नाम लिए बिना हुड्डा पर मनोहर निशाना, बोले भ्रष्टाचारियों को करके रहेंगे बेनकाब चाहे कोई भी हो
13 सितंबर 2019, 10:22 AM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। प्रवीन कम्बोज
चंडीगढ़। पिछली सरकारों के समय जिन लोगों ने जनता के पैसे का दुरुपयोग भ्रष्टाचार के रूप में किया है उन्हें हम बेनकाब कर के रहेंगे, चाहे वह कोई भी हो, जिनके माध्यम से रॉबर्ट वाड्रा को जमीन खरीद या सीएलयू के मामलों में फायदा पहुंचाया गया है। इन मामलों की जांच या तो केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो या चौकसी ब्यूरो या प्रवर्तन निदेशालय जैसी जांच एजेंसियों को राज्य सरकार ने सौंपी है। कुछ मामले न्यायालय के विचाराधीन भी हैं। जांच रिपोर्ट व सबूतों के आधार पर जो दोषी होगा उसे सजा होगी जो निर्दोष होगा तो छूट जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नाम लिए बिना पूर्व सीएम व कांग्रेस के सीएलपी लीडर भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर यह निशाना साधा है। सीएम ने दो टूक कहा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस नीति पिछले पांच वर्षों में उन्होंने अपनाई है और काफी हद तक इसमें सफल भी रहे हैं। आॅनलाइन अध्यापक स्थानांतरण नीति व पारदर्शी तरीके से मैरिट के आधार पर भर्ती इसके दो बडे उदाहरण हैं जिनकी चर्चा हरियाणा के लोग ही नहीं कर रहे बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी हो रही है। यहां तक की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 सितम्बर को अपने रोहतक दौरे के दौरान भी अपने सम्बोधन में कही थी। एक प्रश्न के उत्तर में सीएम ने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा मामले में सरकार ने जस्टिस ढीगड़ा आयोग का गठन किया था और आयोग ने अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी थी। परन्तु कहीं न कहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को रिपोर्ट से इस बात का अंदेशा हो गया था कि रिपोर्ट में उनके माध्यम से ही रॉबर्ट वाड्रा को फायदा पहुंचाने का कार्य किया गया। इसलिए उन्होंने ही कांग्रेस के बड़े नेता एवं सर्वोच्च न्यायालय के जाने-माने वकील कपिल सिब्बल को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में खड़ा कर दिया, जिन्होंने ढींगड़ा आयोग के गठन पर ही प्रश्नचिह्न लगा कर न्यायालय में अपना तर्क दिया। अब मामला न्यायालय में है, परन्तु आयोग की रिर्पोट के बारे में न तो कपिल सिब्बल ने सवाल उठाया और न ही न्यायालय ने कुछ कहा है। सरकार का काम न्यायालय के आदेश पर जांच एजेंसियों के माध्यम से तथ्य उपलब्ध करवाना है जो सरकार ने किया है। यह इस मामले में सरकार की मंशा किसी प्रकार की राजनीतिक द्वेषता से कार्य करने की कभी नहीं रही।जब पूर्व मुख्यमंत्री स्वयं विधानसभा सदन में किसी भी एजेंसी से जांच करवाने को तैयार थे तो अब वे किस मुंह से इसे बदले की भावना से कार्य करने की बात कह रहे हैं। उनके खिलाफ अलग-अलग मामलों में अलग-अलग एजेंसियां अपने तरीके से जांच कर रही हैं।
जन आशीर्वाद यात्रा ने साफ कर दी तस्वीर, भाजपा की होगी एकतरफा जीत
क्या यह कांग्रेस को खत्म करने का रास्ता है के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा कोई एजेंडा नहीं है। पिछले पांच साल में जितने भी चुनाव राज्य में हुए हैं चाहे वह गुरुग्राम या फरीदाबाद नगरनिगमों के चुनाव हों या उसके बाद पंचायती राज संस्थानों के चुनाव हों या पांच नगर निगमों के मेयर के सीधे चुनाव हों या जींद विधानसभा का उपचुनाव हो और उसके बाद लोकसभा के चुनाव हों। लोगों ने भाजपा को जिस प्रकार 2014 के विधानसभा के चुनावों में पूर्ण बहुमत दिया था उससे भी बढकर पार्टी को अपना समर्थन दिया है। जींद उपचुनाव में तो पूरा विपक्ष भाजपा के विजयी रथ को रोकने के लिए एकजुट हो गया था। एक पार्टी ने तो अपने राष्टद्द्र स्तर के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला को मैदान में उतार दिया और वह मुश्किल से 1000 वोटों से अपनी जमानत बचा पाया। लोकसभा चुनाव में भी पार्टी का एक तरफ समर्थन मिला। कांग्रेस ज्यादातर सीटों पर दूसरे स्थान पर रही। जज्पा कहीं दूसरे व कहीं तीसरे स्थान पर रही। विधान सभा चुनाव में भी मुख्यत: सात-आठ पार्टियां चुनाव में उतरेंगी। परन्तु जिस आशा व अपेक्षा के साथ उनकी जन आशीर्वाद यात्रा को लोगों ने समर्थन दिया तो वे निश्चित रूप से कह सकते हैं कि विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को एक तरफा जीत मिलेगी।


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