आदेश : अपना काम करने वालों को लोन देने में आनाकानी न करें बैंक
अतिरिक्त उपायुक्त ने स्वरोजगार करने वालों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण देने के दिए निर्देश
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
11 सितंबर 2019, 10:49 PMहिसार। अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह ने कहा कि बैंक ऐसे उद्यमियों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध करवाएं जो स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं। ऐसे उद्यमी कभी भी बैंक का ऋण अदा करने में विफल नहीं होते हैं। यह बात उन्होंने आज जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने बैंकों के कामकाज व उनकी प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए उन्हें विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश दिए। एडीसी उत्तम सिंह ने कहा कि व्यक्तिगत स्तर के अलावा एनयूएलएम व एनआरएलएम जैसी योजनाओं के अंतर्गत समूहों द्वारा भी स्वरोजगार के लिए ऋण हेतु बैंकों में आवेदन किया जाता है लेकिन बैंक इन्हें ऋण देने में उदासीनता दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि ये छोटे उद्यमी हमेशा समय से पहले अपना ऋण चुकाते हैं और इनके ऋण कभी भी एनपीए नहीं होते। ऐसे उद्यमियों को ऋण देकर बैंक समाज में अच्छा माहौल बनाने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने बैंकों को इस संबंध में अगले 15 दिनों में प्रगति दिखाने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएम विंडो पर जिला के 8 बैंकों से संबंधित 23 समस्याओं की समीक्षा करते हुए बैंक अधिकारियों को जल्द से जल्द इन समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ओवरड्यू वाली शिकायतों का अगले 3 दिन में समाधान किया जाए। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान एलडीएम सुनील कुकड़ेजा ने बताया कि इस योजना में जिला प्रदेश में टॉप पर है। इस योजना के तहत बैंकों के स्तर पर कोई पेंडेंसी नहीं है। उन्होंने बताया कि 119 केस के टार्गेट के मुकाबले जिला में 200 व्यक्तियों को इस योजना के तहत लाभ प्रदान किया गया है।
एडीसी उत्तम सिंह ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को मुआवजे के भुगतान के संबंध में स्पष्टद्द कहा कि जिन मामलों में किसान की कोई गलती नहीं है उनमें बैंक या बीमा कंपनियों को ही मुआवजे का भुगतान करना होगा। किसान को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बजाज एलायंस कंपनी के प्रतिनिधि को पिछले सभी मुआवजों का भुगतान जल्द से जल्द करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि बीमा कंपनी बीमा करते समय यह तसदीक करना चाहे कि वास्तव में किसान ने अपने खेत में किस फसल की बिजाई की है तो प्रशासन बीमा कंपनी की मदद करने को तैयार है लेकिन खराबे के समय यदि बीमा कंपनी खेत में दूसरी फसल बोने की बात कहकर मुआवजा देने में आनाकानी करती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में एलडीएम सुनील कुकड़ेजा, पीएनबी के सर्कल हेड परेश कुमार दास, आरबीआई चंडीगढ़ से एसएस सहोता, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक इतबार सिंह सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि व अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे।



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