यमुनानगर : पराली जलाने पर प्रशासन ने इन 12 ग्राम पंचायतों को जारी किए नोटिस
21 नवंबर 2019, 1:47 PM
शिव लाल। हरियाणा मीडिया जंक्शन
यमुनानगर। खेतों में पराली जलाने पर जिला यमुनानगर की 12 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। जिला उपायुक्त मुकुल कुमार ने बताया कि माननीय सर्वोच्चय न्यायालय द्वारा सिविल रिट पैटिशन नम्बर 13029/1985 में 6 नवम्बर 2019 को आदेश पारित किए थे जिसमें न्यायालय द्वारा गांवों में किसानों द्वारा पराली को जलाए जाने बारे कड़ा सज्ञान लिया व आदेश जारी किए गए कि भविष्य में पराली जलाए जाने की एक भी घटना नहीं होनी चाहिए, यदि इसके पश्चात भी पराली जलाए जाने की कोई घटना घटित होती है, तो न केवल उस व्यक्ति को, जिस द्वारा पराली जलाई गई है बल्कि सम्बंधित सरपंच को भी माननीय सर्वोच्चय न्यायालय के आदेशों की अवहेलना के लिए दोषी ठहराया जाएगा। उपायुक्त मुकुल कुमार ने बताया कि उनके द्वारा एक अर्ध सरकारी पत्र क्रमांक 5207 दिनांक 6 नवम्बर 2019 भी जिला के सभी सरपंचों को लिखा गया था जिसमें स्पष्ट अनुरोध किया गया था कि वे यह सुनिश्चित करें कि गांवो में पराली जलाने की घटनाएं न हो। परंतु उप कृषि निदेशक यमुनानगर कार्यालय द्वारा पत्र क्रमांक 106 दिनांक 15 नवम्बर/18 नवम्बर 2019 द्वारा लिखा है कि बिलासपुर खण्ड की ग्राम पंचायत रामखेड़ी, ग्राम पंचायत ज्ञाने वाला, ग्राम पंचायत मारवाकलां व ग्राम पंचायत पाबनी कला। खण्ड छछरौली की ग्राम पंचायत उर्जनी, ग्राम पंचायत धर्मकोट, ग्राम पंचायत मलिकपुर बांगर व ग्राम पंचायत तिहानो, खण्ड सरस्वती नगर की ग्राम पंचायत गधौला तथा खण्ड प्रताप नगर की ग्राम पंचायत बेगमपुर के सरपंचों द्वारा गांवो में लोगों को पराली न जलाए जाने बारे जागरूक नहीं किया तथा अपने कर्तव्यों को नहीं निभाया गया। इस प्रकार इन सरपंचों द्वारा माननीय सर्वोच्य न्यायालय व उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की गई है जिसके लिए इन 12 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को इस कार्यालय के पत्र क्रमांक 5367-5400 दिनांक 19 नवम्बर 2019 द्वारा कारण बताओं नोटिस जारी किए गए हंै।


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