ये है जेजेपी के सभी 90 उम्मीदवारों की जीवन कुंडली, कोई डाक्टर, प्रोफेसर तो कोई सब्जी बेचने वाले साधारण परिवार से


 HARYANA MEDIA JUNCTION SPECIAL : विधानसभा चुनाव में उतरे जेजेपी के 90 उम्मीदवारों की पूरी कुंडली 


क्रं
  जिला
विधानसभा क्षेत्र
उम्मीदवार
परिचय

1. पंचकुला



01

कालका
भाग सिंह दमदमा
पंचकुला के ग्रामीण जिलाध्यक्ष हैं। जेजेपी के गठन से पहले वे भाजपा में थे।
02

पंचकूला
अजय गौतम
अन्ना आंदोलन से राजनीति में सक्रिय हुए। लंबे समय से आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए थे। वे आप में प्रदेश प्रवक्ता व प्रदेश सह संगठन मंत्री के पद पर थे।

2. अंबाला



03

नारायणगढ़
राम सिंह कोड़वा
यहां से इनेलो की टिकट पर 2014 में चुनाव लड़ा था। राम सिंह कोड़वा जेजेपी के प्रदेश महासचिव भी हैं
04

अंबाला कैंट
गुरपाल सिंह
भाजपा के ग्रामीण मंडल प्रभारी एवं ब्लॉक समिति के पूर्व चेयरमैन।
05

अंबाला सिटी
हरपाल सिंह कंबोज
जेजेपी के शहरी जिला प्रधान हैं। साल 2000 से जेजेपी संरक्षक डॉ. अजय सिंह चौटाला के साथ लगातार काम कर रहे हैं। इनेलो पार्टी में सक्रिय तौर पर प्रदेश कार्यकारिणी में सदस्य, हलका प्रधान और युवा जिला प्रधान के पदों पर कार्य करने का अनुभव।
06

मुलाना (एससी)
अमरनाथ बग्गन
जेजेपी के एससी सैल प्रकोष्ठ में प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। साल 2004 में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) में चीफ सेशन सुपरवाइजर (CSS) की नौकरी छोड़कर राजनीति में सक्रिय हुए। किसान परिवार से जुड़े अमरनाथ बग्गन ने 2009 में मुलाना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था।

3. यमुनानगर



07

साढ़ौरा (एससी)
कुसुम शेरवाल
जेजेपी की प्रदेश महासचिव हैं। 2014 में अंबाला सीट से लोकसभा का चुनाव इनेलो की टिकट पर लड़ा था।
08

जगाधरी
अर्जुन सिंह
जेजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं। किसान परिवार से जुड़े अर्जुन सिंह साल 2005 से 2009 तक छछरौली विधानसभा सीट से बीएसपी के विधायक थे।
09

यमुनानगर
शैलेश त्यागी
जेजेपी के शहरी हलका प्रधान हैं। व्यवसायी शैलेश त्यागी पांच साल तक यूथ कांग्रेस और व्यापार सैल के जिला प्रधान रहे हैं। वे बहुजन समाज पार्टी में अंबाला लोकसभा के प्रभारी भी रहे। 
10

रादौर
मांगे राम
जेजेपी के हलका प्रधान हैं। लंबे समय से डॉ अजय सिंह चौटाला से जुड़े हुए हैं।

4. कुरुक्षेत्र



11

लाडवा
डॉ. संतोष दहिया
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। डॉ. दहिया देश की सशक्त महिला व समाजसेवी के रूप में राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित हैं। संतोष दहिया सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत की महिला विंग की अध्यक्षा हैं। साल 2014 में बेरी विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था। दहिया अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी रह चुकी है।
12

शाहबाद (एससी)
रामकरण काला
रामकरण काला को 2014 के विधानसभा चुनाव में यहां से 36.74 प्रतिशत वोट मिले थे और वे 562 वोटों से हारे। रामकरण काला का परिवार कुरक्षेत्र जिला परिषद की राजनीति करता आया है और रामकरण व उनकी पत्नी जिला परिषद के सदस्य भी रह चुके है।
13

थानेसर
योगेश शर्मा
युवा योगेश इनसो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व जेजेपी के जिला कार्यालय सचिव हैं। बीटेक की डिग्री हासिल कर चुके योगेश 2004 से छात्र राजनीति में सक्रिय हैं।
14

पिहोवा
प्रो. रणधीर सिंह
डॉ. अजय सिंह चौटाला के पुराने साथी। वे कई सालों तक पार्टी की छात्र इकाई इनसो के प्रभारी भी रहे।

5. कैथल



15

गुहला (एससी)
ईश्वर सिंह
कांग्रेस के पूर्व कद्दावर नेता ईश्वर सिंह 2008 से 2014 तक राज्यसभा सांसद रहे और 1977 में गुहला से विधायक भी बने थे। उनकी पुत्रवधू ने पिछले चुनाव में गुहला सीट पर निर्दलीय लड़कर 21 हजार वोट लिए थे। ईश्वर सिंह राष्ट्रीय एससी कमीशन के सदस्य भी रहे हैं।
16

कलायत
सतविंदर राणा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे सतविंदर राणा राजौंद हलके से दो बार विधायक बने। राणा ने कालका सीट पर भी दो चुनाव लड़े हैं।
17

कैथल
रामफल मलिक
गांव खुराना के मौजूदा सरपंच हैं। लम्बे समय से पंचायती राज प्रकोष्ठ से जुड़े हुए हैं।
18

पुंडरी
राजेश ढुल
जेजेपी के युवा हलका अध्यक्ष हैं।

6. करनाल



19

नीलोखेड़ी (एससी)
भीम सिंह जलाला
बाल्मिकी समाज से भीम सिंह जेजेपी के एससी सैल के जिला प्रधान हैं। जो लम्बे समय से डॉ. अजय सिंह चौटाला से जुड़े रहे हैं।
20

इंद्री
गुरदेव रम्भा
जेजेपी के हलका प्रधान हैं। इनेलो में लगातार 15 साल से हलका प्रधान रहे, रम्भा इनेलो के करनाल जिले के युवा और किसान सैल के प्रधान भी रहे हैं।
21

करनाल
तेज बहादुर यादव
हाल ही में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए दुष्यंत चौटाला के साथ जुड़े पूर्व फौजी तेज बहादुर इससे पहले वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे थे परन्तु किन्हीं कारणों के चलते उनका नामांकन रद्द हो गया था। इससे पहले तेज बहादुर उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने सेना में रहते हुए सैनिकों को मिलने वाले खाने की गुणवत्ता को लेकर एक विडियो जारी किया था और देशभर में मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक यह मामला खूब उछला था।
22

घरौंडा
उमेद कश्यप
पिछड़े वर्ग के बड़े नेता हैं। इनेलो की टिकट पर 1996 में करनाल से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। उमेद कश्यप फिलहाल जेजेपी के राष्ट्रीय सचिव हैं।
23

असंध
बृज शर्मा
जेपी में राष्ट्रीय महासचिव हैं। इससे पहले इनेलो में विभिन्न पदों पर काम करने का अनुभव। इनेलो में 12 वर्ष तक जिला प्रधान रहे, करीब 13 साल राष्ट्रीय महासचिव के पद पर रहे। करीब 12 साल गौड़ ब्राह्मण सभा में समाज सेवा की।

7. पानीपत



24

पानीपत ग्रामीण
देवेंद्र कादियान
जेजेपी के युवा नेता। उनके पिता सतबीर कादियान 1987, 1991 और 2000 में नौल्था सीट से विधायक बने जिसकी जगह परिसीमन में पानीपत ग्रामीण सीट बनी। सतबीर कादियान 2000 में बनी इनेलो सरकार में विधानसभा अध्यक्ष भी रहे। देवेंद्र कादियान की मां बिमला कादियान ने भी पानीपत ग्रामीण सीट से 2009 में विधानसभा चुनाव लड़ा था।
25

पानीपत शहर
जयदेव नौल्था
जेजेपी की छात्र विंग इनसो के वरिष्ठ उप प्रधान हैं।
26

इसराना (एससी)
दयानंद उरलाना
जेजेपी के टपरीवास सैल के प्रदेश अध्यक्ष हैं। बिजली विभाग से रिटायर्ड एक्सईएन दयानंद उरलाना जिला परिषद के मौजूदा सदस्य भी हैं। 
27

समालखा
ब्रह्मपाल रावल
जेजेपी के हलका प्रधान हैं।

8. सोनीपत



28

गन्नौर
रणधीर मलिक
रणधीर मलिक 1987 में चौधरी देवीलाल जी की सरकार में मंत्री रहे व कद्दावर नेता वेद सिंह मलिक के छोटे भाई है। गांव पिपली खेड़ा में लंबे समय तक सरंपच रहे। अपने हलके में सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं।
29

राई
अजित अंतिल
जेजेपी के जिला प्रधान महासचिव हैं। 2005 में राई सीट से चुनाव लड़ा था और अच्छे वोट लेते हुए दूसरे स्थान पर रहे थे। राई ब्लॉक समिति के पूर्व चेयरमैन भी रहे।  
30

खरखौदा (एससी)
पवन खरखौदा
2014 में आजाद उम्मीदवार के तौर खरखौदा सीट पर चुनाव लड़ा था और दूसरे स्थान पर रहे। पवन के दादा भरत सिंह गांव खरखौदा के लंबे समय तक सरपंच थे और खरखौदा कमेटी के पूर्व चेयरमैन भी थे।
31

सोनीपत
अमित बिंदल
शहर के लोकप्रिय समाजसेवी हैं और अपनी एनजीओ के जरिये हर रोज लगभग 500 गरीबों को भोजन करवाते हैं।
32

गोहाना
कुलदीप मलिक
सोनीपत जिला परिषद के चेयरमैन रहे हैं और इनेलो के युवा जिलाध्यक्ष भी रहे हैं।
33

बरोदा
भूपेंद्र मलिक
मलिक गोत्र के बड़े गांव भैंसवाल कलां के निवासी हैं। गोहाना मार्किट कमेटी पूर्व चेयरमैन भी रहे। लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी में विभिन्न पदों पर कार्य करने का अनुभव।

9. जींद



34

जुलाना
अमरजीत ढांडा
जेजेपी व्यापारी प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। ढांडा एक किसान व व्यापारी हैं।
35

सफीदों
दयानंद कुंडू
जेजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य हैं। पिल्लूखेड़ा ब्लॉक समिति के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं। दयानंद कुंडू 1974 में चौ. देवीलाल जी के साथ जुड़कर राजनीति में सक्रिय हुए। 
36

जींद
महावीर गुप्ता
इनके पिता कद्दावर नेता मांगे राम गुप्ता इस सीट पर कुल 8 चुनाव लड़ चुके हैं और 4 बार जींद से ही विधायक बने हैं। मांगे राम गुप्ता 2005 में बनी कांग्रेस सरकार में वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री भी रहे।
37

उचाना कलां
 दुष्यंत चौटाला
2014 में 26 साल की उम्र में देश के सबसे कम उम्र के सांसद बने। कभी चौधरी भजनलाल के गढ़ रहे हिसार में अपनी चुनौती दी और बेहद कड़े मुकाबले में 4 लाख 95 हजार (43%) वोट लेकर चुनाव जीते। सांसद के तौर पर शानदार काम किया और हरियाणा के इतिहास के हिसाब से सबसे ज्यादा सवाल पूछे और सर्वाधिक चर्चाओं में हिस्सा लिया। विदेश में पढ़े लिखे दुष्यंत चौटाला ने सांसद बनने के बाद भी एलएलएम और मास कम्यूनिकेशन की डिग्रियां हासिल की। सांसद के तौर पर हिसार लोकसभा क्षेत्र में एमपीलैड का 100 फीसदी से ज्यादा इस्तेमाल कर अभूतपूर्व काम किया। विपक्ष का सांसद होने के बावजूद देश का जिला स्तर का पहला पासपोर्ट सेवा केंद्र खुलवाने, टेलिफोन एक्सचेंज को आधुनिक बनवाने आदि दर्जनों महत्वपूर्ण काम करवाए। देश भर के किसानों की आजीविका के साधन ट्रैक्टर को कमर्शियल घोषित होने से बचाने के लिए ट्रैक्टर पर संसद गए और किसानों की आवाज़ बनकर सरकार को फैसला वापिस लेने पर मजबूर किया।
38

नरवाना (एससी)
रामनिवास बाल्मिकी
एक कर्मचारी नेता रहे हैं और क्षेत्र के जाने माने समाजसेवी हैं।

10. फतेहाबाद



39

टोहाना
देवेंद्र बबली
कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता और समाजसेवी हैं। इस सीट से दो बार विधानसभा का चुनाव लड़ चुके है। पिछले विधानसभा चुनाव में आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था और करीब 39 हजार वोट हासिल किए थे।
40

फतेहाबाद
डॉ. वीरेंद्र सिवाच
शहर के जाने-माने चिकित्सक हैं। वरिष्ठ नेता डा. सिवाच भाजपा में इस हलके से टिकट के दावेरदार थे और लंबे समय से राजनीति से जुड़े हुए हैं।
41

रतिया (एससी)
मंजू बाजीगर
जेजेपी महिला प्रकोष्ठ में प्रदेश सहसचिव हैं।

11. सिरसा



42

कालांवाली (एससी)
सरदार निर्मल सिंह
लोकसभा-2019 का चुनाव लड़ चुके 37 वर्षीय युवा निर्मल सिंह सब्जी बेचने का काम करने वाले साधारण भूमिहीन परिवार के संबंध रखते हैं। पिता और बुजुर्ग मजदूरी के काम से जुड़े रहे, पत्नी अध्यापिका हैं। मजहबी सिख बिरादरी से हैं और पंजाबी लोकसंगीत-संस्कृति के प्रचार से जुड़े रहे हैं। दूरदर्शन और सामाजिक आयोजनों में अब तक पंजाबी लोकसंगीत पर आधारित 1000 से ज्यादा कार्यक्रम कर चुके हैं। निर्मल सोच चैरिटेबल ट्रस्ट के संयोजक है जो सिरसा-फतेहाबाद क्षेत्र में गरीब लड़कियों की शादी, मुफ्त इलाज, जरूरतमंदों की मदद से जुड़े काम करता है। 2014 में हरियाणा लोकहित पार्टी से कालांवाली से चुनाव लड़ा और लगभग 16 हजार वोट लिए।  युवा निर्मल सिंह का गांव मल्हड़ी, जिला सिरसा है और वे गरीब परिवार में जन्म लेकर लोकसंस्कृति के ध्वजवाहक और समाजसेवी के रूप में अपने क्षेत्र में लोकप्रिय हैं।
43

डबवाली
सर्बजीत सिंह मसीतां
युवा नेता एवं जेजेपी के हलका प्रधान हैं। पूर्व में इनेलो में भी हलका प्रधान थे। इनकी पत्नी सुपिंद्र कौर जिला परिषद की सदस्या रहे चुकी हैं। जट सिख समुदाय से हैं।
44

रानियां
कुलदीप कारिवाला
कुलदीप किसान परिवार से शिक्षित युवा हैं। जेजेपी के युवा हलका प्रधान हैं। कुलदीप इससे पूर्व इनेलो पार्टी में भी लंबे समय तक युवा हलके प्रधान रह चुके है। जट सिख समुदाय से हैं।
45

सिरसा
राजेंद्र गनेरीवाला
जेजेपी के व्यापार प्रकोष्ठ से जुड़े नेता हैं। लगातार 30 वर्षों से नगर पार्षद के चुनावों में गनेरीवाला के परिवार का दबदबा। दो बार खुद पार्षद रह चुके है, एक बार इनकी धर्मपत्नी आशा, एक बार इनके पुत्र रोहित रह चुके है। अग्रवाल नीजि संस्था के अग्रसेन स्कूल के तीन बार प्रधान रह चुके है। हनुमान जी के भजन गायन में महारत हासिल। 

46

ऐलनाबाद
ओपी सिहाग
जेजेपी के पंचकूला शहरी जिला प्रधान हैं। छात्र जीवन से छात्र राजनीति में सक्रियता। 1980 में कृषि महाविद्यालय, हिसार के चीफ काउंसलर रहे। 1982 में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। डॉ. अजय सिंह चौटाला के संघर्ष के साथी रहे। 1989-90 में चौधरी ओम प्रकाश चैटाला तत्कालीन मुख्यमंत्री हरियाणा के साथ अतिरिक्त रानीतिक सचिव के रुप में कार्य किया तथा चौ0 ओमप्रकाश चैटाला ने दडबा कलां विधानसभा का चुनाव लड़ा तो चुनाव में सक्रीय भूमिका निभाई। सितंबर 1990 से सचिव नगर परिषद व बतौर कार्याकारी अधिकारी हरियाणा की विभिन्न नगर परिषदों व नगर निगमों में सरकारी अधिकारी के रुप में उल्लेखनीय कार्य किए। 31 मार्च 2018 को नगर निगम पंचकूला से बतौर कार्यकारी अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त होने उपरांत जेजेपी के गठन होने के बाद डॉ. अजय सिंह चैटाला व दुष्यंत चैटाला के नेतृत्व में जेजेपी में शामिल हुए।

12. हिसार



47

आदमपुर
रमेश गोदारा जाखोद
गांव जाखोद के पूर्व सरपंच रहे हैं। रमेश गोदारा पूर्व जिला पार्षद थे। हजकां पार्टी में पूर्व जिला प्रधान भी थे।
48

उकलाना (एससी)
अनूप धानक
2014 में अपने पहले ही चुनाव में उकलाना विधानसभा सीट पर 41 प्रतिशत वोटों के साथ जीत दर्ज की। जेजेपी के गठन पर समर्थन देने वाले विधायकों में प्रमुख। जेजेपी ज्वाइन करने के लिए हाल ही में विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया।
49

नारनौंद
रामकुमार गौतम
नारनौंद विधानसभा सीट पर 4 चुनाव लड़ चुके हैं। 2005 में भाजपा की टिकट पर चुनाव जीते जब पूरे हरियाणा में भाजपा के सिर्फ 2 विधायक बने थे। जेजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं।
50

हांसी
राहुल मक्कड़
जेजेपी के शहरी हलका प्रधान हैं। राजनीतिक परिवार से जुड़े राहुल तीन बार विधायक एंव MITC व वन विभाग के चैयरमेन रह चुके स्व. कामरेड अमीरचंद मक्कड़ के पौते हैं। व्यवसायी राहुल अपने हलके में समाजसेवी के तौर पर भी काम कर रहे हैं।
51

बरवाला
जोगी राम सिहाग
वरिष्ठ नेता जोगी राम सिहाग दो बार विधानसभा का चुनाव लड़ चुके है। हाल ही में जेजेपी में शामिल हुए जोगी राम काफि लंबे से भाजपा से जुड़े हुए थे। वे हरियाणा हाउसिंग कोर्पोरेशन लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन भी रहे।
52

हिसार
जितेंद्र
युवा नेता व एक सामाजिक व्यक्ति हैं और शहर में आम लोगों की समस्याओं को जोर शोर से उठाते रहे हैं
53

नलवा
वीरेंद्र चौधरी
जेजेपी के युवा नेता हैं। प्रथम भारतीय, जो इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रीनविच छात्रसंघ के प्रधान रहे। लगातार दो बार इंग्लैंड में चुनाव जीता।

13. भिवानी



54

लोहारू
अलका आर्य
जेजेपी में लोहरू के बहल ब्लॉक की महिला प्रधान हैं। अलका भिवानी से जिला पार्षद भी हैं। शिक्षक के तौर पर अपने एक प्राइवेट शिक्षण संस्थान का संचालन करती हैं। अलका आर्य के ससुर पूर्व सरपंच स्व. दयानंद आर्य जी लंबे समय से चौधरी देवीलाल जी की विचाधारा से जुड़े हुए थे।
55

बाढ़डा
नैना सिंह चौटाला
डबवाली से पूर्व विधायिका एवं जेजेपी की वरिष्ठ नेत्री हैं। नैना चौटाला ने महिलाओं को राजनीति के प्रति जागरूक करने के लक्ष्य से चल रही हरी चुनरी चौपाल का संचालन करते हुए 55 से ज्यादा हलकों मे सफल चौपालों का आयोजन किया। 
56

दादरी
सतपाल सांगवान
कांग्रेस के पूर्व कद्दावर नेता एवं पूर्व मंत्री रहे हैं। यहां से 5 बार चुनाव लड़ चुके हैं और दो बार विधायक रहे हैं।
57

भिवानी
डॉ. शिव शंकर भारद्वाज
पूर्व विधायक डॉक्टर शिवशंकर भारद्वाज भिवानी के एक जाने-माने चिकित्सक हैं और कांग्रेस की टिकट पर 2005 में विधायक चुने गए थे। पिछले दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उन्हें भाजपा में शामिल करवाया था।
58

तोशाम
सीता राम सिंघल
अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ, जेजेपी के जिला प्रधान हैं।
59

बवानी खेड़ा (एससी)
राम सिंह वैद
जेजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी में सदस्य हैं।

14. रोहतक



60

महम
हरज्ञान सिंह मोखरा
पिछले 10 साल से हलके की सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे है और काफी साल से इंडियन नैशनल लोकदल पार्टी में सक्रिय नेता के रूप में काम किया था। जननायक जनता पार्टी बनने के बाद बतौर कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रुप से काम किया और आज पार्टी में प्रदेश सह सचिव के रूप में सर्किय तौर से पार्टी के लिए कार्य कर रहे हैं।
61

गढ़ी सांपला किलोई
संदीप हुड्डा
क्लिनिक चलाने वाले एक युवा नेता है, जो हलके के चमारिया गांव के सरपंच भी रहे हैं।
62

रोहतक
राजेश सैणी
रोहतक हलके के अध्यक्ष हैं। पिछड़े वर्ग से संबंध रखने वाले राजेश सैणी अलमारी बनाने की फैक्टरी चलाते है और अजय सिंह चौटाला के मजबूत सिपाही हैं।
63

कलानौर (एससी)
राजेन्द्र वाल्मिकी
गांव पटवापुर के दो बार सरपंच रह चुके है। मौजूदा जिला पार्षद और जिला परिषद के वाइस चेयरमैन है। बेदाग छवि वाले राजेंद्र वाल्मीकि अपने पूरे हलके की जनता के साथ मिलनसार व्यक्ति हैं।

15. झज्जर



64

बहादुरगढ़
संजय दलाल
जेजेपी के हलका प्रधान हैं।
65

बादली
संजय कबलाना
कबलाना बादली सीट पर ही भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं।
66

झज्जर (एससी)
नसीब वाल्मिकी
जिला पार्षद हैं। हलके के सबसे बड़े गांव मातनहेल के रहने वाले हैं।
67

बेरी
उपेंद्र कादियान
पार्टी के युवा नेता और युवा अध्यक्ष हैं।

16. महेंद्रगढ़



68

अटेली
सम्राट यादव
युवा नेता हैं। कांग्रेस पार्टी से दो बार विधायक रह चुकी अनिता यादव के बेटे हैं।
69

महेंद्रगढ़
राव रमेश पालड़ी
जेजेपी के महेंद्रगढ़ जिलाध्यक्ष हैं। इनेलो में भी कई वरिष्ठ पदों पर रहे।
70

नारनौल
कमलेश सैणी
2014 में नारनौल सीट पर इनेलो की टिकट पर चुनाव लड़ा और सिर्फ 4 हजार वोटों से जीत से चूक गई। उनके ससुर भाना राम सैणी ने भी 2009 में नारनौल से इनेलो की टिकट पर चुनाव लड़ा था और सिर्फ 3 हजार वोटों से चुनाव हारे थे।
71

नांगल चौधरी
मूला राम
मूला राम पूर्व विधायक हैं, जो गुर्जर समाज से हैं।

17. रेवाड़ी



72

बावल (एससी)
श्याम सुंदर सभरवाल
बावल सीट पर 2014 में इनेलो की टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं और पहले ही चुनाव में उन्होंने लगभग 36 हजार वोट लिए थे। एमबीए और एलएलएम की पढ़ाई कर चुके श्याम सुंदर फिलहाल जेजेपी के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के रेवाड़ी जिलाध्यक्ष हैं और इससे पहले वे इनेलो में भी इसी पद पर रह चुके हैं।
73

कोसली
रामफल कोसलिया
यादव समाज से हैं, फिलहाल जेजेपी के रेवाड़ी जिलाध्यक्ष हैं।
74

रेवाड़ी
मलखान सिंह
किसान परिवार जुड़े मलखान सिंह गांव मालपुरा के सरपंच हैं। वहीं रेवाड़ी जाट महासभा के प्रधान भी हैं। सामाजिक कामों में सक्रियता।

18. गुरुग्राम



75

पटौदी (एससी)
दीपचंद
चौधरी देवीलाल के समय से सक्रिय हैं और उनके साथ काम कर चुके हैं। 
76

बादशाहपुर
रिषी राज राणा
गुरुग्राम नगरनिगम में पार्षद रह चुके हैं और लोकप्रिय सामाजिक व्यक्ति हैं।
77

गुरुग्राम
सूबे सिंह यादव
जेजेपी जिला अध्यक्ष हैं और नगर निगम में पार्षद रह चुके हैं। वजीराबाद के पूर्व सरपंच रह चुके हैं। इनके बेटे मौजूदा नगर पार्षद है।
78

सोहना
रोहताश खटाना
सोहना से दो बार विधायक का चुनाव लड़ चुके हैं।

19. नूंह



79

नूंह
तैय्यब हुसैन घासेड़िया
पब्लिक हैल्थ डिपार्टमेंट में सिविल इंजीनियर के पद पर काम कर चुके हैं। तैय्यब हुसैन ने 2009 में नूंह विधानसभा सीट पर निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था।
80

फिरोजपुर झिरका
अमन अहमद
अमन अहमद के दादा कबीर अहमद 1975 में नूंह से तथा 1982 में तावडू विधानसभा से कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं। अहमद की मां हजरत बेगम वर्ष 2010- 15 तक मेवात जिला परिषद की चेयरमैन रही है। इनके पिता स्वर्गीय इकबाल अहमद 2005 से 2016 तक गांव के सरपंच रहे हैं। अमन अहमद की बहन शाहिद अहमद फिरोजपुर झिरका मार्केट कमेटी की वाइस चेयरमैन हैं। अमन अहमद ने 2014 में फिरोजपुर झिरका विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था और भाजपा एवं कांग्रेस के प्रत्याशियों से ज्यादा मत प्राप्त किए थे । अमन अहमद को 18212 मत मिले थे जबकि भाजपा को 16000 तथा कांग्रेस के प्रत्याशी को 15000 मत मिले थे।
81

पुन्हाना
इकबाल जैलदार
इकबाल जैलदार ने वर्ष 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में 27500 से ज्यादा मत प्राप्त किए थे। चुनाव के बाद उन्होंने भाजपा छोड़ दी थी तथा वे वर्तमान में कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष थे।

20. पलवल



82

हथीन
हर्ष कुमार
32 वर्ष से चुनावी राजनीति में हैं और हथीन सीट पर 7 विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। 1987 में पहला विधानसभा चुनाव लड़ने वाले हर्ष कुमार 1996 में हविपा से और 2005 में हथीन से निर्दलीय विधायक बने। 2014 के विधानसभा चुनाव में वे सिर्फ 6000 वोटों से चुनाव हारे थे। वे 1996 में बंसीलाल सरकार में मंत्री भी रहे। जेजेपी के राष्ट्रीय महासचिव हैं।
83

होडल (एससी)
सतबीर तंवर
जेजेपी के एससी सैल के जिला प्रधान हैं। व्यवसायी सतबीर तंवर बीएसपी पार्टी में होडल विधानसभा से प्रभारी थे।
84

पलवल
गयालाल चांट
वरिष्ठ किसान नेता हैं, चौधरी देवीलाल के नौरत्नों में से एक कहे जाते हैं।

21. फरीदाबाद



85

पिरथला
शशिवाला तेवतिया
जेजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्या हैं। 2009 में पिरथला विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था।
86

फरीदाबाद एनआईटी
तेजपाल डागर
जेजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी में महासचिव हैं। तेजपाल डागर भी अजय सिंह चौटाला के पुराने साथी हैं।
87

बड़खल
इस्लामुद्दीन
2009 में आजाद उम्मीदवार के तौर पर बड़खल सीट से चुनाव लड़ा था।
88

बल्लभगढ़
सुरेश वर्मा
सुरेश वर्मा व्यवसायी हैं। हाल ही में इनेलो पार्टी से जेजेपी में शामिल हुए है।
89

फरीदाबाद
कुलदीप तेवतिया
नगर निगम के पूर्व पार्षद व पूर्व भाजपा नेता।
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तिगांव
प्रदीप चौधरी
जेजेपी पंचायती प्रकोष्ठ के जिला प्रधान हैं। युवा प्रदीप प्रॉपर्टी डीलर का काम करते हैं।



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