खुशखबरी : नारनौंद में मेगा वेयरहाउसिंग परियोजना जल्द, देश के हर कोने से होगा रेल संपर्क


खुशखबरी : नारनौंद में मेगा वेयरहाउसिंग परियोजना जल्द, देश के हर कोने से होगा रेल संपर्क 
13 सितंबर 2019, 10:36 AM  
हरियाणा मीडिया जंक्शन। प्रवीन कम्बोज
चंडीगढ़। हांसी-जींद रेलवे लाईन के साथ-साथ नारनौंद इलाके को एक और बड़ा प्रोजेक्ट मिलने जा रहा है। प्रदेश सरकार नारनौंद में एक मेगा वेयरहाउसिंग परियोजना विकसित करने की तैयारी में है जिससे देश के सभी हिस्सों से रेल संपर्क होगा। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने करनाल-यमुनानगर (61 किलोमीटर) व जींद-हांसी (50 किलोमीटर) दो नई रेल लाइनों के निर्माण के लिए मार्ग प्रशस्त कर दिया है। प्रस्तावित जींद-हांसी नई लाइन दिल्ली-बठिंडा रेलवे लाइन पर मौजूदा जींद स्टेशन और रेवाड़ी-हिसार रेलवे लाइन पर मौजूदा हांसी स्टेशन से जुड़ जाएगी। इस लाइन पर 6 नए स्टेशन इंटेल कलां, राजपुरा, नारनौंद, माढ़ा, खेड़ी गंगन और शेखपुरा होंगे। उन्होंने कहा कि इस लाइन के निर्माण से जींद और हिसार के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी होगी तथा यात्रा की दूरी लगभग 50 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इसके अलावा, इस ग्रामीण बेल्ट में कृषि उत्पादों और उर्वरकों के तेजी से परिवहन में भी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि रेल मंत्रालय और हरियाणा सरकार ने इन दोनों रेल लाइन परियोजनाओं के विस्तृत सर्वेक्षण का कार्य और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पूरी कर ली है। इन दो नई रेल लाइनों के निर्माण से लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की मंजूरी के बाद इन दोनों परियोजनाओं की डीपीआर रेल मंत्रालय को सौंप दी गई है। इन परियोजनाओं की लागत राज्य सरकार और रेल मंत्रालय के बीच सांझा की जाएगी।





यह रहेगा नई करनाल-यमुनानगर रेल लाईन का रूट
इन दो रेल लाइन परियोजनाओं की अनुमानित लागत क्रमश: 1173 करोड़ रुपये और 923 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित करनाल-यमुनानगर नई लाइन, दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन पर स्थित भैणी-खुर्द स्टेशन और अंबाला-सहारनपुर रेलवे लाइन पर स्थित जगाधरी वर्कशॉप स्टेशन से जुड़ जाएगी। इस लाइन पर 5 नए रेलवे स्टेशन रंभा, इंद्री, लाडवा, रादौर और दामला होंगे। उन्होंने कहा कि इस लाइन के निर्माण से करनाल और यमुनानगर के इन दो औद्योगिक शहरों के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी होगी, इससे यात्रा की दूरी भी 50 किलोमीटर कम हो जाएगी। इसके अलावा, यह हरिद्वार से भी सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा जो इस क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मांग थी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित रेल लाइन से औद्योगिक और कृषि के क्षेत्र में आर्थिक विकास में मदद मिलेगी।


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