चुनाव में सीएम के खिलाफ कर्मचारी मिलकर उतारें अपना प्रत्याशी, जेजेपी करेगी पूरा समर्थन : दुष्यंत चौटाला

चुनाव में सीएम के खिलाफ कर्मचारी मिलकर उतारें अपना प्रत्याशी, जेजेपी करेगी पूरा समर्थन : दुष्यंत 
बोले, लाठी-डंडे मारने वाली भाजपा सरकार को सबक सिखाएं कर्मचारी 






19 सितंबर 2019, 1:05 AM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। रिंकू गोंदर
करनाल/चंडीगढ़। प्रदेशभर में अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत विभिन्न विभागों के कर्मचारियों से जननायक जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला ने अपील की है कि कर्मचारी अपनी वोट की ताकत को समझें और कर्मचारी विरोधी भाजपा सरकार को कड़ा सबक सिखाएं। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ सब कर्मचारी मिलकर विधानसभा चुनाव में अपना एक उम्मीदवार खड़ा कर दें। दुष्यंत ने कहा कि जेजेपी उस उम्मीदवार का पूरा समर्थन करेगी। करनाल के सेक्टर-12 में अतिथि अध्यापकों के धरना स्थल पर समर्थन देने पहुंचे दुष्यंत चौटाला ने कहा कि धरने पर बैठने से कुछ नहीं होगा क्योंकि ये सरकार कर्मचारियों की सुनने की बजाय अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए उन्हें लाठी-डंडे मारकर प्रताड़ित करने में आगे रहती है। उन्होंने धरने पर बैठे कर्मचारियों से कहा कि आज विभन्न विभाग जैसे रोडवेज, बिजली, पीडब्लयू, होम गार्ड, कंप्यूटर टीचर के आंदोलनरत कर्मचारियों को एक मंच पर लेकर आएं और सरकार के खिलाफ विधानसभा चुनाव में बिगुल बजा दें। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि भाजपा सरकार ने 14 हजार अतिथि अध्यापकों के साथ धोखा करते हुए अपने चुनावी वादों को पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि गेस्ट टीचर्स 14 सालों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं मगर सरकार ने उनकी अनेदखी की और उनकी जॉब सिक्योरिटी नहीं दी। पूर्व सांसद ने कहा कि उन्होंने कम से कम 12 बार संसद में गेस्ट टीचर, कंप्यूटर टीचर समेत अन्य कर्मचारियों के मुद्दों को उठाया था लेकिन फिर भी सरकार की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि अब भी वह मांग करते हैं कि सदन में नया अधिनियम बनाकर गेस्ट टीचर को उनके अधिकार दिए जाएं।

कंप्यूटर टीचरों पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा 
वहीं दुष्यंत चौटाला ने पंचकुला में पुलिस द्वारा कंप्यूटर टीचरों पर लाठीचार्ज करने पर सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया की बात करने वाली भाजपा सरकार से अब तक ना कंप्यूटर टीचर पक्के किए गए और ना ही स्कूलों में कंप्यूटर ठीक करवा पाई। दुष्यंत ने कहा कि हुड्डा सरकार ने प्रदेशवासियों के जीवन में जो कांटे बोए थे, खट्टर सरकार ने उन कांटों को निकालने की बजाए इन्हें खाद्य पानी देने का काम किया है।

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