गांधी जयंति संकल्प : आओ बनाएं प्लास्टिक मुक्त हिन्दुस्तान


गांधी जयंति संकल्प : आओ बनाएं प्लास्टिक मुक्त हिन्दुस्तान 

321 स्कूलों में 2,24000 विद्यार्थियों ने ली पॉलिथीन का उपयोग न करने की शपथ
राह ग्रुप फाउंडेशन ने आयोजित किया प्रदेश का सबसे बड़ा जागरुकता अभियान 
ड्राईग कॉम्पिटिशन, रैली व नुक्कड़ नाटकों से समझाएं पॉलीथिन के दुष्प्रभाव




2 अक्तूबर 2019, 2:21 PM 
हरियाणा मीडिया जंक्शन न्यूज
हिसार। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 150वीं जयंति पर सामाजिक संस्था राह ग्रुप फाउंडेशन की ओर से जिले के 321 स्कूलों में 2 लाख 24 हजार विद्यार्थियों को पॉलिथीन का त्याग करने की शपथ दिलवाई गई। प्रदेश से अब तक के सबसे बड़े जागरुकता अभियान के तहत हिसार जिले में हिसार शहर व हिसार के दोनों ब्लॉकों के 92 स्कूलों, हांसी के दो ब्लॉकों के 49, बरवाला ब्लॉक के 34, उकलाना ब्लॉक के 33, नारनौंद व आदमपुर ब्लॉक के 22-22 व अग्रोहा ब्लॉक के 18 प्राईवेट स्कूलों के साथ सभी सरकारी स्कूलों में पॉलिथीन मुक्त भारत अभियान के तहत शपथ दिलवाई गई। इस दौरान विभिन्न स्कूलों में जागरुकता रैली निकालने के साथ-साथ, पेंटिंग/ड्राईंग व भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी पॉलिथीन का उपयोग न करने के लिए प्रेरित किया गया। यह जानकारी देते हुए राह ग्रुप फाउंडेशन के वाईस चेयरमेन रामनिवास वर्मा, राष्टीय सलाहकार सुदेश चहल पूनियां व राह क्लब हिसार के अध्यक्ष रामअवतार वर्मा ने बताया कि इस दौरान ब्लॉक वार अलग-अलग मुख्यअतिथियों ने विद्यार्थियों को शपथ दिलवाने के अभियान की शुरूआत की।

प्रति मिनट में 20 लाख पॉलीथिन का होता है उपयोग
इस दौरान राह क्लबों के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश सेलपाड़ ने कहा कि औसतन एक भारतीय प्रति वर्ष 9.7 किलोग्राम पॉलीथिन उपयोग करता है। उससे भी बढकर विश्व में प्रति मिनट 20 लाख पॉलिथीन का उपयोग होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि प्रत्येक वर्ष फेंके गए प्लास्टिक से पृथ्वी के चार घेरे बनाएं जा सकते हंै। यह स्थिति उस समय और भी गंभीर हो जाती है कि जब किसी प्लास्टिक बैग को खत्म होने में करीबन 1000 वर्ष लगते हो।

कपड़े के थैले भी किए वितरित
इस दौरान मुख्यअतिथि हरियाणा ओलम्पिक संघ के महासचिव बिजेन्द्र लोहान ने कहा कि वर्तमान में पॉलीथिन का प्रयोग हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। इसके उपयोग के प्रति हमें स्वयं ही गंभीर होना पड़ेगा। इसके लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे राह ग्रुप फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे जन जागरुकता अभियान का हिस्सा बने व सहयोग करें। उन्होंने लोगों को कपड़े के थैले वितरित किए व पॉलीथिन का उपयोग न करने की शपथ भी दिलवाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि पॉलीथिन जीव-जन्तुओं के लिए बहुत हानिकारक है। इसकी रोकथाम से ही इससे निजात पाई जा सकती है। आज समाज के हर व्यक्ति को पॉलीथिन के उपयोग से बचना होगा, तभी हम इस से उत्पन्न हो रही बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं।

इन स्कूलों में हुआ शपथ कार्यक्रमों का आयोजन
राह ग्रुप फाउंडेशन के प्रदेश स्तरीय इस पॉलिथीन मुक्त भारत अभियान के तहत डी.ए.वी. पुलिस पब्लिक स्कूल हिसार, लक्ष्य पब्लिक स्कूल धांन्सू, ठाकुर भार्गवदास सीनियर सकेंंडरी स्कूल हिसार, ओ.पी. जिन्दल मॉर्डन स्कूल, दी आर्यन पब्लिक स्कूल कैमरी रोड, लाहोरिया सीनियर सकेंडरी स्कूल हिसार, डी.ए.वी. के. एल. आर्य, दिल्ली पब्लिक स्कूल माईय्यड़, मोगादेवी मिण्डा मैमोरियल स्कूल बगला, भारत सीनियर सकेंडरी स्कूल खरड़ अलीपुर, सुमन हाई स्कूल, एस. आर. इंटरनेशनल स्कूल हरिकोट, आशा सीनियर सकेंडरी स्कूल पनिहार चक्क, एल.बी.एस स्कूल बालसंमद, योग हाई स्कूल हिसार, एस. डी. पब्लिक स्कूल खरड़ अलीपुर, डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल आजाद नगर, गलेक्सी इंटरनेशनल स्कूल राजली, हिन्दू पब्लिक स्कूल चौधरीवास, गुरु जम्मेश्वर सीनियर सकें डरी स्कूल कालवास, कैंट पब्लिक स्कूल सातरोड़, डिवाईन स्कूल लाडवा, डिवाईन हाई स्कूल सूर्य नगर, सेंट जेवियर सीनियर सकेंडरी स्कूल तलवंडी राणा, विक्टोरिया स्कूल लाडवी, रॉयल सैनिक भिवानी रोहिल्ला, आस्था इंटरनेशनल स्कूल डोबी, सैनिक हाई स्कू ल रावलवास, आशा हाई स्कूल मंगाली, न्यू कॉन्वेट स्कूल मिजार्पुर, सुखराम मैमोरियल सीनियर सकेंडरी स्कूल अग्रोहा, आदर्श विद्या मंदिर दुर्जनपुर, पीजीएसडी शिक्षण संस्थानों की सभी स्कूलों, होली चाईल्ड सीनियर सकेंडरी स्कूल सूर्यनगर, दिनेश मैमारियल स्कूल बरवाला, सैनिक सीनियर सकेंडरी स्कूल राजली, ए. एम. इंटरनेशलन र्स्पोट्स स्कूल खरक पूनियां, जाट हाई स्कूल सरसौद, न्यू काशी सीनियर सकेंडरी स्कूल बहबलपुर, हिन्दू सीनियर सकेंडरी स्कूल बहबलपुर, जीनियस हाई स्कूल खेड़ी वर्की, इण्डस पब्लिक स्कूल हिसार, संत एण्ड हरि हाई स्कूल धिकताना, सनराईज पब्लिक स्कूल सरसौद, भारती विद्या मंदिर स्कूल बरवाला, एसडी हाई स्कूल बरवाला, अरहम इंटरनेशनल स्कूल बरवाला, स्वामी रामदेव सीनियर सकेंडरी स्कूल बरवाला, होली होम सीनियर सकेंडरी स्कूल बरवाला, रियान इंटरनेशनल स्कूल किरोड़ी चोपटा, रिद्वनाथ सीनियर सकेंडरी स्कूल बालक, जवाहर नवोदय विद्यालय पाबड़ा, विद्या संस्कार इंटरनेशनल स्कूल तलवंडी रुक्का व मदर प्राईड स्कूल आदमपुर सहित जिले के सभी सरकारी स्कूलों में पॉलिथीन का उपयोग न करने की शपथ दिलवाई गई।

आर्कषण का केन्द्र रही जागरुकता रैली
राह ग्रुप फाउंडेशन के इस पॉलिथीन मुक्त भारत अभियान के दौरान निकाली गई जागरुकता रैली लोगों के आर्कषण का केन्द्र रही। विद्यार्थियों ने पॉलिथीन से नाता तोड़ों, जिन्दगी से नाता जोड़ों व पॉलिथीन को कदम-कदम से हटाएंगे, धरती को स्वर्ग बनाएंगे जैसे नारों लगा कर पॉलिथीन त्यागने का संदेश दिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने अलग-अलग नारों की तख्तियों के साथ गांवों व कस्बे मेंं पहुंचकर लोगों को जागरुक किया। इस दौरान विभिन्न स्कूलों में जागरुकता रैली निकालने के साथ-साथ, पेंटिंग/ड्राईंग व भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी विद्यार्थियों व आमजन को पॉलिथीन का उपयोग न करने के लिए प्रेरित किया गया।

कहां-कहां से कितने स्कूल
राह ग्रुप फाउंडेशन के इस जागरुकता अभियन के तहत हिसार शहर व हिसार ब्लॉक के 92 स्कूलों, हांसी शहर व दोनों ब्लॉकों के 49, बरवाला ब्लॉक के 34, उकलाना ब्लॉक के 33, नारनौंद व आदमपुर ब्लाक के 22-22 व अग्रोहा ब्लॉक के 18 प्राईवेट स्कूलों के अलावा सभी ब्लॉकों के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को सिंगल यूज पॉलिथीन व प्लास्टिक का उपयोग न करने की शपथ दिलवाई गई।

ये भी रहें महत्वपूर्ण तथ्य
देश भर में पॉलिथीन का प्रयोग बेतहाशा बढ़ा है। अकेले हरियाणाा राज्य में ही रोज लगभग 60 टन पॉलिथीन का इस्तेमाल होता है। जहां-तहां फेंके गये पॉलिथीन की वजह से राज्य के तकरीबन सभी शहरों में ग्राउंड वाटर लेबल काफी तले जा रहा है। पॉलिथीन हाइड्रोलॉजिकल साइकिल में अवरोधक बन जाता है। पॉलिथीन की परत के कारण धरती को न तो पर्याप्त मात्रा में जल मिल पाता है, और न ही वह पानी का उत्सर्जन कर पाती है। विशेषज्ञ की माने तो यदि पॉलिथीन का प्रयोग बंद कर दिया जाये, तो शहरों में ग्राउंड वाटर लेबल स्वत: ही ऊपर आ जायेगा।

पशुओं व पौधों के लिए यमराज है पॉलिथीन
वैज्ञानिकों के अनुसार पॉलिथीन को सड़ने में 1,000 वर्ष तक लग जाते हैं। ऐसे में जमीन पर पड़ा पॉलिथीन पेड़-पौधों को पोषक तत्व लेने से रोकता है। जिस कारण पौधों को आवश्यक आहार नहीं मिल पाता और कुछ ही दिनों बाद सूखने लगता है। एक अध्ययन के मुताबिक 20 किलोग्राम पॉलिथीन केवल छह महीने से भी कम समय में 50 वर्ष पुराने बरगद का नाश करने की क्षमता रखता है। इसी प्रकार हाल के दिनों में पॉलिथीन पशुओं की अस्वाभाविक मौत का भी बड़ा कारण बन गया है। यहां-वहां फेंका गया पॉलिथीन पशु भोजन समझ कर निगल लेते हैं। निगला गया पॉलिथीन पशुओं की अंतड़ियों में फंस कर यह उनकी मौत का कारण बन रहा है।

जमीन को बनता है बंजर
पॉलिथीन जमीन की उर्वरा शक्ति नष्ट कर देता है। इसके अलावा इससे निकलने वाली जहरीली गैस हवा के साथ मिल कर उसे जहरीली बना देती है। साथ ही पानी में फेंके जाने पर पॉलिथीन जलचक्र को भी प्रभावित करता है। शहरों में सीवरेज व खुली नालियों के जाम होने का मुख्य कारण भी यही पॉलिथीन है।


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