हरियाणा महाभारत-2019 : चुनाव में पेड न्यूज पर रहेगी कड़ी नजर
चुनाव आयोग महानिदेशक धीरेंद्र ओझा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से प्रदेशभर के अधिकारियों को दिए निर्देश
विज्ञापन प्रकाशित या प्रसारित करवाने से पूर्व एमसीएमसी कमेटी से पूर्व अनुमति लेना जरूरी
चुनाव आयोग महानिदेशक धीरेंद्र ओझा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से प्रदेशभर के अधिकारियों को दिए निर्देश
विज्ञापन प्रकाशित या प्रसारित करवाने से पूर्व एमसीएमसी कमेटी से पूर्व अनुमति लेना जरूरी
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| हिसार। चुनाव आयोग के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल उपायुक्त अशोक कुमार मीणा व अन्य अधिकारी। |
16 सितंबर 2019, 10:52 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
चंडीगढ़/हिसार। हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग पडन्यूज पर कड़ी नजर रखेगा। यदि पेड न्यूज का कोई भी मामला संज्ञान में आता है तो उस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग के महानिदेशक धीरेंद्र ओझा ने आज एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेशभर के अधिकारियों को इस बाबत दिशा-निर्देश दे दिए हैं। आयोग महानिदेशक आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी जिलों के अधिकारियों के साथ एमसीएमसी कमेटी (मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी) के कार्यों व जिम्मेदारियों पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए सभी जिलों में जिला स्तरीय एमसीएमसी कमेटियां गठित की जाएं जो प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रोनिक मीडिया व सोशल मीडिया पर प्रकाशित व प्रसारित होने वाले विज्ञापनों व पेड न्यूज पर नजर रखेंगी तथा इनका खर्च एक्सपेंडिचर कमेटी के माध्यम से प्रत्याशियों के खातों में बुक करवाएंगी। इसके साथ ही ऐसे मामलों की सूचना चुनाव आयोग को भी दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्याशी द्वारा चुनाव में किसी भी प्रकार के विज्ञापन की पूर्व अनुमति एमसीएमसी कमेटी द्वारा ली जानी अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि किसी प्रत्याशी द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए और अपना चुनाव खर्च छिपाने के लिए समाचार के रूप में विज्ञापन प्रकाशित या प्रसारित करवाया जाता है तो वह पेड न्यूज की श्रेणी में आता है। ऐसा मामला संज्ञान में आते ही समाचार को विज्ञापन मानकर उसका खर्च संबंधित प्रत्याशी के शैडो रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। यदि प्रत्याशी का स्वयं का अखबार या टेलीविजन चैनल है तब भी वह ऐसे समाचार प्रकाशित नहीं करवा सकता जो पेड न्यूज की श्रेणी में आते हों। कोई प्रत्याशी मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए समाचार अथवा विज्ञापन प्रकाशित नहीं करवा सकता है। विज्ञापन प्रकाशित या प्रसारित करवाने से पूर्व उसे एमसीएमसी कमेटी से पूर्व अनुमति लेनी अनिवार्य है। बैठक में हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी डीके बेहरा ने चंडीगढ़ मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस में भाग लेते हुए प्रदेश में एमसीएमसी कमेटियों के गठन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। वीडियो कॉन्फ्रेंस में उपायुक्त अशोक कुमार मीणा, नगर निगम आयुक्त डॉ. जेके आभीर, एसडीएम परमजीत सिंह, सीटीएम अश्वीर सिंह, एलएओ बिजेंद्र भारद्वाज, डीआरओ राजबीर धीमान, एमसीएमसी कमेटी सदस्य दौलतराम व छोटूराम सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
मतदान से 48 घंटे पहले किसी भी तरह के ओपिनियन पोल के प्रकाशन पर रोक
भारत निर्वाचन आयोग के महानिदेशक ने बल्क एसएमएस, पेड न्यूज की पहचान करने, चिह्नित होने पर उस पर की जाने वाली कार्रवाई तथा नोटिस व अपील के सभी पहलुओं के संबंध में अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने फेक न्यूज व इन पर नियंत्रण के संबंध में भी अधिकारियों को प्रशिक्षित किया। उन्होंने कहा कि मतदान से 48 घंटे पहले तक किसी प्रकार के ओपिनियन पोल के प्रकाशन व प्रसारण पर भी पूर्ण पाबंदी रहेगी। इसी प्रकार पंफलेट, पोस्टर आदि पर उसके मुद्रक व प्रकाशक का नाम प्रकाशित करवाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यदि प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रोनिक मीडिया अथवा सोशल मीडिया पर चलवाए जाने वाले विज्ञापन का खर्च प्रत्याशी द्वारा नहीं बताया जाता है तो यह उसकी जिम्मेदारी होगी।
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
चंडीगढ़/हिसार। हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग पडन्यूज पर कड़ी नजर रखेगा। यदि पेड न्यूज का कोई भी मामला संज्ञान में आता है तो उस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग के महानिदेशक धीरेंद्र ओझा ने आज एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेशभर के अधिकारियों को इस बाबत दिशा-निर्देश दे दिए हैं। आयोग महानिदेशक आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी जिलों के अधिकारियों के साथ एमसीएमसी कमेटी (मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी) के कार्यों व जिम्मेदारियों पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए सभी जिलों में जिला स्तरीय एमसीएमसी कमेटियां गठित की जाएं जो प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रोनिक मीडिया व सोशल मीडिया पर प्रकाशित व प्रसारित होने वाले विज्ञापनों व पेड न्यूज पर नजर रखेंगी तथा इनका खर्च एक्सपेंडिचर कमेटी के माध्यम से प्रत्याशियों के खातों में बुक करवाएंगी। इसके साथ ही ऐसे मामलों की सूचना चुनाव आयोग को भी दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्याशी द्वारा चुनाव में किसी भी प्रकार के विज्ञापन की पूर्व अनुमति एमसीएमसी कमेटी द्वारा ली जानी अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि किसी प्रत्याशी द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए और अपना चुनाव खर्च छिपाने के लिए समाचार के रूप में विज्ञापन प्रकाशित या प्रसारित करवाया जाता है तो वह पेड न्यूज की श्रेणी में आता है। ऐसा मामला संज्ञान में आते ही समाचार को विज्ञापन मानकर उसका खर्च संबंधित प्रत्याशी के शैडो रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। यदि प्रत्याशी का स्वयं का अखबार या टेलीविजन चैनल है तब भी वह ऐसे समाचार प्रकाशित नहीं करवा सकता जो पेड न्यूज की श्रेणी में आते हों। कोई प्रत्याशी मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए समाचार अथवा विज्ञापन प्रकाशित नहीं करवा सकता है। विज्ञापन प्रकाशित या प्रसारित करवाने से पूर्व उसे एमसीएमसी कमेटी से पूर्व अनुमति लेनी अनिवार्य है। बैठक में हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी डीके बेहरा ने चंडीगढ़ मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस में भाग लेते हुए प्रदेश में एमसीएमसी कमेटियों के गठन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। वीडियो कॉन्फ्रेंस में उपायुक्त अशोक कुमार मीणा, नगर निगम आयुक्त डॉ. जेके आभीर, एसडीएम परमजीत सिंह, सीटीएम अश्वीर सिंह, एलएओ बिजेंद्र भारद्वाज, डीआरओ राजबीर धीमान, एमसीएमसी कमेटी सदस्य दौलतराम व छोटूराम सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
मतदान से 48 घंटे पहले किसी भी तरह के ओपिनियन पोल के प्रकाशन पर रोक
भारत निर्वाचन आयोग के महानिदेशक ने बल्क एसएमएस, पेड न्यूज की पहचान करने, चिह्नित होने पर उस पर की जाने वाली कार्रवाई तथा नोटिस व अपील के सभी पहलुओं के संबंध में अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने फेक न्यूज व इन पर नियंत्रण के संबंध में भी अधिकारियों को प्रशिक्षित किया। उन्होंने कहा कि मतदान से 48 घंटे पहले तक किसी प्रकार के ओपिनियन पोल के प्रकाशन व प्रसारण पर भी पूर्ण पाबंदी रहेगी। इसी प्रकार पंफलेट, पोस्टर आदि पर उसके मुद्रक व प्रकाशक का नाम प्रकाशित करवाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यदि प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रोनिक मीडिया अथवा सोशल मीडिया पर चलवाए जाने वाले विज्ञापन का खर्च प्रत्याशी द्वारा नहीं बताया जाता है तो यह उसकी जिम्मेदारी होगी।


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