पर डेढ़ लाख का पुरस्कार दिया जा रहा है। वर्तमान सरकार का ध्यान पंचायतों को सामाजिक परिवर्तन में सहभागी बनाने की ओर है जो बहुत बड़ी बात है।






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