हरियाणा : हुड्डा का कांटा निकला, डॉ. अशोक तंवर की छुट्टी, कुमारी सैलजा बनी हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष


हरियाणा : हुड्डा का कांटा निकला, डॉ. अशोक तंवर की छुट्टी, कुमारी सैलजा बनी हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष 

  भूपेंद्र सिंह हुड्डा होंगे सीएलपी लीडर, प्रदेश कांग्रेस चुनाव समीति के चेयरमैन की भी जिम्मेदारी 



4 सितंबर 2019, 5:17 
PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज 
नई दिल्ली। कांग्रेस संगठन में फेरबदल की लंबे समय से चली आ रही अटकलें आखिरकार आज खत्म हो ही गई। विधानसभा चुनाव की घोषणा से मात्र एक सप्ताह पहले कांग्रेस ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व डॉ. अशोक तंवर को बड़ा झटका देते हुए पूर्व सांसद व राज्यसभा सदस्य कुमारी सैलजा को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंप दी है। वहीं किरण चौधरी से सीएलपी लीडर(कांग्रेस विधायक दल के नेता) का पद छीनकर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को सौंपा गया है। इसके साथ ही भूपेंद्र सिंह हुड्डा को प्रदेश चुनाव समिति का चेयरमैन भी बनाया गया है। प्रदेश कांग्रेस संगठन में इस फेरबदल से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर व पूर्व सीएलपी लीडर किरण चौधरी के साथ-साथ पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी जोर का झटका लगा है। डॉ. अशोक तंवर से जहां प्रदेश अध्यक्ष का पद छीन गया है वहीं प्रदेश अध्यक्ष बनने का भूपेंद्र सिंह हुड्डा का ख्वाब भी मन में ही रह गया है। लंबे इंतजार बाद कांग्रेस संगठन में हुए इस फेरबदल से एक बात तो साफ है कि पूर्व सीएम हुड्डा का कांटा जरूर निकल गया है क्योंकि उनके धुर विरोधी तंवर की कुर्सी जो छीन गई है। और वैसे भी नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा हुड्डा गुट से ही ताल्लुक रखती हैं। बता दें कि हरियाणा कांग्रेस में तब से ही गुटबाजी व खींचतान चली आ रही है जबसे डॉ. अशोक तंवर को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। हुड्डा गुट व तंवर गुट के भंवरजाल में हरियाणा में कांग्रेस की हालत हाशिये पर जा पहुंची। राजनीतिक मंचों पर भी इन दोनों गुटों की गुटबाजी सरे आम देखी गई। यह कांग्रेस की आपसी फूट का ही नतीजा है कि कभी 10 की 10 सीटें जीतने वाली कांग्रेस इस बार के लोकसभा चुनाव में हरियाणा में अपना खाता भी नहीं खोल पाई। पिछले लंबे समय से पूर्व सीएम हुड्डा तंवर को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने की जिद्द पर अड़े  थे लेकिन आज अशोक तंवर की छुट्टी के साथ उनका यह कांटा भी निकल गया।

कम नहीं कुमारी सैलजा के लिए चुनौतियां 
प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेवारी मिलने से कुमारी सैलजा की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। क्योंकि एक और हरियाणा विधानसभा चुनाव और दूसरी और पार्टी की गुटबाजी। ऐसे में अब देखना होगा कि कुमारी सैलजा इन सबसे किस तरह पार पाती हैं। प्रदेश में हाशिये पर पहुंची पार्टी को फिर से खड़ा करना सैलजा के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। क्योंकि अभी हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी प्रदेश में एक भी सीट पर विजय हासिल नहीं कर पाई थी।

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